निठारी कांड में सुरेंद्र कोली को फांसी:ह्यूमन ट्रैफिकिंग में पंढेर को 7 साल की कैद, CBI कोर्ट का 16 साल बाद आया फैसला

गाजियाबाद3 महीने पहले
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सीबीआई कोर्ट ने मोनिंदर सिंह पंढेर को सात साल और सुरेंद्र कोली को फांसी की सजा सुनाई है। - Dainik Bhaskar
सीबीआई कोर्ट ने मोनिंदर सिंह पंढेर को सात साल और सुरेंद्र कोली को फांसी की सजा सुनाई है।

नोएडा के बहुचर्चित निठारी कांड के 14वें केस में गाजियाबाद की CBI कोर्ट ने गुरुवार को फैसला सुनाया। कोर्ट ने दीपिका उर्फ पायल की रेप के बाद हत्या में सुरेंद्र कोली को मृत्युदंड (फांसी) और ह्यूमन ट्रैफिकिंग में मोनिंदर सिंह पंढेर को 7 साल की सजा सुनाई है। विशेष कोर्ट का यह फैसला इस हत्याकांड के करीब 16 साल बाद आया है। अब तक कुल 14 मुकदमों में सजा सुनाई जा चुकी है। इसमें कोली को 12 और पंढेर को 2 मुकदमों में फांसी की सजा मिली है।

दीपिका उर्फ पायल 7 मई, 2006 को नोएडा से लापता हुई थी।
दीपिका उर्फ पायल 7 मई, 2006 को नोएडा से लापता हुई थी।

पंढेर की कोठी पर नौकरी मांगने गई पायल का नाले में मिला था कंकाल
उत्तराखंड में ऊधमसिंह नगर का रहने वाला नंदलाल नौकरी के वास्ते साल-2005 में यूपी के जिला गौतमबुद्धनगर में आया था। इस दौरान नंदलाल की बेटी दीपिका उर्फ पायल भी अपने लिए नौकरी तलाशने लगी। आरोप है कि 7 मई, 2006 को पायल नौकरी के लिए मोनिंदर सिंह पंढेर की कोठी पर आई, लेकिन वापस घर नहीं पहुंची।
पिता नंदलाल ने 8 मई, 2006 को नोएडा के थाना सेक्टर-20 में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई। कोर्ट के आदेश पर यह मुकदमा अपहरण की धाराओं में दर्ज हो गया। इसमें मोनिंदर सिंह पंढेर और सुरेंद्र कोली को आरोपी बनाया गया था। पुलिस ने दोनों आरोपियों की निशानदेही पर दीपिका उर्फ पायल का कंकाल नोएडा में गांव निठारी स्थित डी-5 कोठी के नाले से बरामद किया था। 2007 से इस मुकदमे की सुनवाई गाजियाबाद की CBI कोर्ट में चल रही थी।

निठारी में यह कोठी मोनिंदर सिंह पंढेर की है। इस कोठी और नाले से ही लड़कियों के कंकाल मिले थे।
निठारी में यह कोठी मोनिंदर सिंह पंढेर की है। इस कोठी और नाले से ही लड़कियों के कंकाल मिले थे।

कोली को रेप-अपहरण में उम्रकैद, हत्या में फांसी
मोनिंदर सिंह पंढेर के वकील देवराज सिंह ने बताया कि इस मामले में सीबीआई कोर्ट ने 17 मई को दोनों अभियुक्तों को दोषी करार दिया था। कोर्ट ने गुरुवार को सजा सुनाई है। इसमें सुरेंद्र कोली को अपहरण और रेप में उम्रकैद, हत्या में फांसी, IPC सेक्शन 404 में 2 साल और IPC सेक्शन 201 में 7 साल की सजा सुनाई है। जबकि मोनिंदर सिंह पंढेर को ह्यूमन ट्रैफिकिंग में 2 साल और धारा-5 में 7 साल की सजा सुनाई है।

इस केस में कब-क्या हुआ

  • 29 दिसंबर, 2006 : नोएडा के गांव निठारी में मोनिंदर सिंह पंढेर की कोठी और नाले से 19 मानव कंकाल बरामद हुए। इस मामले में पंढेर व उसका नौकर सुरेंद्र कोली गिरफ्तार हुए।
  • फरवरी, 2007 : शासन के निर्देश पर पूरे निठारी कांड की जांच सीबीआई को दी गई।
  • 13 फरवरी, 2009 : सीबीआई ने पहला फैसला देते हुए पंढेर और कोली को 15 साल की लड़की के अपहरण, रेप और हत्या में फांसी की सजा सुनाई।
  • 16 मई, 2022 : दीपिका उर्फ पायल के केस में मोनिंदर पंढेर-सुरेंद्र कोली को कोर्ट ने दोषी करार दिया।
  • 29 मई, 2022 : दीपिका उर्फ पायल की हत्या में कोली को फांसी और पंढेर को 7 साल की सजा सुनाई।

निठारी कांड पर एक नजर

  • 19 मुकदमे नोएडा में दर्ज हुए थे।
  • 03 केस में क्लोजर रिपोर्ट लग चुकी।
  • 14 मुकदमों में कोर्ट का फैसला आया है।
  • 12 केस में कोली और 2 केस में पंढेर को फांसी मिली है।
  • 2 मुकदमों में अभी फैसला आना बाकी है।