अब UP में सम्राट मिहिर की जाति पर विवाद:22 सितंबर को CM योगी दादरी में करेंगे प्रतिमा का अनावरण; करणी सेना की चेतावनी- मुख्यमंत्री इस विवाद से दूर रहें

गाजियाबाद/ग्रेटर नोएडाएक महीने पहले
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सम्राट मिहिर भोज की जाति को लेकर मध्यप्रदेश के ग्वालियर से उठा क्षत्रिय बनाम गुर्जर का विवाद अब UP में भी शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 22 सितंबर को ग्रेटर नोएडा के दादरी में मिहिर भोज पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज में सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा का अनावरण करेंगे। प्रतिमा के शिलापट पर सम्राट से पहले गुर्जर लिखवाया गया है। इसको लेकर सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है।

करणी सेना ने कहा है कि सम्राट मिहिर भोज गुर्जर हैं या राजपूत, यह एक विवादित मुद्दा है। इसलिए मुख्यमंत्री को इस विवादित मुद्दे से दूर रहना चाहिए।

ग्वालियर में 8 सितंबर को स्थापित हुई थी प्रतिमा

ग्वालियर में इस प्रतिमा के शिलापट पर सम्राट से पहले गुर्जर लिखा हुआ है, यहीं से सम्राट मिहिर भोज की जाति को लेकर विवाद की शुरुआत हुई।
ग्वालियर में इस प्रतिमा के शिलापट पर सम्राट से पहले गुर्जर लिखा हुआ है, यहीं से सम्राट मिहिर भोज की जाति को लेकर विवाद की शुरुआत हुई।

ग्वालियर नगर निगम ने शिवपुरी लिंक रोड पर सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा स्थापित की। 8 सितंबर को सांसद विवेक नारायण और विधायक सतीश सिकरवाल ने इसका अनावरण किया। इस प्रतिमा के शिलापट्ट पर गुर्जर सम्राट मिहिर भोज लिखा हुआ है।

क्षत्रिय समाज ने इस पर आपत्ति जताई है। क्षत्रिय समाज के लोगों का दावा है कि राजा मिहिर भोज गुर्जर नहीं थे। उन्होंने कहा है कि अगर गुर्जर शब्द नहीं हटाया गया तो क्षत्रिय समाज पूरे देश में आंदोलन करेगा। इधर, गुर्जर समाज ने सम्राट के गुर्जर होने के दस्तावेज दिखाने का दावा किया है।

करणी सेना ने प्रदेश में आंदोलन करने की चेतावनी दी

करणी सेना के प्रदेश संगठन महामंत्री बृजेश राणा का कहना है कि सम्राट मिहिर भोज गुर्जर हैं या राजपूत, यह एक विवादित मुद्दा है। इसलिए शिलापट पर जाति लिखवाना उचित नहीं है। वह मूर्ति अनावरण के विरोध में 19 सितंबर को बुलंदशहर जिले में खुर्जा-सिकंदराबाद विधायक को ज्ञापन देंगे।

UP में भाजपा की सम्राट मिहिर में दिलचस्पी इसलिए
5 सितंबर को जाटलैंड मुजफ्फरनगर में संयुक्त किसान मोर्चा ने केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ महापंचायत किया था। महापंचायत में अल्लाह हू अकबर और हर हर महादेव जैसे धार्मिक नारे लगाकर 2013 में हुए दंगे से बिगड़े सामाजिक ताने-बाने को सुधारने की कवायद की गई। कहा जा रहा है कि इससे भाजपा के जाट वोट बैंक पर बड़ी चोट पहुंची है।

जाट वोट बैंक की काट में भाजपा गुर्जरों को साधने की जुगत में है। पश्चिमी यूपी में गुर्जर समुदाय के लोग सम्राट मिहिर को अपना पूर्वज बताते हैं। पश्चिमी यूपी की 25 से अधिक सीटों पर गुर्जर समुदाय हिस्सेदारी 20 से 70 फीसदी है। 2017 के विधानसभा चुनाव में अवतार सिंह भड़ाना, डॉक्टर सोमेंद्र तोमर, तेजपाल नागर, प्रदीप चौधरी और नंद किशोर गुर्जर जीतकर विधानसभा पहुंचे थे। ये पांचों विधायक पश्चिमी यूपी से हैं।

सम्राट मिहिर भोज की जाति को लेकर क्षत्रिय और गुर्जर अपना-अपना दावा करते रहे हैं।
सम्राट मिहिर भोज की जाति को लेकर क्षत्रिय और गुर्जर अपना-अपना दावा करते रहे हैं।

कौन थे सम्राट मिहिर भोज?
सम्राट मिहिर भोज का राज 836 ईस्वीं से 885 ईस्वी तक रहा। वह प्रतिहार कन्नौज के शासक थे। उनका साम्राज्य मुल्तान से पश्चिम बंगाल तक और कश्मीर से कर्नाटक तक फैला हुआ था। 49 साल तक राज करने के बाद वे अपने बेटे महेंद्रपाल को सिंहासन सौंपकर संन्यास के लिए वन में चले गए थे।

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