रिटायर फ्लाइंग ऑफिसर ने मांगी इच्छामृत्यु:11 साल से है पैतृक जमीन पर कब्जा, सुनवाई न होने पर मांगी इच्छामृत्यु; रक्षा मंत्रालय ने यूपी सरकार को दिए कार्रवाई के निर्देश

गाजियाबाद2 महीने पहले
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गाजियाबाद के 70 वर्षीय धीरज सिंह अपनी जमीन को कब्जामुक्त कराने के लिए पिछले 11 साल से संघर्षरत हैं। - Dainik Bhaskar
गाजियाबाद के 70 वर्षीय धीरज सिंह अपनी जमीन को कब्जामुक्त कराने के लिए पिछले 11 साल से संघर्षरत हैं।

पैतृक जमीन कब्जा मुक्त नहीं होने पर इच्छा मृत्यु मांगने वाले भारतीय वायुसेना के रिटायर फ्लाइंग ऑफिसर के एक पत्र से हलचल मच गई। विवादित जमीन पर जांच करने के लिए डीएम के निर्देश पर एक टीम शुक्रवार को मौके पर पहुंची। दस्तावेजों की जांच-पड़ताल की गई। जल्द डीएम के जरिए रिपोर्ट शासन को जाएगी।

कब्जा मुक्त कराने के लिए 11 साल से लड़ रहे
लोनी क्षेत्र के ग्राम सकलपुरा निवासी 70 वर्षीय धीरज सिंह भारतीय वायुसेना में बतौर फ्लाइंग ऑफिसर तैनात रहे हैं। वह दो बार युद्ध में भाग लेने भी गए थे। धीरज सिंह के अनुसार, खसरा नंबर-1562 और 1247 उनकी पैतृक कृषि भूमि है। पिछले कुछ साल से इस जमीन पर भू-माफिया ने कब्जा कर लिया है। अपनी जमीन को कब्जा मुक्त कराने के लिए वह पिछले 11 साल से लड़ रहे हैं। लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही।

रक्षा मंत्रालय ने यूपी सरकार को दिया निर्देश
धीरज सिंह ने 11 जून को एक पत्र रक्षा मंत्रालय को भेजा और जमीन कब्जा मुक्त न होने पर इच्छामृत्यु की अनुमति मांगी। रक्षा मंत्रालय ने इस संबंध में उत्तर प्रदेश सरकार को कार्रवाई का निर्देश दिया। अब शासन के अपर मुख्य सचिव मनोज सिंह ने एक पत्र गाजियाबाद डीएम को भेजा है।

डीएम के निर्देश पर तहसील की टीम आज जांच करने के लिए मौके पर पहुंची।
डीएम के निर्देश पर तहसील की टीम आज जांच करने के लिए मौके पर पहुंची।

अपर मुख्य सचिव ने कमेटी बनाकर जांच करने को कहा
पत्र में अपर मुख्य सचिव ने कहा है कि पिछले 11 वर्षों में धीरज सिंह की शिकायतों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। इस मामले में जिला प्रशासन के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत भी सामने आई है। इच्छामृत्यु की अनुमति मांगना अत्यंत स्तब्ध करने वाला है। अपर मुख्य सचिव ने डीएम से कहा है कि वह उच्चाधिकारियों की एक कमेटी बनाकर पूरे मामले की जांच कराएं। इस कमेटी में प्रशासन समेत राजस्व और पुलिस अफसर भी शामिल हों। जांच करके रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। डीएम के निर्देश पर तहसील के कानूनगो, लेखपाल व अन्य टीम जांच करने के लिए शुक्रवार को मौके पर गए। पीड़ित रिटायर ऑफिसर का कहना है कि भूमाफिया ने टीम की जांच को भी प्रभावित करने का प्रयास किया है।