नफरती भाषणों पर एक्शन कब?:हरिद्वार की धर्म संसद में 9 लोगों ने एक समुदाय को किया था टारगेट, 76 वकीलों ने CJI को लिखी चिट्ठी

गाजियाबाद5 महीने पहले

हरिद्वार में हुई धर्म संसद में नफरती भाषणों पर देश के 76 जाने-माने वकीलों ने 26 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट को एक चिट्ठी लिखी है। उन्होंने चीफ जस्टिस से इन भाषणों पर संज्ञान लेकर कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। पत्र में ऐसे भाषण देने वाले नौ लोगों के नाम लिखे गए हैं। इसमें गाजियाबाद डासना देवी मंदिर के पीठाधीश्वर एवं जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरि, सागर सिंधु महाराज, धर्मदास महाराज, प्रेमानंद महाराज, साध्वी अन्नपूर्णा अन्नपूर्णा उर्फ पूजा शकुनी पांडे, स्वामी आनंद स्वरूप, अश्वनी उपाध्याय, सुरेश चव्हाणके, स्वामी प्रबोधानंद गिरि शामिल हैं।

पत्र में वकीलों ने कहा है कि इनके भाषण सिर्फ नफरत फैलाने वाले नहीं थे, बल्कि एक पूरे समुदाय को मारने का खुला ऐलान किया गया है। यह भाषण न सिर्फ देश की एकता-अखंडता के लिए खतरा हैं, बल्कि देश में रह रहे करोड़ों लोगों के लिए भी गंभीर खतरा पैदा करता है। अभी सुप्रीम कोर्ट में छुट्टियां चल रही हैं। सुप्रीम कोर्ट तीन जनवरी 2022 को खुलेगी। ऐसे में तभी इस चिट्ठी पर कोई सुनवाई संभव है।

तस्वीर में सबसे बाएं साधवी अन्नपूर्णा उर्फ पूजा शकुनी पांडे हैं। वह महात्मा गांधी और नाथूराम गोडसे पर अक्सर विवादित बयान देती हैं।
तस्वीर में सबसे बाएं साधवी अन्नपूर्णा उर्फ पूजा शकुनी पांडे हैं। वह महात्मा गांधी और नाथूराम गोडसे पर अक्सर विवादित बयान देती हैं।

हरिद्वार में 17 से 19 दिसंबर तक चली थी धर्म संसद

हरिद्वार के भूपतवाला स्थित वेद निकेतन धाम में तीन दिवसीय धर्म संसद 17 से 19 दिसंबर तक चली। इसका विषय 'इस्लामिक भारत में सनातन का भविष्य' था। स्वामी अमृतानंद, स्वामी सत्यव्रतानंद सरस्वती, महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरि, स्वामी वेदांत प्रकाश सरस्वती, स्वामी परमानंद, स्वामी ललितानंद महाराज, पंडित अधीर कौशिक समेत कई राज्यों के करीब 500 महामंडलेश्वर-संत शामिल हुए थे।

23 दिसंबर को उत्तराखंड पुलिस ने ट्वीट करके बताया कि हेट स्पीच मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। इसमें अब दो और नाम बढ़ाए गए हैं।
23 दिसंबर को उत्तराखंड पुलिस ने ट्वीट करके बताया कि हेट स्पीच मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। इसमें अब दो और नाम बढ़ाए गए हैं।

हरिद्वार पुलिस ने FIR में तीन नाम शामिल किए

धर्म संसद के वीडियो सामने आने के बाद कुछ मुस्लिम संगठनों को आपत्ति हुई। औवेसी की पार्टी AIMIM के हरिद्वार विधानसभा प्रभारी मुंतजीर अली ने इस संबंध में कोतवाली हरिद्वार में वसीम रिजवी उर्फ जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी, प्रेमानंद, अन्नपूर्णा मां व अन्य के खिलाफ एक शिकायत की।

आरोप लगाया कि धर्म संसद के बहाने इन लोगों ने देश का माहौल भड़काने का प्रयास किया। 23 दिसंबर को हरिद्वार पुलिस ने शुरुआत में वसीम रिजवी उर्फ जितेंद्र नारायण त्यागी के खिलाफ केस दर्ज किया। बाद में एफआईआर में दो और नाम महामंडलेश्वर धर्मदास और महामंडलेश्वर अन्नपूर्णा भारती के बढ़ाए गए।

जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर नरसिंहानंद गिरि पर पहले से हेट स्पीच के कई मुकदमे दर्ज हैं। वह आए दिन बयानों को लेकर चर्चाओं में रहते हैं।
जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर नरसिंहानंद गिरि पर पहले से हेट स्पीच के कई मुकदमे दर्ज हैं। वह आए दिन बयानों को लेकर चर्चाओं में रहते हैं।

नरसिंहानंद गिरि बोले- वामपंथियों के दबाव में आई सरकार

कानूनी शिकंजा बढ़ने के बाद संतों का कहना है कि उनके भाषण आम मुसलमान या आम लोगों के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि मुस्लिम जिहादियों के खिलाफ हैं। जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर नरसिंहानंद गिरि ने कहा, सरकार वामपंथी और कांग्रेसियों के दबाव में आकर ऐसा कर रही है। उन्होंने कहा, केस दर्ज कराकर जुबान बंद कराने जैसी बातें सोचना एक गलतफहमी होगी। यह लड़ाई आगे भी जारी रहेगी।

यह तस्वीर गाजियाबाद के डासना देवी मंदिर में 6 दिसंबर की है, जब वसीम रिजवी ने नरसिंहानंद गिरि की मौजूदगी में धर्म परिवर्तन किया था।
यह तस्वीर गाजियाबाद के डासना देवी मंदिर में 6 दिसंबर की है, जब वसीम रिजवी ने नरसिंहानंद गिरि की मौजूदगी में धर्म परिवर्तन किया था।

वसीम रिजवी ने 6 दिसंबर को किया था धर्म परिवर्तन

उत्तर प्रदेश शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन वसीम रिजवी ने 6 दिसंबर को गाजियाबाद के डासना देवी मंदिर में नरसिंहानंद गिरि की मौजूदगी में धर्म परिवर्तन किया था। उनको नया नाम जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी दिया गया था। इस दौरान वसीम उर्फ जितेंद्र त्यागी ने आशंका जताई थी कि जिहादी उनकी हत्या करा सकते हैं।