भारत को मिली पहली रीजनल रैपिड रेल:दिल्ली-मेरठ के बीच होगा संचालन; 6 कोच वाले इस ट्रेन सेट को अब लाया जाएगा गाजियाबाद

गाजियाबाद17 दिन पहले
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यह तस्वीर गुजरात के सांवली स्थित प्लांट की है, जहां पर देश की पहली रैपिड रीजनल रेल को हरी झंडी दिखाई गई। - Dainik Bhaskar
यह तस्वीर गुजरात के सांवली स्थित प्लांट की है, जहां पर देश की पहली रैपिड रीजनल रेल को हरी झंडी दिखाई गई।

लंबे इंतजार के बाद भारत की पहली रीजनल रैपिड रेल शनिवार को भारत सरकार को मिल गई। गुजरात के सांवली स्थित एलस्टोम कंपनी के प्लांट में एक कार्यक्रम हुआ। इसमें एलस्टोम के एमडी एलास ने आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय के सचिव मनोज जोशी और NCRTC (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्रीय परिवहन निगम) के एमडी विनय कुमार सिंह को पहली रैपिड रेल की चाभी सौंपी।

इससे पहले अतिथियों ने हरी झंडी दिखाकर रैपिड रेल के पहले ट्रेन सेट का उद्घाटन किया। 6 कोच वाले इस ट्रेन सेट को अब बड़े-बड़े ट्रेलर पर लादकर गाजियाबाद लाया जाएगा, जहां दुहाई में इसका डिपो बना है। आवास एवं शहरी कार्य मंत्री हरदीप सिंह पुरी इस समारोह में ऑनलाइन शामिल हुए।

गुजरात के प्लांट में खड़ी पहली रैपिड रेल, जिसे गाजियाबाद लाया जाना है।
गुजरात के प्लांट में खड़ी पहली रैपिड रेल, जिसे गाजियाबाद लाया जाना है।

27 शहरों में मेट्रो योजना पर काम जारी
सचिव मनोज जोशी ने कहा कि रीजनल रेल के कॉन्सेप्ट को पहली बार देश में एडॉप्ट किया जा रहा है। रीजनल यात्राओं के लिए रैपिड रेल का इम्प्लीमेंट पहली बार किया जा रहा है। इसे इम्प्लीमेंट करने की जिम्मदेारी NCRTC को दी है।
उन्होंने कहा, भारत के 20 शहरों में मेट्रो है। 27 अन्य शहरों में मेट्रो चलाने पर काम जारी है। मनोज जोशी ने कहा, 2047 में भारत के अरबन क्षेत्रों की आबादी 80 करोड़ से ज्यादा होगी। ऐसे में अगले 25 साल में देश के शहरी विकास में बड़ा योगदान RRTS (रीजनल रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम) का होने वाला है।
उन्होंने कहा कि शुरुआत में रैपिड रेल दिल्ली-मेरठ चलेगी। इसके बाद दिल्ली-अलवर, दिल्ली-पानीपत जाएगी। रैपिड रेल को राजस्थान की तरफ बढ़ाने की योजना भी प्रस्तावित है।

रेल बनाने वाली कंपनी ने इसकी चाभी भारत सरकार के अफसरों को सौंपी।
रेल बनाने वाली कंपनी ने इसकी चाभी भारत सरकार के अफसरों को सौंपी।

पहले चरण में साहिबाबाद से दुहाई के बीच संचालन दिल्ली से मेरठ तक 82 किलोमीटर लंबे रूट पर चलने वाली रीजनल रैपिड रेल का कार्य जोरों पर चल रहा है। इस रूट पर कुल 3 डिपो समेत 24 स्टेशन बनने हैं। पहले चरण में गाजियाबाद के साहिबाबाद से दुहाई के बीच रैपिड रेल चलाने की योजना है।

इसके लिए ट्रायल इसी साल होगा और इस ट्रैक पर साल-2023 में रैपिड रेल दौड़ेगी। दिल्ली से मेरठ तक 2025 तक संपूर्ण ट्रैक पर रैपिड रेल चलाने का लक्ष्य है। पूरा ट्रैक चालू होने के बाद मेरठ से सराय काले खां (दिल्ली) सिर्फ 55 मिनट में पहुंचा जा सकेगा। फिलहाल जिस पहले चरण (साहिबाबाद से दुहाई) पर रैपिड रेल को चलाया जाना है। वहां पर काफी कार्य पूरे होने की तरफ हैं।

तस्वीरों में देखें देश की पहली हाईस्पीड रैपिड ट्रेन:मेरठ-दिल्ली के बीच 180 किमी की स्पीड से दौड़ेगी, ट्रेन में मिलेगी हवाई यात्रा की फीलिंग

तस्वीरों में देखें पहली रीजनल रैपिड रेल की इनसाइड फोटो

रैपिड रेल में हवाई जहाज जैसी सुविधाएं
इस अत्याधुनिक रैपिड रेल में एर्गोनॉमिक रूप से डिजाइन की गई 2x2 ट्रांसवर्स कुशन सीटिंग, खड़े होने के लिए चौड़े स्थान, लगेज रैक, सीसीटीवी कैमरे, लैपटॉप/मोबाइल चार्जिंग सुविधा, डायनेमिक रूट मैप, ऑटो कंट्रोल एम्बिएंट लाइटिंग सिस्टम, हीटिंग वेंटिलेशन और एयर कंडीशनिंग सिस्टम (HVAC) और अन्य सुविधाएं होंगी।

वातानुकूलित आरआरटीएस ट्रेनों में स्टैंडर्ड के साथ महिला यात्रियों के लिए आरक्षित एक कोच और प्रीमियम वर्ग (प्रति ट्रेन एक कोच) कोच होगा।

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