जेवर एयरपोर्ट के लिए हनुमान जी शिफ्ट हुए:ग्रेटर नोएडा में 70 साल पुरानी हनुमान जी की मूर्ति को विस्थापित किया गया; यहां एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बनेगा

ग्रेटर नोएडा2 महीने पहले
क्रेन की मदद से मूर्ति को हटाकर बनवारी बाग गांव में स्थापित की जा रही है।

सोमवार को ग्रेटर नोएडा में जेवर एयरपोर्ट के लिए हनुमान जी की मूर्ति विस्थापित की गई। प्रशासनिक अधिकारियों ने सोमवार को पूजा-अर्चना के बाद रोही गांव से मूर्ति को क्रेन की मदद से हटाया। बताया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश के जेवर में एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बनने वाला है। जेवर एयरपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ड्रीम प्रोजेक्ट है। इसका काम जल्द शुरू होने वाला है।

जेवर एयरपोर्ट का मॉडल। कुछ इसी तरह तैयार होगा एयरपोर्ट।
जेवर एयरपोर्ट का मॉडल। कुछ इसी तरह तैयार होगा एयरपोर्ट।

गांव को भी किया जा रहा विस्थापित
जेवर एयरपोर्ट में आने वाले गांवों को भी विस्थापित किया जा रहा है। रोही गांव को विस्थापित कर दूसरी जगह बसा दिया गया है। इसके अलावा प्राचीन मंदिरों को भी विस्थापित किया जा रहा है। यह जमीन जेवर एयरपोर्ट के लिए अधिग्रहित थी। अब पूजा-अर्चना के बाद ही मूर्ति की स्थापना बनवारी बाग गांव में की जाएगी। ग्रामीणों ने इसके लिए आभार जताया है।

शानदार होगा एयरपोर्ट
जेवर एयरपोर्ट दुनिया की बेहतरीन और नवीन तकनीक से बनेगा। यहां सारी सुविधाएं डिजिटल होंगी। इस एयरपोर्ट पर मुसाफिरों को कस्टमाइज्ड सुविधाएं मिलेंगी यानी यात्रियों को उनकी जरूरत के हिसाब से सुविधाएं दी जाएंगी।

एयरपोर्ट वर्ल्ड क्लास का होगा। बताया जा रहा है कि ये एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट होगा।
एयरपोर्ट वर्ल्ड क्लास का होगा। बताया जा रहा है कि ये एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट होगा।

29 हजार करोड़ खर्च होंगे
जेवर में एयरपोर्ट के लिए 6 गांवों के 5926 किसानों की जमीन का अधिग्रहण किया गया है। इन गांवों में रन्हेरा, रोही, पारोही, बनवारीवास, किशोरपुर, दयानतपुर गांव शामिल है। करीब 1,339 हेक्टेयर में बनाए जाने वाले इस हवाईअड्डे पर करीब 29,500 करोड़ रुपये की लागत आएगी।

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