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दिल्ली में कड़ी सुरक्षा के बीच ‘किसान संसद’ शुरू:सिंघु बॉर्डर पर आधे घंटे तक रोका गया था किसानों का काफिला, किसान नेताओं की पुलिस से हुई थी तीखी नोकझोंक

गाजियाबाद2 दिन पहले
किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि किसान संसद से जो प्रस्ताव पास होंगे, उन्हें सरकार को मानना चाहिए।

दिल्ली-हरियाणा हाईवे स्थित सिंघु बॉर्डर से चलकर 200 किसान पांच बसों व अन्य निजी वाहनों से दोपहर एक बजे के करीब दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचे। उन्होंने संसद भवन के पास जंतर- मंतर पर कड़ी सुरक्षा के बीच ‘किसान संसद’ शुरू किया। जो 9 अगस्त तक चलेगा। दिल्ली पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स के जवानों ने ‘किसान संसद’ के करीब 200 मीटर एरिया को पूरी तरह सील कर रखा है। चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा है और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी हो रही है।

टिकैत बोले-किसान संसद से पारित प्रस्ताव को सरकार को मानना चाहिए
किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि इस ‘किसान संसद’ से जो प्रस्ताव पास होंगे, उन्हें सरकार को मानना चाहिए। देश के करोड़ों किसानों की परेशानियों का इलाज दिल्ली की संसद में है। किसान नेता योगेंद्र सिंह यादव, बलवीर सिंह राजेवाल, डॉ. दर्शनपाल, हन्नान मोहल्ला, जगजीत सिंह डल्लेवाल, शिवकुमार शर्मा आदि किसान नेताओं ने भी विचार रखे।

9 अगस्त तक चलेगी किसान संसद
किसानों के इस कार्यक्रम को सुबह 11 से शाम 5 बजे तक की अनुमति मिली है। दिल्ली पुलिस जिस तरह पांच बसों से 200 किसानों को जंतर-मंतर तक लाई है। उसी तरह शाम 5 बजते ही यहां से ले जाकर सिंघु बॉर्डर तक छोड़कर आएगी। किसानों का कहना है कि यह कार्यक्रम 9 अगस्त तक चलेगा। इसमें प्रतिदिन 200 किसान प्रतिभाग करेंगे। 40 संगठनों के किसान इसमें शामिल हैं।

सिंघु बॉर्डर से जंतर-मंतर तक मीडिया कवरेज पर पाबंदी
सिंघु बॉर्डर से जंतर-मंतर तक किसान आंदोलन को कवर करने से मीडिया को रोका गया। मीडिया को जंतर-मंतर पर ‘किसान संसद’ से करीब दो सौ मीटर की दूरी पर रखा गया। इसको लेकर पुलिसकर्मियों से उनकी तीखी नोकझोंक हुई। अधिकारी इसे एक-दूसरे पर टालते नजर आए। धरने से एक किलोमीटर दूर बैरीकेडिंगसिंघु बॉर्डर पर धरनास्थल की तरफ जाने वाले तीन रास्तों पर दिल्ली पुलिस ने भारी बेरीकेड्स लगा रखे थे। न किसी वाहन को एंट्री थी और न किसी राहगीर को भी। मीडियाकर्मियों को मंत्रम रिसॉर्ट के नजदीक रोक दिया गया। इस रिसॉर्ट और धरनास्थल की दूरी करीब एक किलोमीटर है। सख्ती इतनी थी कि बिना कैमरे लिए भी इन बैरीकेड्स को पार नहीं किया जा सकता था।

सिंघु बॉर्डर पर आधे घंटे तक रोका गया किसानों का काफिला
सिंघु बॉर्डर पर 10: 30 बजे किसानों को चेकिंग के नाम पर करीब आधे घंटे तक किसानों के काफिले को रोका गया था। यहां उन्हें मंत्रम रिसोर्ट ले जाया गया था। इस दौरान किसान नेताओं की पुलिस से तीखी नोकझोंक हुई थी। 11 बजे किसानों को छोड़ दिया गया।

किसानों के काफिले को रोकने पर किसान नेताओं की पुलिस से तीखी नोकझोंक हुई।
किसानों के काफिले को रोकने पर किसान नेताओं की पुलिस से तीखी नोकझोंक हुई।

