चार प्वाइंट्स में जानिये कब-कब हिंसक हुआ आंदोलन:दिल्ली की ट्रैक्टर परेड और करनाल लाठीचार्ज में गई थी किसानों की जान, अब खीरी में पांच किसान मरे

गाजियाबाद2 महीने पहले
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दिल्ली में 26 जनवरी 2021 को ट्रैक्टर परेड के दौरान जब हिंसा हुई तो एक किसान ने सुरक्षा बल के जवान पर इस तरह तलवार तान दी थी। - Dainik Bhaskar
दिल्ली में 26 जनवरी 2021 को ट्रैक्टर परेड के दौरान जब हिंसा हुई तो एक किसान ने सुरक्षा बल के जवान पर इस तरह तलवार तान दी थी।

किसान आंदोलन पहली बार हिंसक नहीं हुआ। वजह चाहें जो हो, लेकिन इससे पहले तीन बार यह आंदोलन हिंसा में बदला है। इन आंदोलनों में कई किसानों को जान भी गवानी पड़ी। फिर चाहें दिल्ली की ट्रैक्टर परेड हो या फिर करनाल का लाठीचार्ज। इसके अलावा इस किसान आंदोलन में अब तक 605 किसानों की मौत हो चुकी है। 23 सितंबर को संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा जारी सूची में यह दावा किया गया है। जानते हैं कि यह आंदोलन कब-कब हिंसक हुआ...

यूपी गेट पर किसानों को रोकने के लिए पुलिस ने पानी की बौछार कराई थी।
यूपी गेट पर किसानों को रोकने के लिए पुलिस ने पानी की बौछार कराई थी।

02 अक्तूबर 2018, गाजीपुर बॉर्डर (यूपी/दिल्ली)
23 सितंबर को हरिद्वार से शुरू हुई किसानों की पदयात्रा 2 अक्तूबर 2018 को यूपी-दिल्ली स्थित गाजीपुर बॉर्डर पर पहुंची। दिल्ली पुलिस ने किसानों को राजधानी में एंट्री करने से रोक दिया। किसानों पर आंसू गैस के गोले बरसाए। पानी की बौछार की। किसानों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने लाठियां भी चलाईं।

दिल्ली की ट्रैक्टर परेड में हिंसा हुई। इसमें भी एक किसान की मौत हुई थी।
दिल्ली की ट्रैक्टर परेड में हिंसा हुई। इसमें भी एक किसान की मौत हुई थी।

26 जनवरी 2021, दिल्ली
दिल्ली के बॉर्डरों पर 26 नवंबर 2019 से धरने पर बैठे किसानों ने 26 जनवरी के मौके पर दिल्ली में ट्रैक्टर परेड निकाली। पुलिस ने किसानों को रोकने के लिए कई जगह आंसू गैस के गोले छोड़े। इस दौरान ट्रैक्टर पलटने से एक किसान की मौत हो गई। इस हिंसा में 500 से ज्यादा किसानों पर करीब 48 मुकदमे दर्ज हुए। डेढ़ से ज्यादा किसानों को जेल जाना पड़ा।

करनाल लाठीचार्ज के दौरान भी एक किसान की मौत हो गई थी।
करनाल लाठीचार्ज के दौरान भी एक किसान की मौत हो गई थी।

28 अगस्त 2021, करनाल (हरियाणा)
हरियाणा के करनाल में टोल प्लाजा के नजदीक किसान वहां के सीएम का विरोध कर रहे थे। इस दौरान किसानों पर लाठीचार्ज कर दिया गया। इसमें एक किसान की मौत हो गई। आरोप है कि उक्त किसान की मौत पुलिस के लाठीचार्ज से हुई। इसे लेकर चार दिन तक हजारों किसानों ने करनाल में लघु सचिवालय घेरे रखा था।

लखीमपुर खीरी की हिंसा में कई किसानों की मौत होने की खबरें हैं।
लखीमपुर खीरी की हिंसा में कई किसानों की मौत होने की खबरें हैं।

03 अक्तूबर 2021, लखीमपुर खीरी (यूपी)
26 सितंबर को लखीमपुर खीरी में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा ने एक जनसभा में विवादित बयान दिया। उन्होंने किसानों के लिए कहा कि हम आपको सुधार देंगे, दो मिनट लगेंगे। इस बयान के बाद किसानों ने जगह-जगह मंत्री का विरोध शुरू कर दिया। 03 अक्तूबर को केंद्रीय मंत्री और डिप्टी सीएम को एक कार्यक्रम में पहुंचना था। किसानों ने उनका हेलीपेड कब्जा लिया। प्रोटेस्ट सफल रहने के बाद जब किसान लौट रहे थे तो गाड़ियों ने उन्हें टक्कर मार दी। इसमें कई किसानों की मौत हो गई। इसके बाद बेकाबू किसानों ने दो गाड़ियों में आग लगा दी।