गाजियाबाद में वायुसेना अधिकारी की करंट से मौत:कारिगल युद्ध में दिया था योगदान, पानी मोटर के तार जोड़ते वक्त हादसा

गाजियाबाद2 महीने पहले
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भारतीय वायुसेना के हिंडन एयरफोर्स स्टेशन गाजियाबाद पर तैनात वारंट ऑफिसर सुशील कुमार शर्मा (47 साल) की करंट लगने से मौत हो गई। वे घर का पानी भरने के लिए मोटर और बिजली के तार आपस में जोड़ रहे थे। उसी दौरान करंट लगा और अस्पताल में उन्हें मृत घोषित कर दिया। मेरठ में राजकीय सम्मान के साथ उनके पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार हुआ। सुशील ने कारगिल युद्ध के समय कम्युनिकेशन विभाग में अपना शानदार काम दिखाया था।

सिग्नल ब्रांच में वारंट ऑफिसर थे सुशील
सुशील शर्मा मूल रूप से बुलंदशहर जिले में स्याना कस्बा के रहने वाले थे। उनका परिवार मेरठ की गंगाधाम कॉलोनी में रहता था। जबकि वे खुद गाजियाबाद में हिंडन एयरफोर्स स्टेशन से कुछ ही दूर लाजपत नगर में किराए के मकान में रहते थे। वे एयरफोर्स स्टेशन की सिग्नल ब्रांच में वारंट ऑफिसर के पद पर तैनात थे।

वायुसेना अधिकारी का पार्थिव शरीर मेरठ की गंगाधाम कॉलोनी स्थित घर पर पहुंचा, जहां उन्हें देख परिजन रोने लगे।
वायुसेना अधिकारी का पार्थिव शरीर मेरठ की गंगाधाम कॉलोनी स्थित घर पर पहुंचा, जहां उन्हें देख परिजन रोने लगे।

वायुसेना जवानों ने दी अंतिम सलामी
शनिवार रात इस हादसे के बाद स्थानीय लोग उन्हें गाजियाबाद में MMG हॉस्पिटल लेकर गए, जहां मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम और अन्य कानूनी प्रक्रिया के बाद रविवार देर शाम मेरठ की गंगाधाम कॉलोनी स्थित घर पर पार्थिव शरीर पहुंचा। परिजनों ने यहां अंतिम दर्शन किए। इसके बाद मेरठ के सूरजकुंड शमशान घाट पर राजकीय सम्मान से अंतिम संस्कार हुआ। वायुसेना के जवानों ने उन्हें अंतिम सलामी दी।

बारिश की वजह से नहीं जा पाए थे घर
सुशील शर्मा के परिवार में उनकी पत्नी नेहा शर्मा, दो बेटे शिवांक शर्मा व इशांग शर्मा हैं। शिवांक शर्मा बीटेक की पढ़ाई पूरी करने के बाद बंगलुरू की एक कंपनी में ट्रेनिंग कर रहे हैं, जबकि शिवांग IIMT यूनिवर्सिटी में BBA सैकेंड ईयर में है। सुशील हर शनिवार को मेरठ जाते थे और सोमवार सुबह वापस ड्यूटी पर एयरफोर्स स्टेशन पहुचं जाते थे। इस बार बारिश की वजह से वे मेरठ नहीं जा पाए और ये हादसा हो गया।