गाजियाबाद में किसान महापंचायत टली:मंडोला विहार योजना से प्रभावित किसान कर रहे आंदोलन, कोरोना के चलते एक्सईएन गेट से हटकर पार्क में धरना देंगे

गाजियाबाद6 दिन पहले
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गाजियाबाद के मंडोला में बढ़े हुए मुआवजे की मांग को लेकर किसान पिछले कई साल से धरनारत हैं। - Dainik Bhaskar
गाजियाबाद के मंडोला में बढ़े हुए मुआवजे की मांग को लेकर किसान पिछले कई साल से धरनारत हैं।

गाजियाबाद के मंडोला विहार योजना से प्रभावित किसानों का धरना आज भी आवास-विकास परिषद में जारी रहा। हालांकि आज प्रशासन ने किसान नेताओं से कोरोना महामारी को देखते हुए आगामी 15 जनवरी को होने वाली महापंचायत को स्थगित करने की अपील की। जिसके बाद किसानों ने कोरोना महामारी को देखते हुए 15 जनवरी को होने वाली महापंचायत को स्थगित करने का फैसला लिया। किसानों ने कहा है कि महामारी को देखते हुए वह अब एक्सईएन कार्यालय के मुख्य गेट से हटकर पार्क में बैठकर धरना देंगे।

मंडोला समेत 6 गांव के किसान 2 दिसंबर 2016 से कर रहे आंदोलन

गौरलब है कि किसान अपनी अधिग्रहित जमीन के मुआवजे को भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 से दिए जाने की मांग को लेकर मंडोला समेत छह गांव के किसान 2 दिसंबर 2016 से गांधीवादी सत्याग्रह आंदोलन करते आ रहे हैं। कोई समाधान ना होने से गुस्साए किसान ने पिछले सप्ताह कड़ाके की ठंड में अर्धनग्न होकर परिषद के अधीक्षण अभियंता कार्यालय के बाहर भूख हड़ताल पर बैठ गए थे। इस दौरान किसानों और पुलिस प्रशासन के बीच टकराव भी हुआ था। इसमें कई किसान और किसान के परिवार की महिलाओं के साथ पुलिसकर्मी भी चोटिल हुए थे।

अधिकारियों ने किसान नेताओं से फोन पर की बात

शुक्रवार को धरना दे रहे किसानों ने कोविड-19 महामारी के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए 15 जनवरी को होने वाली महापंचायत को स्थगित करने का निर्णय लिया है। एसडीएम लोनी संतोष यादव ने किसान सत्याग्रह आंदोलन के संयोजक मास्टर महेंद्र सिंह त्यागी से फोन पर बात करके एक्सईएन के गेट से हटने का आग्रह किया और कोविड नियम पालन करने की अपील की। जिसके बाद किसान नेताओं ने प्रशासनिक अधिकारियों को आश्वस्त करते हुए महापंचायत स्थगित करने के साथ ही एक्सईएन कार्यालय के मुख्य द्वार से अलग हटकर पार्क में बैठकर अपना सत्याग्रह जारी रखने की बात कही है।

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