एंकर रोहित की गिरफ्तारी पर सुप्रीम कोर्ट की रोक:केंद्र सरकार को दिया नोटिस, छत्तीसगढ़ पुलिस की एक टीम रायपुर लौटी

गाजियाबाद5 महीने पहले

जी-न्यूज के एंकर रोहित रंजन की गिरफ्तारी पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है। कोर्ट ने कहा, 'हम नोटिस जारी कर रहे हैं। किसी भी राज्य की पुलिस इस मामले में गिरफ्तारी न करे।' रोहित पर राहुल गांधी के बयान को तोड़-मरोड़कर पेश करने का आरोप है।

छत्तीसगढ़ पुलिस की गिरफ्तारी से बचने के लिए बुधवार को रोहित ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई थी। वैसे, छत्तीसगढ़ पुलिस ने भी सुप्रीम कोर्ट जाने का फैसला किया है। रायपुर पुलिस की तरफ से एक-दो दिन में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर हो सकती है। गाजियाबाद आई पुलिस टीम के 12 में से 6 जवान रायपुर लौट गए हैं।

यह तस्वीर गाजियाबाद की उस सोसाइटी की है, जहां रोहित रंजन रहते हैं। यहां उनका फरारी नोटिस चस्पा है।
यह तस्वीर गाजियाबाद की उस सोसाइटी की है, जहां रोहित रंजन रहते हैं। यहां उनका फरारी नोटिस चस्पा है।

मुकदमे एकसाथ करने की मांग पर केंद्र सरकार को नोटिस
शुक्रवार को एंकर रोहित की याचिका पर जस्टिस इंदिरा बनर्जी और जस्टिस जेके माहेश्वरी की बेंच में सुनवाई हुई। रोहित रंजन की तरफ से सीनियर एडवोकेट सिद्धार्थ लूथरा पेश हुए। उन्होंने कहा, 'एक ही अपराध के लिए कई राज्यों में FIR दर्ज की गई हैं, इसलिए यहां पर 'टीटी एंटनी' वाला मामला लागू होगा।'

टीटी एंटनी मामले में कहा गया था, 'एक या एक से अधिक संज्ञेय अपराधों को जन्म देने वाली एक ही घटना के संबंध में कोई दूसरी FIR नहीं हो सकती है। बाद में दर्ज की गई सभी FIR पर कोई नई जांच नहीं हो सकती है।'

इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा, 'हम नोटिस जारी कर रहे हैं, फिलहाल किसी भी राज्य की पुलिस इस मामले में गिरफ्तारी न करे।' सारी FIR को क्लब करने यानी जोड़ने वाली मांग को खारिज करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने अटॉर्नी जनरल कार्यालय के माध्यम से केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है।

रायपुर पुलिस ने रोहित रंजन को गाजियाबाद-नोएडा में खोजते हुए कई जगहों पर दबिश दी थी।
रायपुर पुलिस ने रोहित रंजन को गाजियाबाद-नोएडा में खोजते हुए कई जगहों पर दबिश दी थी।

रायपुर पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट के लिए तैयार किया नोट्स
दूसरी तरफ, रोहित रंजन केस में अब छत्तीसगढ़ पुलिस भी सुप्रीम कोर्ट का रुख करेगी। रायपुर के नगर पुलिस अधीक्षक उदयन बेहर ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया, 'हमने कुछ नोट्स तैयार किए हैं। इसमें उस पूरी घटना का जिक्र है, जो गाजियाबाद-नोएडा में हमारे साथ हुई। गाजियाबाद और नोएडा पुलिस के इस केस में सहयोग नहीं करने का भी जिक्र है। हमें सूचना मिली है कि हमारे वारंटी रोहित रंजन सुप्रीम कोर्ट का रुख कर रहे हैं, इसलिए हमने भी फैसला लिया है कि हम भी सुप्रीम कोर्ट जाएंगे और पूरे मामले पर अपनी बात रखेंगे।'

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रायपुर में कांग्रेस MLA ने कराया था मुकदमा
तीन जुलाई को रायपुर के थाना सिविल लाइन में कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव ने एंकर रोहित रंजन समेत जी-मीडिया ग्रुप के अधिकारियों पर गंभीर धाराओं में केस दर्ज कराया था। इस मामले में रायपुर की कोर्ट ने रोहित रंजन की गिरफ्तारी का वारंट जारी किया है। रोहित की गिरफ्तारी के लिए रायपुर पुलिस पिछले तीन दिन से गाजियाबाद-नोएडा में डेरा डाले हुए है।

तारीखों में पढ़िए अब तक क्या-क्या हुआ?

  • 3 जुलाई: रायपुर के थाना सिविल लाइन में एंकर रोहित रंजन पर केस दर्ज हुआ।
  • 4 जुलाई: रायपुर की कोर्ट ने रोहित रंजन का गिरफ्तारी वारंट जारी किया।
  • 5 जुलाई: रायपुर पुलिस रोहित रंजन को गिरफ्तार करने गाजियाबाद पहुंची।
  • 5 जुलाई: रायपुर पुलिस से पहले नोएडा पुलिस ने रोहित को गिरफ्तार करके गुपचुप जमानत दी।
  • 6 जुलाई: रायपुर पुलिस ने रोहित को फरार घोषित किया और जी-मीडिया के ऑफिस को 2 नोटिस दिए।

दोनों राज्यों की पुलिस में खिंची तलवारें
एंकर रोहित रंजन की गिरफ्तारी को लेकर उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ राज्य की पुलिस में टकराव बढ़ता जा रहा है। रायपुर पुलिस ने गाजियाबाद पुलिस पर आरोप लगाया कि उन्होंने वारंटी को हमारे कब्जे से जाने दिया और हमारे सरकारी कार्य में बाधा डाली।

वहीं, नोएडा पुलिस पर आरोप है कि उन्होंने रायपुर पुलिस को वो FIR कॉपी मुहैया नहीं कराई, जिस पर रोहित रंजन को गिरफ्तार किया गया था। इधर, गाजियाबाद और नोएडा पुलिस का कहना है कि रायपुर पुलिस कानूनी तौर पर काम नहीं कर रही है।

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