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लखीमपुर हिंसा को मुद्दा बनाए रखेगा SKM:दो टूक कहा- मंत्री टेनी की बर्खास्तगी से पहले आंदोलन वापस नहीं, गाजीपुर बॉर्डर से 80 किसानों के साथ टिकैत रवाना

गाजियाबाद7 महीने पहले
संयुक्त मोर्चा के आंदोलन को लेकर यूपी पुलिस ने सभी छुटि्टयां रद्द कर दी हैं। खुफिया एजेंसियां भी सक्रिय हैं।

लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में किसान संगठन किसी भी कीमत पर पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) ने दो टूक कहा है कि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र उर्फ टेनी की बर्खास्तगी से पहले वह घोषित चार कार्यक्रमों को वापस नहीं लेंगे। 12 अक्टूबर को तिकुनिया में अंतिम अरदास के लिए यूपी, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब समेत अन्य राज्यों के किसान कूच करेंगे।

इसके लिए खुफिया और सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हैं। वह किसान नेताओं की नब्ज टटोलने में जुटी हैं, ताकि यह पता चल सके कि कहां से कितने किसान जा रहे हैं। ताकि उसी हिसाब से आगे की तैयारियां की जा सकें। यूपी पुलिस ने आंदोलन की आशंका के तहत पुलिसवालों की सभी छुटि्टयां रद्द कर दी हैं।

भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत का कहना है कि सरकार से हमारी पहले दिन से मांग है कि अजय मिश्र उर्फ टेनी को तुरंत मंत्रिमंडल से बर्खास्त करके जेल भेजा जाए। अजय टेनी के मंत्री पद पर रहते हुए निष्पक्ष जांच संभव नहीं है। इस बात को सर्वोच्च न्यायालय ने भी कहा है।

टिकैत करीब 80 किसानों के साथ आज सुबह साढ़े आठ बजे लखीमपुर खीरी के लिए गाजीपुर बॉर्डर से रवाना हो गए हैं। खीरी में तिकुनिया पहुंचने से पहले वह रास्ते में कई जगह किसानों से मिलेंगे। इससे पहले गाजीपुर बॉर्डर पर राकेश टिकैत ने कहा कि एक रास्ता आंदोलन का है, जहां किसान ढाक-पात के पत्तों पर खाना खाते हैं। दूसरा शाही रास्ता है, जहां चांदी की प्लेट में सोने की चम्मच से खाना मिलता है। किसानों को तय करना है कि वे कौन सा रास्ता चुनना पसंद करते हैं। उधर, सिंघु और टीकरी बॉर्डर से भी प्रमुख किसान नेता आज शाम तक खीरी के लिए निकल जाएंगे।

12 अक्टूबर को तिकुनिया में अंतिम अरदास के लिए यूपी, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब समेत अन्य राज्यों के किसान कूच करेंगे।
12 अक्टूबर को तिकुनिया में अंतिम अरदास के लिए यूपी, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब समेत अन्य राज्यों के किसान कूच करेंगे।

किसानों के चार प्रमुख कार्यक्रम

  • 12 अक्टूबर को अंतिम अरदास के बाद पांच शहीद किसानों-पत्रकार के अस्थि कलश पूरे देशभर में जाएंगे। शहीद किसान यात्रा निकलेगी।
  • 15 अक्टूबर को दशहरे पर किसान विरोधी भाजपा सरकार के रूप में नरेंद्र मोदी, अमित शाह व स्थानीय नेताओं के पुतले जलाए जाएंगे।
  • 18 अक्टूबर को देशभर में सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक रेल रोको आंदोलन चलाया जाएगा।
  • 26 अक्टूबर को संयुक्त किसान मोर्चा मुजफ्फरनगर की तर्ज पर लखनऊ में किसान महापंचायत आयोजित करेगा।

एसकेएम क्या चाहता है?

  • मंत्री का बेटा आशीष मिश्र उर्फ मोनू हत्या की धाराओं में जेल जाए
  • सारे सबूत संरक्षित किए जाएं और आशीष मिश्र के साथी भी गिरफ्तार हों
  • मंत्री अजय मिश्र उर्फ टेनी को पद से बर्खास्त कर 120बी में गिरफ्तार किया जाए
  • अज्ञात किसानों पर दर्ज हुआ हत्या का मुकदमा वापस लिया जाए

सरकार ने अब तक क्या किया?

  • मंत्री के बेटे आशीष मिश्र की गिरफ्तारी हुई और वह हत्या में जेल गया
  • मृतकों के परिजनों को 45-45 व घायलों को 10-10 लाख की सहायता
  • रिटायर जस्टिस प्रदीप श्रीवास्तव की अध्यक्षता में न्यायिक आयोग गठित
  • जांच के लिए डीआईजी के नेतृत्व में पुलिस की पर्यवेक्षण समिति बनाई
सोशल मीडिया पर इस तरह तिकोनिया पहुंचने की अपील हो रही है।
सोशल मीडिया पर इस तरह तिकोनिया पहुंचने की अपील हो रही है।

क्या कहते हैं प्रमुख किसान नेता

  • वरिष्ठ नेता योगेंद्र यादव का कहना है कि क्या मोनू मिश्र को गिरफ्तार करके पुलिस की ड्यूटी पूरी हो गई? उप्र पुलिस में देर भी है और अंधेर भी। लखीमपुर खीरी का सब कुछ याद रखा जाएगा। इसकी शुरुआत 12 अक्टूबर को अंतिम अरदास से हो रही है। देशभर के किसान वहां पहुंचेंगे। वह दिन हम शहीद किसान दिवस के रूप में मनाएंगे।
  • गुरनाम सिंह चढूनी का कहना है कि गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी को जल्द गिरफ्तार करके बर्खास्त किया जाए। मंत्री की बर्खास्तगी से पहले हमारा यह आंदोलन पीछे नहीं हटेगा। मंत्री के बेटे की गिरफ्तारी से सिर्फ एक मांग पूरी हुई है। कई मांगें अभी बाकी हैं।
  • एसकेएम के डॉ. दर्शनपाल का कहना है कि अजय मिश्र टेनी का मोदी सरकार में गृह मामलों के लिए मंत्री बने रहना पूरी तरह अक्षम्य और अकल्पनीय है। यह स्पष्ट है कि शत्रुता और द्वेष को बढ़ावा देने, हत्या के साथ अपराधियों को पनाह देने, न्याय में बाधा डालने, सुबूत से छेड़छाड़ करने में मंत्री की भूमिका रही है। 11 अक्टूबर तक मंत्री बर्खास्त नहीं हुए तो हमारे घोषित कार्यक्रम शुरू होंगे।