1 लाख लोगों को रोजगार देगा जेवर एयरपोर्ट:यहां देश का सबसे बड़ा एयरक्राफ्ट मेंटिनेंस सेंटर भी बनेगा, फिल्म सिटी और इंडस्ट्रीज डेवलप होंगी

नोएडा12 दिन पहले
ये बीजिंग के एयरपोर्ट का मॉडल है। इसी की तर्ज पर जेवर एयरपोर्ट का निर्माण किया जाएगा।

जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट का कल यानी 25 नवंबर को शिलान्यास होना है। एयरपोर्ट के पास MRO सेंटर, फिल्म सिटी, मेडिकल इंस्टीट्यूट्स और इंडस्ट्रीज आदि डेवलप की जाएंगी। इनके बन जाने से करीब एक लाख लोगों को रोजगार का मौका मिलेगा। इस बात का दावा सीएम योगी आदित्यनाथ भी कर रहे हैं।

जेवर एयरपोर्ट से सटे जिलों को काफी फायदा होगा। नोएडा, गाजियाबाद, अलीगढ़, बुलंदशहर, आगरा, मथुरा समेत पश्चिम यूपी के 30 जिलों और हरियाणा के फरीदाबाद, पलवल और वल्लभगढ़ के लोगों को सुविधाएं मिलेंगी। यमुना एक्सप्रेस वे अथॉरिटी के मुताबिक, करीब 6 लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार मिलेगा। अगले 4 सालों में दिल्ली, हरियाणा के NCR के जिले और उत्तर प्रदेश के पश्चिम के जिलों को लाभ मिलने वाला है।

ये इलेस्ट्रेशन है। कुछ इसी तरह जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निर्माण होगा। सितंबर 2024 तक पहला फेज तैयार हो जाएगा।
ये इलेस्ट्रेशन है। कुछ इसी तरह जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निर्माण होगा। सितंबर 2024 तक पहला फेज तैयार हो जाएगा।

जानिए, जेवर एयरपोर्ट के आसपास क्या कुछ डेवलप होने वाला है...

1. इंडस्ट्री हब बनेगा
यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के अधिकारियों के मुताबिक, 126 उद्योग-धंधे स्थापित होंगे। इससे युवाओं को नौकरियां मिलेंगी। एयरपोर्ट बनने के साथ-साथ उद्योगों के स्थापित होने की भी तैयारियां पूरी हो गई हैं।

2. टेक्सटाइल का बड़ा काम होगा
टेक्सटाइल की 100 से अधिक इकाइयों ने यमुना प्राधिकरण से यहां पर अपने उद्योग लगाने के लिए जमीन की बात की है। 10 हजार करोड़ रुपए का निवेश किया जा सकता है। उद्योगधंधों के लिए जमीन के आवेदन करने की बात चल रही है।

3. फिल्म सिटी से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
जेवर एयरपोर्ट के शिलान्यास से पहले जायजा लेने नोएडा पहुंचे सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि फिल्म सिटी पर तेजी से काम जारी है। एयरपोर्ट के पास फिल्म सिटी बनने से यहां पर कलाकारों और फिल्मी/टेलीविजन की दुनिया से जुड़े लोगों को आना आसान हो जाएगा। 10 हजार करोड़ रुपए की प्रस्तावित इस योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन मंगाए गए हैं। दिसंबर में पहली बिडिंग है। फिल्म सिटी का निर्माण करीब 1000 एकड़ में किया जाएगा। फिल्म सिटी में एक यूनिवर्सिटी खोलने की भी योजना है।

4. MRO सेंटर
MRO (मेंटिनेंस, रिपेयर एंड ओवरहालिंग) सेंटर एयरक्राफ्ट मेंटिनेंस के लिए बनाया जाता है। देश का सबसे बड़ा MRO जेवर एयरपोर्ट में बनाया जाएगा। यहां पर 80 हजार करोड़ रुपए का निवेश होगा। होटल, शॉपिंग सेंटर और कन्वेंशन सेंटर बनेंगे। 2 हेक्टेयर में ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट, 3 हेक्टेयर में कंवेंशन कम एग्जीबिशन सेंटर, 2 हेक्टेयर में कॉमर्शियल & रिटेल ऑफिस और 4 हेक्टेयर में मिड स्केल होटल बनाए जाएंगे।

अभी तक देश में एकमात्र MRO सेंटर महाराष्ट्र के नागपुर में है। यह काफी छोटा है। इसलिए सारे एयरक्राफ्ट का मेंटिनेंस यहां नहीं हो पता। भारत के ज्यादातर एयरक्राफ्ट अपना मेंटिनेंस उसी देश में करा लेते हैं, जहां के लिए वह उड़ान भर रहे होते हैं। श्रीलंका, भूटान में बड़े मेंटिनेंस सेंटर हैं। दुनियाभर में MRO इंडस्ट्री का कारोबार करीब 48 हजार करोड़ रुपए का है, जिसमें भारत का योगदान सिर्फ एक प्रतिशत है।

इंडस्ट्रीज, एयरपोर्ट और MRO से लाखों नौकरियां

  • जेवर एयरपोर्ट के करीब 69 फर्मों को 146 हेक्टेयर औद्योगिक जमीन दी गई है।
  • ये जमीनें मई, जून और जुलाई में आवंटित की गई थीं।
  • इनसे करीब 86 हजार लोगों को रोजगार के सीधे तौर पर अवसर पैदा होंगे।
  • जेवर एयरपोर्ट पर MRO सेंटर करीब 1200 हेक्टेयर जमीन पर बनेगा।
  • दूसरे फेज में यह साल 2032 तक पूरा होगा, 2800 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
  • पहले फेज में एयरपोर्ट चालू होते ही एक लाख लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे।
  • साल-2050 में पूरी क्षमता पर चालू होगा तो रोजगार के अवसर दस गुना से ज्यादा हो जाएंगे।
  • दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में रहने वाले लोगों को सबसे ज्यादा फायदा होगा।
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