गाजियाबाद...डासना मंदिर में बच्चे के घुसने से हलचल:महंत बोले- मंदिर की रेकी करने आया था मुसलमान लड़का, पुलिस ने कहा- अस्पताल का गेट समझकर बच्चा मंदिर में घुसा

गाजियाबाद9 महीने पहले
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डासना देवी मंदिर के महंत ने इस बच्चे पर आरोप लगाया कि वह मंदिर की रैकी करने आया था। हालांकि पुलिस जांच में ऐसा कुछ नहीं निकला। - Dainik Bhaskar
डासना देवी मंदिर के महंत ने इस बच्चे पर आरोप लगाया कि वह मंदिर की रैकी करने आया था। हालांकि पुलिस जांच में ऐसा कुछ नहीं निकला।

यूपी में गाजियाबाद जिले का प्रसिद्ध डासना देवी मंदिर रविवार रात एक बार फिर चर्चाओं में आ गया। यहां के महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती ने आरोप लगाया कि अनस सैफी नाम का लड़का रेकी करने के लिए मंदिर में घुस आया। उन्होंने उसे पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। महंत ने हत्या की साजिश की आशंका जताई। महंत के विवाद के बाद हरकत में आई पुलिस ने घंटेभर में जांच पूरी करते हुए मामले का पटाक्षेप कर दिया।

पुलिस का कहना है कि अनस अपनी भाभी के साथ मंदिर के नजदीक अस्पताल में आया था। मंदिर गेट पर भीड़ देखकर उसे ही अस्पताल गेट समझकर अंदर घुस गया। उसकी कोई संदिग्ध गतिविधि नहीं पाई गई है।

डासना मंदिर के महंत ने रविवार रात खुद पूरी वीडियो ट्ववीट की। इसमें उन्होंने बताया कि यह बच्चा मंदिर की रैकी करने के लिए आया था।
डासना मंदिर के महंत ने रविवार रात खुद पूरी वीडियो ट्ववीट की। इसमें उन्होंने बताया कि यह बच्चा मंदिर की रैकी करने के लिए आया था।

महंत ने खुद शेयर की वीडियो
10 अक्तूबर की रात 9.43 बजे यति नरसिंहानंद सरस्वती ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से एक वीडियो पोस्ट किया है। इस वीडियो में खुद महंत मौजूद हैं और उनके बराबर में एक लड़का पुलिस के साथ खड़ा हुआ है। यति के अनुसार, ये मुसलमान लड़का है। जिस समय मैं यज्ञ करके उठा हूं, यह मंदिर की रैकी करने के लिए आया। मैंने इसे पुलिसवालों को दे दिया है। मैं यहां के एसएसपी समेत सभी अधिकारियों को बताना चाहता हूं कि ये हमले की तैयारी है। यह यहां पर रैकी करने के लिए आया है। यह बड़ी घटना की तैयारी है। मैं योगीजी तक संदेश भेजना चाहता हूं कि यह मेरी हत्या का प्रयास है। यह लड़का मंदिर में अंदर तक आ गया।

महंत के आरोपों पर गाजियाबाद पुलिस ने रात में ही जांच पूरी करते हुए प्रेस नोट जारी किया। इसमें महंत के आरोपों को निराधार बताया।
महंत के आरोपों पर गाजियाबाद पुलिस ने रात में ही जांच पूरी करते हुए प्रेस नोट जारी किया। इसमें महंत के आरोपों को निराधार बताया।

पुलिस ने कहा- बच्चे को नहीं थी भौगोलिक स्थिति की जानकारी
गाजियाबाद पुलिस ने रविवार देर रात ही इस पूरे मामले में जांच करते हुए एक प्रेस नोट जारी कर दिया। प्रेस नोट के अनुसार, महंत के द्वारा ट्विटर पर अनस के संबंध में अपलोड की गई वीडियो की जांच हुई है। जांच में पाया गया कि अनस सैफी मसूरी थाना क्षेत्र में उस्मान कॉलोनी डासना का रहने वाला है। उसकी उम्र करीब 10 साल है। वह अभी गर्भवती भाभी मोमीना के साथ मंदिर के नजदीक डासना सीएचसी में आया था।

इस दौरान मंदिर में काफी श्रद्धालु आ रहे थे। उन्हीं के पीछे वह अस्पताल का गेट समझकर मंदिर परिसर में घुस गया। पुलिस की जांच में अनस के परिजन अस्पताल में भर्ती पाए गए। बच्चे के पास से कोई आपत्तिजनक वस्तु नहीं मिली है। पुलिस का कहना है कि बच्चे की आयु कम है, इसलिए उसे भौगोलिक स्थिति की जानकारी नहीं थी।

यह गाजियाबाद का डासना देवी मंदिर है। इसके बोर्ड पर साफ तौर पर लिखा है कि यहां मुसलमानों का प्रवेश वर्जित है।
यह गाजियाबाद का डासना देवी मंदिर है। इसके बोर्ड पर साफ तौर पर लिखा है कि यहां मुसलमानों का प्रवेश वर्जित है।

कब-कब चर्चाओं में रहा यह मंदिर

  • 7 मार्च 2021 को मंदिर में पानी पीने घुसे आसिफ नाम के बच्चे की पिटाई। मंदिर से जुड़े दो लोग गिरफ्तार भी हुए।
  • दो जून 2021 को दो मुस्लिम युवक नाम बदलकर मंदिर में घुसे। उनकी गिरफ्तारी से यूपी में धर्मांतरण का पर्दाफाश हुआ।
  • 9 अगस्त 2021 की रात अज्ञात युवक ने मंदिर परिसर में घुसकर बिहार से आए स्वामी नरेशानंद सरस्वती पर हमला बोल दिया।
  • 31 अगस्त 2021 को महिलाओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने में यति नरसिंहानंद सरस्वती पर मसूरी थाने में 3 केस दर्ज हुए।
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