भाजपा में आए MLC नरेंद्र भाटी हमेशा चर्चा में रहे:चेयरमैन पति की हत्या कराने का आरोप लगा, हमले का मुकदमा मुलायम सरकार ने वापस लिया

गाजियाबाद19 दिन पहले
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तीन बार विधायक और दो बार कैबिनेट मंत्री रहे सपा के कद्दावर नेता नरेंद्र भाटी लखनऊ में हुए कार्यक्रम में भाजपा में शामिल हो गए। - Dainik Bhaskar
तीन बार विधायक और दो बार कैबिनेट मंत्री रहे सपा के कद्दावर नेता नरेंद्र भाटी लखनऊ में हुए कार्यक्रम में भाजपा में शामिल हो गए।

समाजवादी पार्टी के MLC नरेंद्र भाटी ने बुधवार को लखनऊ में भाजपा ज्वॉइन कर ली। वह दो बार कैबिनेट मंत्री और तीन बार विधायक रहे हैं। नरेंद्र भाटी के भाजपा में जाने से सपा को बड़ा झटका लगा है। पश्चिम यूपी में गुर्जर राजनीति के चेहरे सुरेंद्र नागर भी सपा का साथ छोड़ चुके हैं।

PCS अफसर दुर्गा शक्ति नागपाल को चैलेंज देकर 41 मिनट में सस्पेंड कराने वाले नरेंद्र भाटी का विवादों से भी नाता रहा है। आइए आपको बताते हैं कि नरेंद्र भाटी कब-कब चर्चाओं में रहे..

  • साल 1991 में नरेंद्र भाटी पर साल 1991 में नरेंद्र भाटी पर हमले की एफआईआर हुई थी। 2005 में जब सपा की सरकार थी। तो मुलायम सिंह यादव ने मुकदमे को वापस ले लिया था।
  • जून 2014 में दादरीनगर पंचायत अध्यक्ष गीता पंडित के पति और भाजपा नेता विजय पंडित की गोली मारकर हत्या कर दी गई। गीता पंडित ने इसका आरोप नरेंद्र भाटी पर लगाया था।
  • 02 अप्रैल 2014 को नरेंद्र भाटी पर दादरी कोतवाली में आचार संहिता के उल्लंघन का केस दर्ज हुआ।
  • 2013 में खनन माफिया पर कार्रवाई को लेकर नरेंद्र भाटी और PCS अफसर दुर्गा शक्ति नागपाल की आपस में ठन गई थी। भाटी ने खुला चैलेंज देकर 41 मिनट में अफसर को सस्पेंड करा दिया था।
मुलायम सिंह के करीबी माने जाते हैं नरेंद्र भाटी।
मुलायम सिंह के करीबी माने जाते हैं नरेंद्र भाटी।

बैनामा लेखक से ब्लॉक प्रमुख, फिर विधायक से मंत्री तक सफर

नरेंद्र भाटी का मंत्री तक का सफर भी दिलचस्प है। गौतमबुद्धनगर की तहसील बोड़ाकी के रहने वाले नरेंद्र शुरुआत में बैनामा लेखक थे। 5 साल तक दादरी तहसील में उन्होंने काम भी किया। 1975 में यूथ कांग्रेस से जुड़ने के बाद सियासी सफर शुरू हुआ। 1982 में वह पहली बार दादरी ब्लॉक प्रमुख बने। 2 बार ब्लॉक प्रमुख रहने के बाद उन्होंने अपने कार्य क्षेत्र सिकंदराबाद को चुना। 1989 और 1991 में वह जनता दल के टिकट पर दो बार विधायक बने। 1996 में सपा में आए। टिकट पाकर सिकंदराबाद सीट से विधायक बने। तब से भाटी सपा से जुड़े थे।

1996 के बाद भाटी ने एक भी बार चुनाव नहीं जीता, इसके बावजूद सपा ने उन्हें दो बार MLC से कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया था। भाटी का MLC कार्यकाल अगले कुछ दिनों में खत्म होने वाला था। इससे पहले ही उन्होंने भाजपा की सदस्यता ले ली। माना जा रहा है कि उन्हें भाजपा में अहम ओहदा दिया जा सकता है। नरेंद्र भाटी के भाई बिजेंद्र भाटी साल 2009 में ही भाजपा ज्वॉइन कर चुके हैं। बिजेंद्र पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष रह चुके हैं।