नोएडा में फर्जी डिग्री बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़:पांच हज़ार रुपये प्रतिदिन के हिसाब से देते थे ऑनलाइन एड,दो आरोपी गिरफ्तार

नोएडा7 दिन पहले
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सेक्टर 63 पुलिस ने छापेमारी कर फर्जी  कागजात बनाने वाले दो आरोपियों को किया गिरफ्तार। - Dainik Bhaskar
सेक्टर 63 पुलिस ने छापेमारी कर फर्जी कागजात बनाने वाले दो आरोपियों को किया गिरफ्तार।

नोएडा की थाना सेक्टर 63 पुलिस ने फर्जी डिग्री बनाने वाले अंतरराज्यीय गैंग के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है।पुलिस ने इनके ऑफिस पर छापेमारी करते हुए इनके कब्जे से भारी मात्रा में फर्जी मार्कशीट व अन्य दस्तावेज बरामद किये है।यह भोले भाले लोगों को झांसे में लेकर उनकी फर्जी डिग्री व अन्य कागजात तैयार किया करते थे ।

दरअसल थाना सेक्टर 63 पुलिस को सूचना मिली की फर्जी डिग्री व कागजात बनाने वाला एक गिरोह इस समय नोएडा में सक्रिय है। वह भोले वाले लोगों को अपने झांसे में लेकर फर्जी डिग्री बनाकर पैसे ऐठ रहा है। इसी सूचना पर थाना सेक्टर 63 पुलिस ने सेक्टर 63 के बी 44 में छापेमारी की।छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया।

पुलिस ने मौकै से आनंद शेखर व चिराग को गिरफ्तार किया ।पुलिस ने इनके ऑफिस से 85 फर्जी मार्कशीट/प्रमाण पत्र , 58 लिफाफे फर्जी मार्कशीट ,55 अलग अलग कंपनियों के सिम कार्ड व अन्य दस्तावेज बरामद किए।यह लोग बी 44 के सेकेंड फ्लोर पर फर्जी डिग्री बनाने का काम करते थे।

बेंगलुरु से भागकर आये थे नोएडा

सेंट्रल नोएडा के एडिशनल डीसीपी साद मिया खान ने बताया कि इन लोगों का एक गिरोह है जो भोले भाले लोगों को कम पैसों में विभिन्न कोर्सों/डिप्लोमा की डिग्री/अंकतालिका उपलब्ध कराते हैं। इन लोगों ने बेंगलुरु में भी यही कार्य किया था ।जिनके विरुद्ध वहां पर मुकदमा लिखा जाने से ये वहां से छोड़कर नोएडा भाग आये थे।

पांच हज़ार रुपए रोज में कराते थे अपना विज्ञापन

एडिशनल डीसीपी ने बताया कि इनके द्वारा इंटरनेट के माध्यम से 5,000 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से एड करते थे जो भी इनके एड पर क्लिक करता था। उसका नम्बर इनके पास आ जाता था जिसके बाद उनके पास यह कॉल करके अपने विभिन्न कोर्सों के बारे में जानकारी देते थे ।ग्राहक की जरूरत के हिसाब से यह उनके लिए डिग्री तैयार करते थे और उसी हिसाब से पैसे लेते थे।

20 वर्ष पुराने फर्जी कागजात भी करते थे तैयार

उन्होंने बताया कि जो भी भोला भाला व्यक्ति इनके झांसे में आ जाता था तो ये उनसे 30 से 70 हजार रुपये तक पैसा नगद लेकर फर्जी मार्कशीट/डिग्रियां उपलब्ध करा देते थे । यह लोग इतने शातिर थे कि लगभग 20 साल तक पुरानी अंकतालिका/डिग्री देने का भी ठेका ले लेते थे और लोगों से पैसा लेकर डिग्री उपलब्ध कराते थे । अब तक ये सैकड़ों लोगों को अपना निशाना बना चुके है।जनवरी से ये लोग यहां पर काम कर रहे थे।

पहले बेंगलुरु में करते थे यही काम

फिलहाल पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि इनके गिरोह के अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। यह अब तक काफी लोगों को अपना निशाना बना चुके हैं।इन लोगों के खिलाफ बेंगलुरु में भी मुकदमा दर्ज है साथ ही पुलिस अन्य थानों से भी इनके आपराधिक इतिहास के बारे में जानकारी जुटा रही है।

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