NCRB की रिपोर्ट...UP के 3 शहर क्राइम में अव्वल:2020 में देश के 19 शहरों में 1849 मर्डर, बदले में हुए 396 कत्ल; लखनऊ में 81, कानपुर में 41 और गाजियाबाद में 23 हत्या हुईं

गाजियाबादएक महीने पहले
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राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़ों के हिसाब से देश के 19 महानगरों में 1849 हत्याएं हुई हैं। सबसे अधिक हत्या व्यक्तिगत प्रतिशोध में 396 हुई हैं। वहीं, 292 हत्याएं छोटी-छोटी बात पर हुई हैं। वहीं, परिवारों में भी आपसी दुश्मनी खूब बढ़ी। 168 हत्याएं परिवार में हुए विवाद में की गईं। इसके अलावा रुपयों के लेनदेन में 97 और प्रेम-प्रसंग में 96 हत्याएं हुईं।

UP में हर दिन 10 हत्याएं

रिपोर्ट में दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु सहित देश के 19 महानगरों को शामिल किया गया है। इनकी आबादी 20 लाख या इससे अधिक है। इस कैटेगरी में यूपी के तीन शहर लखनऊ, कानपुर और गाजियाबाद हैं। 2020 में लखनऊ में 81, कानपुर में 41 और गाजियाबाद में 23 हत्या हुई हैं। तीनों शहरों में मामूली झगड़ों में 20 और पारिवारिक विवादों में 24 हत्या हुईं। गाजियाबाद में सात हत्या सिर्फ प्रेम-प्रसंग के चलते हुईं। कानपुर में संपत्ति विवाद में ही 27 और लखनऊ में 11 लोगों का कत्ल कर दिया गया।

अपहरण में टॉप-3 में लखनऊ

19 मेट्रोपोलिटिन शहरों में सबसे ज्यादा अपहरण में लखनऊ तीसरे नंबर पर है। साल-2020 में दिल्ली में 4011, मुंबई में 1173 और लखनऊ में 735 केस अपहरण के दर्ज हुए हैं। कानपुर में 223 और गाजियाबाद में 78 केस आए हैं। हालांकि 2018 और 2019 की तुलना में 2020 में अपहरण के मामलों में कमी जरूर आई है।

महिला अपराध भी खूब

देश के 19 बड़े महानगरों में महिला अपराध के 35331 मामले साल-2020 में दर्ज हुए। इनमें लखनऊ में 2636, कानपुर में 1056 और गाजियाबाद में 341 अपराध महिलाओं से जुड़े हुए थे। सबसे ज्यादा केस दहेज उत्पीड़न के आए। इसके अलावा महिलाओं के अपहरण के लखनऊ में 54, कानपुर में 31 और गाजियाबाद में 63 मामले आए।

गाजियाबाद में IPC के मामलों में कमी

एनसीआरबी की रिपोर्ट के अनुसार, गाजियाबाद में साल-2020 में आईपीसी के कुल मामले 7328 दर्ज हुए। 2019 में इनकी संख्या 9159 और 2018 में 11765 थी। यानि पिछले तीन साल में अपराध कम हुए हैं। इसका एक फैक्टर यह भी कहा जा सकता है कि साल-2020 का ज्यादातर वक्त कोरोना के चलते लॉकडाउन में ही बीता।

हालांकि साइबर अपराध में बढ़ोतरी हुई है। 2018 में जहां 191 केस दर्ज हुए, वहीं 2020 में इनकी संख्या बढ़कर 756 हो गई। महिला संबंधी अपराध में भी करीब 50 फीसदी कमी आई है।

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