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वाहन पार्किंग के नाम पर नोएडा प्राधिकरण ने की फिजूलखर्ची:औद्योगिक संगठन एमएसएमई इंडस्ट्रियल एसोसिएशन ने नोएडा विधायक को पत्र लिखकर उठाया सवाल

नोएडाएक महीने पहले
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पत्र में लिखा गया है कि खाली पड़ी पार्किंग में कच्चे माल का बाजार बनाया जाए। इसका लाभ उद्यमियों को मिलेगा। - Dainik Bhaskar
पत्र में लिखा गया है कि खाली पड़ी पार्किंग में कच्चे माल का बाजार बनाया जाए। इसका लाभ उद्यमियों को मिलेगा।

नोएडा प्राधिकरण ने छह स्थानों पर 1074 करोड़ रुपया खर्च कर कार पार्किंग बनाई है, लेकिन परियोजनाओं का लाभ शहरवासियों को नहीं मिल पा रहा है। पार्किंग खाली पड़ी है, अब प्राधिकरण रखरखाव के नाम पर लाखों रुपया प्रति माह खर्च कर रहा है. यह फिजूलखर्ची है। यह आरोप एमएसएमई इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने नोएडा विधायक पंकज सिंह को पत्र लिखकर लगाए हैं।

पत्र में लिखा गया है कि खाली पड़ी पार्किंग में कच्चे माल का बाजार बनाया जाए। इसका लाभ उद्यमियों को मिलेगा। संगठन के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह नाहटा ने कहा है कि पार्किंग के निर्माण से पहले योजना के लाभ हानि पर अधिकारियों ने काम नहीं किया। कुछ पार्किंग पार्क, ग्रीन बेल्ट की जमीन पर भी बना दी गईं, जो नियमों का उल्लंघन हैं। कार पार्किंग उद्योगों से काफी बहुत दूर हैं। इसका भी लाभ उद्यमियों को नहीं मिल रहा है।

शापिंग माल के पास पार्किंग बनाने का मतलब समझ से परे

उद्योगों की जरूरत को ध्यान में रखकर पार्किंग का निर्माण किया जाना चाहिए था, लेकिन कार पार्किंग शापिंग माल के पास बनाई गई। जबकि शापिंग माल में पहले से ही पार्किंग की सुविधा हैं। ऐसे में माल आने जाने वालों के लिए यह कार पार्किंग किसी काम की नहीं है।

प्रति कार की पार्किंग पर 8.5 लाख का खर्च आया

छह स्थानों पर 12653 वाहनों की पार्किंग के लिए 1074 करोड़ रुपये खर्च किया गया। औसतन एक कार की पार्किंग पर करीब 8.5 लाख का खर्च आया है।

उद्योगों को मिलेगा बढ़ावा, राजस्व बढ़ेगा

औद्योगिक शहर होने के नाते खाली पार्किंग में उत्पादों की टेस्टिंग लैब, डिस्प्ले व एक्सपो सेंटर, ट्रांसपोर्ट सुविधा, श्रमिक कुंज, श्रमिकों के लिए कैंटीन, कच्चे माल का बाजार, मशीनरी बाजार, हार्डवेयर बाजार जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए। इससे उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा, सरकार का राजस्व बढ़ेगा।

कहां कहां बनाई गई हैं ये पार्किंग

स्थानक्षमताखर्च
सेक्टर-38 ए7000 वाहन580 करोड़
सेक्टर-एक534 वाहन47 करोड़
सेक्टर-तीन565 वाहन62 करोड़
सेक्टर-पांच262 वाहन32 करोड़
सेक्टर-183000 वाहन243 करोड
सेक्टर-16 ए1292 वाहन110 करोड़
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