देश में गाजियाबाद की हवा सबसे ज्यादा खराब:AQI 500 के करीब, अस्पतालों में 50% बढ़े सांस रोगी, कानपुर-आगरा के प्रदूषण में भी सुधार नहीं

गाजियाबाद6 महीने पहले

उत्तर प्रदेश की खुली आबोहवा में सांस लेना आपको परेशानी में डाल सकता है। ऐसा हम पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के ताजा आंकड़ों के जरिए कह रहे हैं। देश के सबसे ज्यादा प्रदूषित शहरों में यूपी के 11 शहर शामिल हैं। गाजियाबाद देश के सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में नंबर वन पर है। यहां 12 नवंबर को एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 492 दर्ज किया गया। इससे लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है। अस्पतालों में सांस के रोगी बढ़ गए हैं। गाजियाबाद के एमएमजी जिला अस्पताल में पहले रोजाना सांस के 20-25 मरीज आते थे, अब इनकी संख्या 40 पार पहुंच गई है।

पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के मुताबिक, 10 हॉटस्पॉट चिह्नित किए गए हैं, जहां वायु प्रदूषण पर जुर्माना लगाया गया है। NGT (राष्ट्रीय हरित अधिकरण) की रिपोर्ट भेजी गई है। डीएम ने रोड की सफाई और जल छिड़काव निरंतर कराने का निर्देश दिया है।

वहीं, बुलंदशहर, बागपत, हापुड़ और मेरठ में AQI 400 के पार है। गोरखपुर, प्रयागराज, वाराणसी और कानपुर में भी हवा की गुणवत्ता खराब है। यहां AQI 200 पार रिकॉर्ड किया गया है। वहीं, राजधानी लखनऊ की हवा में सुधार आया है। यहां AQI 184 है।

एनसीआर के जनपदों की एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) पिछले 10 दिनों से खराब है।
एनसीआर के जनपदों की एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) पिछले 10 दिनों से खराब है।

प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के अनुसार, एयर क्वालिटी की यह स्थिति दिवाली से पहले से बनी हुई है। विगत वर्षों पराली के चलते प्रदूषण का शोर मचता था, लेकिन इस बार पराली जलाने की घटनाओं में कमी आने के बावजूद भी हवा खराब बनी है।

गाजियाबाद में AQI 492

PCB ने कहा- वाहनों की धूल और धुएं से प्रदूषण

वायु प्रदूषण की मुख्य वजह वाहनों से उड़ती धूल और धुएं हैं।
वायु प्रदूषण की मुख्य वजह वाहनों से उड़ती धूल और धुएं हैं।

वायु प्रदूषण कम करने के संबंध में गाजियाबाद कलक्ट्रेट सभागार में गुरुवार को एक बैठक हुई थी। पीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी उत्सव शर्मा ने बताया कि गाजियाबाद में चार एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन संचालित हैं। इनसे एक्यूआई मापा जाता है। उन्होंने बताया कि वायु प्रदूषण की मुख्य वजह परिवहन क्षेत्र में होने वाली धूल और ट्रांस बाउंड्री पॉल्यूशन है, जो एडवर्स मेट्रोलॉजिकल कंडीशन के कारण डिस्पर्स नहीं हो पा रहे हैं।

गाजियाबाद कलक्ट्रेट में वायु प्रदूषण को लेकर अफसरों की बैठक हुई।
गाजियाबाद कलक्ट्रेट में वायु प्रदूषण को लेकर अफसरों की बैठक हुई।

नोएडा में परिवहन विभाग की बड़ी कार्रवाई
नोएडा जिले के परिवहन विभाग ने वायु प्रदूषण को देखते हुए 10 और 11 नवंबर को अभियान चलाया। इसमें बिना वैध प्रदूषण प्रमाण पत्र के संचालित हो रहे 71 वाहनों, बिना ढके निर्माण सामग्री ले जा रहे 13 वाहनों, ओवरलोड 15 वाहनों और अनाधिकृत रूप से चल रहे 11 वाहनों के विरुद्ध चालान/बंद की कार्रवाई की गई। इसके अलावा पुराने 17 वाहनों को सीज करके सेक्टर-62 नोएडा के डी पार्क में खड़ा करा दिया गया।

सबसे प्रदूषित शहरों का AQI

शहरAQI
बागपत478
बुलंदशहर481
दिल्ली461
ग्रेटर नोएडा480
वृंदावन470

पॉल्यूशन से होने वाली आम बीमारियां

  • सांस लेने में तकलीफ
  • आंख और नाक में जलन होना
  • बालों का झड़ना
  • चक्कर आना, सिरदर्द और घबराहट
  • त्वचा पर दाने और खुजली
  • लंग्स, हार्ट और नर्वस सिस्टम पर भी बुरा प्रभाव।
नोएडा में प्रदूषण फैला रहे खटारा वाहनों को सीज करने की कार्रवाई हुई है।
नोएडा में प्रदूषण फैला रहे खटारा वाहनों को सीज करने की कार्रवाई हुई है।

एयर क्वालिटी इंडेक्स का मानक

AQIमानक
0-50अच्छा
51-100संतोषजनक
101-200थोड़ा प्रदूषित
201-300खराब
301-400बहुत खराब
401- 500खतरनाक