ग्रेटर नोएडा में करप्शन फ्री इंडिया संगठन का प्रदर्शन:स्वतंत्रता सेनानी की पत्नी के सम्मान के लिए प्रधानमंत्री के नाम दिया ज्ञापन

ग्रेटर नोएडा4 महीने पहले
करप्शन फ्री इंडिया संगठन के कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री के नाम सौंपा पत्र।

गौतमबुद्ध नगर के कनारसी गांव के स्वतंत्रता संग्राम के सेनानी स्वर्गीय चंदू सिंह गुर्जर की धर्मपत्नी विद्या देवी एवं परिजनों को सम्मान न देने पर गौतमबुद्ध नगर के जिला प्रशासन के अधिकारियों पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के परिजनों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया गया । जिसके विरोध में करप्शन फ्री इंडिया संगठन के कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय पर हल्ला बोल प्रदर्शन किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं जिलाधिकारी के नाम एक ज्ञापन सौंपा।

बुधवार को जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन करते हुए करप्शन फ्री इंडिया संगठन के संस्थापक चौधरी प्रवीण भारतीय ने बताया कि कनारसी गांव निवासी स्वर्गीय श्री चंदू सिंह गुर्जर ने देश को आजाद कराने के लिए नेताजी सुभाष चंद्र बोस के साथ मिलकर आजाद हिंद फौज बनाई और देश को आजाद कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्वर्गीय चंदू सिंह गुर्जर ने देश की आजादी के खातिर ब्रिटिश सरकार के अफसरों के द्वारा दी गई अनेकों यातनाएं सहनी पड़ी। आजादी के दीवाने चंदू सिंह गुर्जर आंदोलन के दौरान जापान,बर्मा एवं कई देशों की जेलों में बंद रहे। चौधरी प्रवीण भारतीय ने कहा की आजादी के बाद 1972 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी जी ने स्वतंत्रता सेनानी चंदू सिंह नागर को ताम्रपत्र से भी सम्मानित किया था। चंदू सिंह गुर्जर का स्वर्गवास भी आजादी के दिन 15 अगस्त 1999 को हुआ।

पिछले तीन वर्षों से की जा रही है अनदेखी

उन्होंने कहा की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आजादी के अमृत महोत्सव के तहत स्वतंत्रता सेनानियों और उनके परिजनों को सम्मानित करने की बात कही थी लेकिन गौतमबुद्ध नगर में कोई भी अधिकारी स्वतंत्रता सेनानी के घर तक नहीं पहुंचा और न ही किसी को सम्मानित किया गया। पिछले तीन वर्षों से किसी भी अधिकारी द्वारा उनके परिवार की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया गया।

जिम्मेदार अधिकारियों पर हो कार्रवाई

उन्होंने कहा की स्वतंत्रता सेनानी की धर्मपत्नी विद्या गुर्जर एवं परिजनों की अनदेखी कर गौतम बुद्ध नगर जिला प्रशासन ने उनका अपमान किया है। चौधरी प्रवीण भारतीय ने कहा कि इस अपमान के विरोध में जिला मुख्यालय पर हल्ला बोल प्रदर्शन कर पत्र के माध्यम से मांग की गई है कि जिस अधिकारी की जिम्मेदारी स्वतंत्रता सेनानी के परिजनों को सम्मानित करने की थी उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।साथ ही अधिकारी घर जाकर उनका सम्मान करें।

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