नोएडा प्राधिकरण में 122 दिन से चल रहा धरना खत्म:प्राधिकरण और किसानों के बीच बनी सहमति, सांसद और विधायक ने खिलाई मिठाई

नोएडाएक वर्ष पहले
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नोएडा प्राधिकरण में किसानों का धरना खत्म। - Dainik Bhaskar
नोएडा प्राधिकरण में किसानों का धरना खत्म।

नोएडा प्राधिकरण पर 122 दिनों से किसानों का प्रदर्शन शुक्रवार को समाप्त हो गया। 2 दिनों पहले ही किसानों और अधिकारियों के बीच रात को वार्ता हुई थी। शुक्रवार को भी असमंस की स्थिति बन रही थी, लेकिन शाम होते-होते फाइनल ड्राफ्ट तैयार किया गया और किसानों ने आमरण तोड़ धरना समाप्त कर दिया। किसान धीरे-धीरे अपने घर की तरफ रवाना हो रहे हैं।

भारतीय किसान परिषद के अध्यक्ष सुखबीर पहलवान ने बताया कि किसान पिछले करीब 122 दिनों से नोएडा प्राधिकरण पर प्रदर्शन कर रहे थे। 2 दिनों पहले किसानों और अधिकारियों के बीच देर रात को वार्ता हुई थी, जिसमें नोएडा के अधिकारियों ने किसानों के मुद्दे पर सहमति बना दी थी। जिसके बाद ही किसान आंदोलन समाप्त हुआ है। फाइनल ड्राफ्टिंग के लिए सासंद डॉ. महेश शर्मा धरना स्थल पहुंचे। उन्होंने वहा किसानों से बातचीत की और आश्वास्त किया कि जिन मामलों में फाइनल ड्राफ्टिंग की गई है, वह सभी पूरी की जाएंगी।

हजारों किसानों पर मुकदमा दर्ज

इस प्रदर्शन के दौरान हजारों किसानों पर मुकदमे दर्ज हुए हैं। किसानों ने अपनी मांगों को लेकर कभी चिल्ला बॉर्डर तो कभी सांसद-विधायक के घर का घेराव किया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जब ग्रेटर नोएडा आ रहे थे तो दादरी विधायक तेजपाल नागर का घेराव किया था। उस समय सुखबीर खलीफा समेत 800 किसानों पर मुकदमा दर्ज किया गया था। किसानों का एक ही नारा था कि उनकी मांगों को जब तक पूरा नहीं किया जाएगा, वह नोएडा प्राधिकरण के गेट पर डटे रहे। अब किसानों की मांग पूरी हो गई है। बताया यह भी जा रहा है कि किसानों पर दर्ज मुकदमों को वापस लिया जा सकता है।

क्या है किसानों मांग

आपको बता दें कि किसानों के मुख्य 4 मांगे हैं। पहली मांग यह है कि आबादी जैसी है, वैसी छोड़ी जाए। दूसरी मांग है कि नोएडा के सभी किसानों को 10 प्रतिशत प्लॉट दिए जाएं। तीसरी मांग है कि नोएडा के किसानों के लिए नक्शा नीति लागू नहीं हो और चौथी मांगें है कि सभी किसानों को कमर्शियल गतिविधियों के लिए जमीन दी जाए। शुक्रवार को नोएडा प्राधिकरण के अफसरों ने किसानों की इन मांगों पर सहमति बना दी हैं।

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