आज से गाजियाबाद और नोएडा को मिलेगा गंगा जल:20 दिनों तक पीने के पानी की रही परेशानी, गंगनहर का पानी गाजियाबाद में प्लांट तक पहुंचा

गाजियाबादएक महीने पहले
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आज से गाजियाबाद और नोएडा को पेयजल की सप्लाई शुरू की जाएगी। - Dainik Bhaskar
आज से गाजियाबाद और नोएडा को पेयजल की सप्लाई शुरू की जाएगी।

हरिद्वार से निकलने वाली वेस्ट यूपी की सबसे बड़ी नहरों में शामिल गंगनहर 15 अक्टूबर की रात बंद कर दी गई थी। 4 नवंबर की रात को गंगनहर में हरिद्वार से पानी छोड़ा जाना शुरू किया गया। आज गंगनहर से पानी गाजियाबाद के प्लांट तक पहुंच गया है। यहां से पेयजल के लिए सप्लाई की जाएगी। आज से गाजियाबाद और नोएडा को पेयजल की सप्लाई शुरू की जाएगी। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने अलग-अलग स्थानों पर गंगाजल की शहर में सप्लाई के लिए तैयारी भी शुरू कर दी है।

दशहरे से दिवाली तक होती है सफाई
हरिद्वार में गंगनहर के रेगुलेटर के पास भी सफाई कार्य किया गया। 20 दिनों तक हरिद्वार से गंगनहर में पानी नहीं छोड़ा गया। सिंचाई विभाग के अफसरों का कहना है कि हर साल दशहरे से लेकर दिवाली तक हरिद्वार में रेगुलेटर, फाटक और रजवाहे की सफाई की जाती है। 7 नवंबर को मेरठ की सीमा में भी गंगनहर में करीब 15 फीट पानी बह रहा है। ऐसे में आज शाम से गाजियाबाद और नोएडा के लोगों को पानी सप्लाई दी जाएगी।

NCR के लिए जरूरी है यह नहर
सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता पंकज जैन के अनुसार, गंगा पर जहां-जहां बैराज है, वहां से नहर निकाली गई हैं। नहरों में पानी सप्लाई के लिए ही बैराज पर गंगा में पानी को ऊपर उठाया जाता है। इसके बाद गंगा का पानी नहर में जा सकता है। हरिद्वार से निकलकर यह गंगनहर रुड़की, यूपी के मुजफ्फरनगर, मेरठ, गाजियाबाद की सीमा में मुरादनगर से होकर मसूरी तक जाती है। इसके बाद कुछ सीमा हापुड़ जिले से लगती है। बाद में यही गंगनहर सनौता से होते हुए बुलंदशहर जिला मुख्यालय से 5 किमी दूर होते हुए खुर्जा और अलीगढ़ से होकर फिरोजाबाद तक जाती है।

3 दिन में पड़ता है पानी पर असर
सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि गंगनहर में हरिद्वार से पानी रोके जाने के बाद गंगनहर में पानी पर ज्यादा असर नहीं पड़ता। रुड़की, मुजफ्फरनगर, मेरठ और गाजियाबाद तक इस नहर में पानी का बहाव बहुत तेज रहता है। कई स्थानों पर 12 से 15 फीट तक भी पानी चलता है। 15 अक्टूबर की रात को हरिद्वार से पानी रोका गया। अधिकारियों का कहना है कि तीन दिन तक पानी के जल स्तर पर ज्यादा असर नहीं पड़ता। नहर बंद होने के 3 दिन बाद पानी कम होता है। नहर में पानी छोड़े जाने के 3 दिन बार पानी का जल स्तर सामान्य होता है।

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