2 करोड़ की ठगी में 2 फ्रॉड गिरफ्तार:लखनऊ में अफसरों के यहां कार लगवाने के कॉन्ट्रैक्ट का दिया झांसा, फिर ई-बाइक कंपनी के नाम पर महिला से लिए 2 करोड़

गाजियाबाद2 महीने पहले
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ठग दीपक और उसके साथी विपिन तोमर  गिरफ्तार। - Dainik Bhaskar
ठग दीपक और उसके साथी विपिन तोमर गिरफ्तार।

नोएडा पुलिस ने शनिवार को 2 करोड़ की ठगी करने वाले 2 ठगों दीपक और उसके साथी विपिन तोमर को गिरफ्तार किया है। ये उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग और यूपी पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (EOW) में कार लगवाने के नाम पर जालसाजी करते थे। पकड़े गए आरोपियों के पास से एक कार और आईफोन बरामद हुआ है।

ससुर को निदेशक बताकर दिखाया प्रभाव
दरअसल, ओमीक्रोन-3 ग्रेटर नोएडा निवासी रीतू चौधरी ने 6 अगस्त को ही दीपक, पुस्पा, रूही, वासु, कोमल निवासी सूरजपुर व एसके मलिक के खिलाफ ठगी का केस थाना फेस-तृतीय में दर्ज कराया था। मामले में 2 ठगों की गिरफ्तारी हुई है, बाकी की तलाश जारी है। रीतू चौधरी के अनुसार, सोसाइटी में रहने वाली एक महिला से उनकी जान-पहचान हुई। उस महिला ने रीतू को अपने पूरे परिवार से मिलाया। इसके बाद पारिवारिक ताल्लुकात हो गए। आरोपी दीपक ने रीतू को बताया कि उसके ससुर एस के मलिक लखनऊ में प्रशासन एवं विकास पशुपाल विभाग में निदेशक हैं।

नोएडा पुलिस ने आरोपियों से एक कार भी बरामद की है।
नोएडा पुलिस ने आरोपियों से एक कार भी बरामद की है।

25 हजार महीना किराया दिलाने का दिया झांसा
सितंबर-2020 में दीपक ने बताया कि ससुर ने उसको अधिकारियों के यहां उप्र परिवहन विभाग में 100 कार और EOD में 40 कार लगवाने का कॉन्ट्रैक्ट दिया है। रीतू को झांसा दिया कि वह एक कार की कीमत 3-4 लाख रुपए देंगी, तो उन्हें हर महीने 25 हजार रुपए बतौर किराया मिलता रहेगा। रीतू इस झांसे में आ गईं।

बाइक बोट की तरह ई-बाइक कंपनी
इसके बाद आरोपियों ने उन्हें दूसरा झांसा ई-बाइक कंपनी खोलने का दिया। जिस तरह बाइक बोट कंपनी थी। रीतू के अनुसार, उनसे कुल 2 करोड़ रुपए ऐंठे। इसके बदले सिर्फ 23 लाख रुपए वापस आए थे। पीड़िता ने जब अपने रुपए वापस मांगे तो उन्हें सिर्फ धमकी मिली। जिसके बाद उन्होंने थाना फेस-तीन में फ्रॉड का केस दर्ज कराया। पुलिस ने बताया कि बाकी आरोपी भी जल्द पकड़े जाएंगे।

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