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22 जुलाई को संसद भवन कूच करेंगे किसान:मोदी सरकार का इसी दिन से मानसून सत्र, किसान बोले- कानून रद्द होने तक धरने पर बैठेंगे, यूपी-दिल्ली पुलिस अलर्ट

गाजियाबाद23 दिन पहले
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संसद भवन कूच को लेकर रणनीति तैयार करते किसान नेता। - Dainik Bhaskar
संसद भवन कूच को लेकर रणनीति तैयार करते किसान नेता।

बीते 7 माह से दिल्ली के बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे किसानों ने 22 जुलाई को संसद कूच का ऐलान किया है। इसी दिन से संसद का सत्र शुरू हो रहा है। किसानों ने चेतावनी दी है कि जब तक कानून रद नहीं होते, तब तक वे संसद के बाहर धरने पर बैठेंगे और घर नहीं लौटेंगे। केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसान 26 नवंबर 2020 से धरने पर हैं। 26 जनवरी को तिरंगा परेड के दौरान किसान लाल किले पर कूच कर गए थे। इसके बाद जमकर उपद्रव हुआ था। ऐसे में यूपी-दिल्ली पुलिस एक बार फिर अलर्ट हो गई है।

हर बॉर्डर से 200-200 किसान जाएंगे
दिल्ली के गाजीपुर, टीकरी, सिंघु, ढासा, शाहजहांपुर, पलवल, सुन्हैरा आदि बॉर्डरों से 200-200 किसानों का जत्था 22 जुलाई की सुबह संसद भवन दिल्ली के लिए कूच करेगा। संसद के बाहर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा। सिर्फ एक सूत्रीय मांग है कि तीनों कृषि कानून रद किए जाएं। भाकियू प्रदेश अध्यक्ष राजवीर सिंह ने बताया कि किसान दिल्ली संसद भवन तक कैसे जाएंगे, अभी यह तय किया जा रहा है।

26 जनवरी की हिंसा से सबक लेकर सतर्कता बढ़ाई
26 जनवरी को दिल्ली में निकाली गई ट्रैक्टर रैली में हिंसा हो गई थी। कई वाहन फूंक दिए गए थे। सैकड़ों किसानों पर मुकदमे दर्ज हुए थे। आज भी कई किसान दिल्ली की जेलों में बंद हैं। दिल्ली के बॉर्डरों पर बैठे किसानों ने एक बार फिर संसद भवन कूच का ऐलान किया है। इसके बाद से दिल्ली और यूपी पुलिस अलर्ट हो गई है। दिल्ली पुलिस के कमिश्नर बालाजी श्रीवास्तव ने दो दिन पहले गाजीपुर बॉर्डर का दौरा भी किया। वहीं यूपी पुलिस के अधिकारी भाकियू के प्रमुख पदाधिकारियों से पूरा रूटमैप समझने में लगे हुए हैं। खुफिया एजेंसियों को भी पल-पल की खबर पर नजर रखने का निर्देश दिया है।

आंदोलन कर रहे किसानों के लिए दूध और अन्य रसद सामग्री किसानों द्वारा पहुंचाई जा रही है।
आंदोलन कर रहे किसानों के लिए दूध और अन्य रसद सामग्री किसानों द्वारा पहुंचाई जा रही है।

आंदोलन में जान फूंकने के लिए नया प्रयास
भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष राजवीर सिंह जादौन ने 'दैनिक भास्कर' से बातचीत में कहा कि किसान पिछले सात महीने से भी ज्यादा वक्त से दिल्ली के बॉर्डरों पर अपना घर-परिवार छोड़कर बैठे हैं। सरकार को हमारी कोई सुध नहीं है। ढाई सौ से ज्यादा किसान इस आंदोलन की भेंट चढ़ चुके हैं। आंदोलन में फिर से जान फूंकने के लिए कुछ नई रणनीतियां बनाई गई हैं।

बिजनौर से 24 को ट्रैक्टर रैली निकालेंगे
बिजनौर से भाकियू के बैनर तले किसान 24 जुलाई को ट्रैक्टर रैली निकालेंगे। 24 की शाम को यह रैली दिल्ली-देहरादून नेशनल हाईवे पर मेरठ के सिवाया टोल प्लाजा पर रात्रि विश्राम करेगी। 25 की सुबह ट्रैक्टर रैली गाजियाबाद होते हुए गाजीपुर बॉर्डर पर पहुंचेगी। दावा है कि इस रैली में बिजनौर, मेरठ, गाजियाबाद के करीब 1500 ट्रैक्टर शामिल होंगे।

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