5 किसानों पर एक मॉनिटर बनाया गया
दिल्ली में 26 जनवरी को ट्रैक्टर यात्रा के दौरान हुई हिंसा से सबक लेते हुए पुलिस ने इस बार तमाम खास इंतजाम किए हैं। सिंघु बॉर्डर से जंतर-मंतर तक किसानों को ले जाने के लिए दिल्ली पुलिस ने 5 बसें लगाई हैं। प्रत्येक 10 में 40 साल इसके साथ बैठेंगे और पुलिस एस्कॉर्ट के साथ रवाना होंगे। सभी किसानों को पहचान पत्र जारी किए गए हैं। इसके अलावा उनको आधार कार्ड भी साथ में रखना होगा।

सभी किसानों को पहचान पत्र जारी किए गए हैं। इसके अलावा उनको आधार कार्ड भी साथ में रखने के लिए बोला गया है।
सभी किसानों को पहचान पत्र जारी किए गए हैं। इसके अलावा उनको आधार कार्ड भी साथ में रखने के लिए बोला गया है।

200 मीटर एरिया को CCTV से किया गया लैस
प्रत्येक संगठन से चुने गए 5 किसानों के ऊपर एक प्रतिनिधि मॉनिटर के रूप में रखा गया है। किसान संगठन मॉनिटर के ऊपर उस संगठन के अध्यक्ष की निगरानी रहेगी। किसान दिल्ली पुलिस द्वारा उपलब्ध कराई गई बसों से जंतर-मंतर जाएंगे। जंतर-मंतर के 200 मीटर एरिया को CCTV से लैस किया गया है। पैरा मिलिट्री फोर्स लगाई गई है। शाम 5 बजे धरना खत्म करके किसान इसी तरह बसों से सुरक्षा में वापस सिंघु बॉर्डर जाएंगे।

शाम 5 बजे धरना खत्म करके किसान बसों से वापस सिंघु बॉर्डर लौट आएंगे।
शाम 5 बजे धरना खत्म करके किसान बसों से वापस सिंघु बॉर्डर लौट आएंगे।

टिकैत बोले- हमारी जिम्मेदारी है, नहीं होगी कोई अराजकता
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने बताया कि कुल 40 संगठन इस किसान आंदोलन में शामिल हो रहे हैं। प्रत्येक संगठन से 5-5 किसानों को पहले दिन जंतर मंतर पर जाने के लिए चुना गया है। टिकैत ने कहा, हमारी जिम्मेदारी है कि प्रदर्शनकारियों की तरफ से कोई अराजकता नहीं होगी। उनके बीच यदि कोई बाहरी तत्व घुसता है तो इसकी जिम्मेदारी हमारी नहीं होगी।

भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने बताया कि कुल 40 संगठन इस किसान आंदोलन में शामिल हो रहे हैं।
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने बताया कि कुल 40 संगठन इस किसान आंदोलन में शामिल हो रहे हैं।

सिंघु बॉर्डर से एक किमी पहले बैरिकेडिंग
दिल्ली करनाल हाईवे स्थित सिंधु बॉर्डर पर करीब एक किलोमीटर पहले पुलिस ने बैरिकेडिंग की हुई है। मीडिया कर्मियों को भी धरना स्थल वाले इलाके में जाने पर पाबंदी लगाई हुई है। करनाल की तरफ जाने वाले सभी वाहनों को सिंघु बॉर्डर से मोड़कर दूसरे रास्ते से भेजा जा रहा है।

मंजीत सिंह बोले -कृषि क़ानूनों के खिलाफ करेंगे प्रदर्शन
किसान नेता मंजीत सिंह ने कहा, 200 किसान संसद के आगे कृषि क़ानूनों के खिलाफ प्रदर्शन के लिए जाएंगे। जंतर मंतर पर हमारी बसें रुकेंगी। वहां से हम पैदल जाएंगे। जहां पर भी हमें पुलिस रोकेगी, वहीं पर हम अपनी संसद लगाएंगे। जिन किसानों के आईकार्ड बन गए हैं, वे आगे जाएंगे।

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