गाजियाबाद में 15 हजार हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट चोरी:कंपनी की ऑडिट में खुलासा, वेयर हाउस के दो कर्मचारियों पर केस दर्ज; बड़े रैकेट के शामिल होने की आशंका

गाजियाबाद4 महीने पहले

गाजियाबाद जिले में एक वेयर हाउस से करीब 15 हजार हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेटें चोरी हो गईं। कंपनी के ऑडिट में इसका खुलासा होने पर रविवार को थाना मधुबन बापूधाम में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पुलिस ने वेयर हाउस के दो कर्मचारियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। आशंका है कि इसमें कोई बड़ा रैकेट शामिल हो सकता है।

असम से आती हैं प्लेट
रोमसेरटा सेफ्टी सिस्टम प्राइवेट लिमिटेड में अशोक वर्मा सीनियर मैनेजर हैं। कंपनी का ऑफिस मधुबन बापूधाम सेक्टर-23 में है। यह कंपनी हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट बनाती है। कंपनी का प्रोडक्शन सेंटर और वेयर हाउस सेक्टर-22, डी-1 में है। अशोक वर्मा के अनुसार, यह कंपनी एचएसआरपी बनाने के लिए अधिकृत है। कंपनी का प्लांट असम में है, जहां से ब्लैंक प्लेट आती है और गाजियाबाद के वेयरहाउस में भेजी जाती है। मैनेजर ने बताया कि बीते शनिवार को ऑडिट कराया गया। इसमें 15 हजार नंबर प्लेट गुम पाई गई हैं। अभी ऑडिट चल रहा है। इनकी संख्या और बढ़ सकती है।

स्टॉक रजिस्टर में पूरी संख्या दिखाते रहे कर्मचारी
सीनियर मैनेजर ने बताया कि यहां कार्यरत मनीष कुमार और अनिल झा स्टोर इंचार्ज का कार्य देखते हैं। दोनों कर्मचारियों को गुम हुई हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के बारे में पता था, लेकिन उन्होंने अपने सीनियर व हेड ऑफिस को इस बारे में कभी नहीं बताया। रोजाना के स्टॉक रजिस्टर में भी दोनों कर्मचारी गुम हुई प्लेट को स्टॉक में मौजूद होना दर्शाते रहे, ताकि यह पता न चल पाए। कंपनी स्तर से दोनों कर्मचारियों से कई बार पूछा गया, लेकिन उन्होंने इस बारे में कोई जवाब नहीं दिया। वेयर हाउस की चाभी भी इन्हीं दोनों कर्मचारियों पर रहती है। सीनियर मैनेजर ने पुलिस से कहा है कि इस केस की गहनता से जांच हो, ताकि हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट का दुरुपयोग न होने पाए।

दो कर्मचारियों से पूछताछ जारी
मधुबन बापूधाम थाने के इंस्पेक्टर सुनील कुमार ने बताया कि इस मामले में कंपनी के सीनियर मैनेजर ने अपने दो कर्मचारियों मनीष कुमार व अनिल झा के खिलाफ चोरी का मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने दोनों कर्मचारियों को हिरासत में ले लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है।

असली प्लेट बनवाने में 10 दिन, नकली 4-5 घंटे में हो जाती है तैयार
माना जा रहा है कि वेयर हाउस से 15 हजार हाईसिक्योरिटी नंबर प्लेट गायब कराने में एक बड़े रैकेट का हाथ हो सकता है। दरअसल, कुछ स्थानों पर अवैध तरीके से इस तरह की प्लेट बनाई जा रही हैं। तमाम वाहन स्वामियों को इन नंबर प्लेट के असली-नकली में फर्क नहीं पता। ये जालसाज इसी बात का फायदा उठाते हैं।

असली प्लेट में सिर्फ होलोग्राम स्टीकर के नीचे जो यूनिक नंबर होता है, वह नकली प्लेट में नहीं होता। बाकी दोनों प्लेट एक जैसी होती हैं। असली प्लेट बनवाने में कम से कम 10 दिन का वक्त लगता है। जबकि नकली प्लेट ये जालसाज सस्ते दाम पर महज 4-5 घंटे में उपलब्ध करा देते हैं। मेरठ में पिछले दिनों इस तरह का रैकेट पकड़ा भी गया था, जिसके तार दिल्ली से जुड़े हुए थे।

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