लखीमपुर खीरी में अंतिम अरदास कल:घटनास्थल से 1200 मीटर की दूरी पर जमा होंगे किसान, टकराव की आशंका को देखते हुए खीरी में 10 पुलिस अधिकारी भेजे गए

लखनऊ/गाजियाबाद2 महीने पहले
लखीमपुर खीरी में तीन अक्टूबर को किसानों की मौत के बाद हिंसा हो गई थी। इसके बाद कई जिलों में पुलिस अफसर तैनात किए गए हैं।

लखीमपुर खीरी जिले के तिकुनिया में मंगलवार को मृतक किसानों के लिए अंतिम अरदास कार्यक्रम है। इसका आयोजन संयुक्त किसान मोर्चा कर रहा है। भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत 80 किसान नेताओं के साथ तिकुनिया के लिए गाजीपुर बॉर्डर से निकल चुके हैं। अरदास में हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड, दिल्ली से हजारों किसानों के आने की संभावना है। इसको लेकर यूपी सरकार अलर्ट हो गई है।

सरकार ने प्रदेश के 13 जिलों में 20 वरिष्ठ पुलिस अधिकारी तैनात किए हैं। इन्हें 20 जिलों में अगले आदेश तक कैंप करने के लिए कहा है। अकेले लखीमपुर में 10 ऑफिसर अलग से लगाए हैं। टकराव की आशंका के तहत एहतियात के तौर पर अर्धसैनिक बलों की तैनाती कर दी गई है। इधर, प्रदेशभर में 18 अक्टूबर तक पुलिसकर्मियों की छुट्टी बंद कर दी गई है।

तिकुनिया वही जगह है जहां चार किसानों को थार जीप से कुचला गया था। बाद में ड्राइवर समेत चार लोगों की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई थी। अरदास का कार्यक्रम घटनास्थल से 1200 मीटर की दूरी पर रखा गया है। इस कार्यक्रम में किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी, बलबीर सिंह राजेवाल भी आ रहे हैं।

तिकुनिया से पांच शहीदों के अस्थि कलश पूरे देश में जाएंगे। 15 अक्टूबर को मोदी-शाह के पुतले दहन किए जाएंगे। 18 अक्टूबर को छह घंटे रेल रोकी जाएगी और 26 अक्टूबर को लखनऊ में महापंचायत होगी। इन चार कार्यक्रमों के ऐलान से सूबे की सियासत में हलचल है।

यहां देखें पूरी लिस्ट

किसान आंदोलन के मद्देनजर यह पुलिस अफसर तैनात किए गए हैं।
किसान आंदोलन के मद्देनजर यह पुलिस अफसर तैनात किए गए हैं।

वेस्ट यूपी में मजबूत पकड़ वालों को दी प्राइम लोकेशन
लखीमपुर खीरी जिले में लखनऊ जोन के एडीजी एसएन साबत और आईजी लक्ष्मी सिंह को कैंप करने के लिए कहा गया है। लक्ष्मी सिंह पूर्व में मेरठ रेंज की डीआईजी समेत यहां के कई जिलों में बतौर एसएसपी तैनात रही हैं, इसलिए वह वेस्ट यूपी के माहौल को अच्छी तरह समझती हैं। मेरठ रेंज आईजी प्रवीण कुमार को गाजियाबाद में लगाया है, जहां गाजीपुर बॉर्डर पड़ता है। प्रवीण कुमार पूर्व में मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद के एसएसपी रह चुके हैं। जब से गाजीपुर बॉर्डर पर किसान आंदोलन शुरू हुआ है, तब से वह प्रमुख किसान नेताओं के संपर्क में हैं।

एडीजी ने 18 अक्तूबर तक पुलिसकर्मियों की छुट्टियां बंद कर दी हैं।
एडीजी ने 18 अक्तूबर तक पुलिसकर्मियों की छुट्टियां बंद कर दी हैं।

खीरी के बॉर्डर वाले जिलों में ज्यादा अफसर लगाए
इसके अलावा एडीजी अविनाश चंद्र को बरेली, एडीजी राजीव सबरवाल को मेरठ, आईजी रेलवे सत्येंद्र कुमार सिंह को शामली, आईजी ईओडब्लू हीरालाल को मुजफ्फरनगर, डीआईजी विजिलेंस एलआर कुमार को अमरोहा, डीआईजी शलभ माथुर को मुरादाबाद, उपसेनानायक अरुण कुमार दीक्षित को रामपुर जिले में कैंपिंग का आदेश दिया है। बहराइच और पीलीभीत में तीन-तीन व शाहजहांपुर में दो-दो ऑफिसर लगाए हैं। यह जिले खीरी के बॉर्डर वाले जिले हैं।

डीआईजी के नेतृत्व में खीरी में यह टीम रहेगी
इन सबके अतिरिक्त सरकार ने 10 पुलिस अफसरों को खासतौर पर अगले आदेश तक खीरी में रहने के लिए कहा है। इसमें डीआईजी पीएचक्यू उपेंद्र अग्रवाल, सेनानायक सुनील कुमार सिंह व हिमांशु कुमार, एएसपी दिनेश त्रिपाठी, हरिगोविंद मिश्रा, सच्चिदानंद राय, अरविंद कुमार पांडेय, सीओ शैलेंद्र सिंह, अनिल कुमार सिंह व राजेश कुमार पांडेय हैं।

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