नोएडा में स्कूल बंदी के आदेश रात में वापस:21 नवंबर तक स्कूल बंद करने के हुए थे आदेश, बाद में कहा- पत्र गलती से जारी हो गया

गाजियाबाद19 दिन पहले
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नोएडा में एयर पोल्यूशन कंट्रोल टॉवर बुधवार से शुरू हो गया। दावा है कि एक किलोमीटर रेडिएस हवा को यह साफ कर देगा। - Dainik Bhaskar
नोएडा में एयर पोल्यूशन कंट्रोल टॉवर बुधवार से शुरू हो गया। दावा है कि एक किलोमीटर रेडिएस हवा को यह साफ कर देगा।

बढ़ते प्रदूषण के मद्देनजर नोएडा और मुजफ्फरनगर जिले में 21 नवंबर तक स्कूल बंदी के आदेश कुछ ही घंटे बाद वापस ले लिए गए। बताया गया कि ये आदेश गलती से जारी हो गए थे।

जिला सूचना विभाग ने बुधवार शाम उप्र प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के एक पत्र का हवाला देकर 21 नवंबर तक सभी स्कूल-कॉलेज बंद होने की जानकारी दी। बोर्ड की तरफ से यह पत्र मुख्य पर्यावरण अधिकारी विवेक राय का था, जो गाजियाबाद, हापुड़, नोएडा, बागपत, मुजफ्फरनगर, शामली और बुलंदशहर के डीएम को भेजा गया था। इसमें इन जिलों के स्कूल-कॉलेज बंद रखने की बात कही गई थी।

बुधवार रात करीब 10 बजे विवेक राय की तरफ से एक नया पत्र जारी करके बताया गया कि उक्त फैसला अभी शासन स्तर पर विचाराधीन है, इसलिए पुराना आदेश निरस्त समझें। उप्र प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के पर्यावरण अधिकारी द्वारा आदेश वापस लिए जाने के बाद नोएडा व मुजफ्फरनगर के डीएम ने भी बुधवार रात अपने-अपने आदेश वापस ले लिए हैं।

नोएडा में हुई वर्चुअल बैठक

बुधवार को गौतमबुद्धनगर डीएम सुहास एल वाई की अध्यक्षता में हुई जिला पर्यावरण समिति, वृक्षारोपण समिति और जिला वैटलेंड समिति की वर्चुअल बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं। कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मॉनीटरिंग कमेटी की सिफारिशों के बाद इन फैसलों को तत्काल प्रभाव से अमल में लाने का निर्देश दिया गया है।
यह निर्णय लिए गए

  • धूल उड़ाने व वायु प्रदूषण फैलाने वालों पर दंडात्मक कार्रवाई हो
  • प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट तथा सूखे-गीले कूड़े का निस्तारण हो
  • खाली स्थानों पर कूड़ा नहीं जलाया जाए
  • ठोस अपशिष्ट को इकट्ठा करने हेतु डंपिंग ग्राउंड बनाया जाए। वहां फायर लाइन और पानी के स्त्रोत हों
  • खुले स्थान में कूड़ा जलाने वाले व्यक्ति के विरुद्ध एफआईआर हो
  • पांच साल में किए गए वृक्षारोपण की सत्यापन रिपोर्ट उपलब्ध कराएं
  • जिले के तालाबों में पानी की जांच कराई जाए
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