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मंत्री का बेटा नहीं दे सका 1 घंटे का हिसाब:सुबह से शाम तक अलग-अलग जगहों के आशीष ने दिए मौजूदगी के सबूत, ढाई से साढ़े 3 बजे का जवाब मिसिंग

गाजियाबादएक महीने पहले
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आशीष मिश्र उर्फ मोनू बीते दो दिन से पुलिस रिमांड पर है। यह रिमांड गुरुवार को खत्म हो जाएगा। इसके बाद वह पुन: जेल भेज दिया जाएगा। - Dainik Bhaskar
आशीष मिश्र उर्फ मोनू बीते दो दिन से पुलिस रिमांड पर है। यह रिमांड गुरुवार को खत्म हो जाएगा। इसके बाद वह पुन: जेल भेज दिया जाएगा।

लखीमपुर हिंसा मामले में आरोपी आशीष मिश्र उर्फ मोनू अभी तक अपने एक घंटे की मौजूदगी का कोई सबूत नहीं दे पाया है। तिकुनिया में जिस वक्त यह हादसा हुआ, तब वह आशीष कहां था? इस बारे में न तो कुछ बता पाया और न ही कोई फोटो-वीडियो दे सका है। फिलहाल अभी तीन दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड पर है।

ढाई से साढ़े 3 बजे की मौजूदगी मिसिंग
SIT को सुबह से शाम तक मोनू की जहां-तहां मौजूदगी के तमाम फोटो-वीडियो मिले हैं। आरोपी आशीष ने अपने वकील अवधेश कुमार सिंह के जरिए एक पेन ड्राइव भी SIT को सौंपी है। सुबह कहां था, कब दंगल में गया, कब गाड़ी में तेल भरवाया...इसके सबूत आशीष ने फोटो-वीडियो और CCTV फुटेज के जरिए दिए हैं। मगर, दोपहर 2 बजकर 30 मिनट से 3 बजकर 30 मिनट के बीच कहां रहा, वह इसका कोई सबूत नहीं दे पाया है। यह वही वक्त है, जब तिकुनिया में थार से हादसा हुआ।

पेट्रोल पंप की फुटेज पुख्ता सबूत
SIT से जुड़े सूत्रों ने बताया कि आशीष ने मौखिक तौर पर इतना जरूर कहा कि वह हादसा स्थल पर नहीं था। मगर जब SIT ने सबूत मांगा तो वह कुछ उपलब्ध नहीं करा सका। 24 घंटे की मौजूदगी में सिर्फ उसी एक घंटे के साक्ष्य नहीं हैं, जब यह हादसा हुआ था। इससे SIT का मंत्री के बेटे पर शक गहराया और उसे गिरफ्तार किया गया। SIT को एक पेट्रोल पंप की CCTV फुटेज मिली है। इसमें थार जीन में आशीष बैठा हुआ है, जहां तेल भरवाया जा रहा था।

इसी थार से कुचलकर पांच लोगों की मौत हुई। पुलिस को एक पेट्रोल पंप की CCTV में थार में मोनू दिखाई दिया है।
इसी थार से कुचलकर पांच लोगों की मौत हुई। पुलिस को एक पेट्रोल पंप की CCTV में थार में मोनू दिखाई दिया है।

SIT कह चुकी- आशीष हमें कॉर्पोरेट नहीं कर रहे
बता दें, गौरतलब है कि यह वही थार है, जिससे कुचलकर चार किसानों व एक पत्रकार की मौत हुई है। कुल मिलाकर एक घंटे का सबूत नहीं मिलने से मोनू मिश्रा पुलिस के जाल में फंसता जा रहा है। एसआईटी पहले ही कह चुकी है कि मोनू मिश्रा हमें कॉर्पोरेट नहीं कर रहे।

अधिवक्ता बोले- हमने एसआईटी को सारे सबूत दिए
इस पूरे मामले में आरोपी आशीष मिश्र उर्फ मोनू के अधिवक्ता अवधेश कुमार सिंह ने दावा करते हुए कहा कि एसआईटी पर ऐसा कोई साक्ष्य नहीं है, जिससे यह साबित हो सके कि आशीष मिश्र घटनास्थल पर मौजूद थे। हमारे पास इससे जुड़े जितने सुबूत थे, सारे एसआईटी को दे चुके हैं। इसके बावजूद एसआईटी का यह कहना कि हम कॉर्पोरेट नहीं कर रहे, गलत है।

लखीमपुर खीरी पुलिस ने मंत्री के बेटे आशीष मिश्र उर्फ मोनू को 12 घंटे की लंबी पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया था।
लखीमपुर खीरी पुलिस ने मंत्री के बेटे आशीष मिश्र उर्फ मोनू को 12 घंटे की लंबी पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया था।

जांच के पहले 15 दिन सबूत जुटाने पर फोकस
एसआईटी से जुड़े सूत्र ने बताया कि अभी हमारा फोकस सिर्फ साक्ष्य इकट्ठा करने पर है। पहले 15 दिन हम सुबूत जुटाएंगे। क्योंकि 15 दिन के बाद कोई सुबूत हाथ नहीं आएगा। इस केस से जुड़ी प्रत्येक वस्तु को सीजर कराया जा रहा है। इसके लिए एक फोरेंसिक टीम ज्यादातर वक्त एसआईटी के साथ रहती है।