यूपी में 9 महीने में 11 बड़े शराब कांड:पश्चिम से पूरब तक जहरीली शराब का कहर, इन शराब कांडों में गई 176 लोगों की जान

मनु चौधरी/सचिन गुप्ताएक वर्ष पहले
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अलीगढ़ में इसी देशी शराब को पीने से बड़ी संख्या में लोगों की मौत हो गई थी। (फाइल फोटो) - Dainik Bhaskar
अलीगढ़ में इसी देशी शराब को पीने से बड़ी संख्या में लोगों की मौत हो गई थी। (फाइल फोटो)

यूपी के आगरा जिले में बीते चार दिन में 10 लोगों की जहरीली शराब पीने से मौत हो गई। प्रशासन शुरू में इन्हें नकारता रहा, लेकिन फोरेंसिक लैब की रिपोर्ट ने इस पर मुहर लगा दी। नंवबर 2020 से लेकर अभी तक पिछले 9 माह में 11 बड़े शराब कांड उत्तर प्रदेश में हुए। इनमें करीब 176 लोगों की मौत हो चुकी है। लखनऊ पुलिस कमिश्नर सुजीत पांडेय से लेकर आबकारी आयुक्त पी.गुरुप्रसाद तक नप चुके हैं। एक शराब कांड के बाद जनपद से शासन तक हलचल मचती है लेकिन कुछ समय बाद स्थितियां फिर सामान्य हो जाती हैं। आखिर इन मौतों का जिम्मेदार कौन है...

अलीगढ़ में शराब कांड के बाद अभियान चला और भट्टियां नष्ट कराई गई थीं।
अलीगढ़ में शराब कांड के बाद अभियान चला और भट्टियां नष्ट कराई गई थीं।

गंगा किनारे धधकती हैं शराब की भट्टियां

यूपी में बिजनौर से लेकर मेरठ, बुलंदशहर, अलीगढ़, कानपुर, बनारस, प्रयागराज तक गंगा किनारे सैकड़ों गांवों में आए दिन कच्ची शराब की भट्टियां धधकती मिलती हैं। कच्ची शराब के अलावा तमाम लोग स्प्रिट से शराब बनाने का धंधा करते हैं। मेरठ का मलियाना इलाका खासकर इसके लिए बदनाम है। कच्ची और मिलावटी शराब बनाने में इथाइल एल्कोहल की मात्रा मिश्रित करने का जो मानक तय है, कभी-कभी वह उससे अलग हो जाता है। इससे ही शराब जहरीली बनती है और मौत-दर-मौत होती हैं।

अलीगढ़ में प्रशासन ने 35 मौतें मानी

अलीगढ़ के टपपल और अकबराबाद इलाके में जहरीली शराब से मौतों का सिलसिला 28 मई 2021 से शुरू होकर करीब एक हफ्ते तक चला। प्रशासन ने सिर्फ 35 मौत शराब पीने से मानी। हालांकि 105 से ज्यादा शवों का इस दौरान पोस्टमार्टम हुआ। प्रशासन ने कहा कि जैसे-तैसे सरा रिपोर्ट में जहरीली शराब से मौत की पुष्टि होती जाएगी, वैसे-वैसे मृतकों की संख्या बढ़ती रहेगी। इस मामले में संयुक्त आबकारी आयुक्त, उप आबकारी आयुक्त के अलावा पांच अन्य आबकारी अधिकारियों-कर्मचारियों को सस्पेंड किया गया था।

बुलंदशहर में जिस शराब को पीने से छह मौतें हुईं, वह ग्रेटर नोएडा की इसी फैक्ट्री में बनाई गई थी। पुलिस ने बाद में यह फैक्ट्री पकड़ी थी।
बुलंदशहर में जिस शराब को पीने से छह मौतें हुईं, वह ग्रेटर नोएडा की इसी फैक्ट्री में बनाई गई थी। पुलिस ने बाद में यह फैक्ट्री पकड़ी थी।

आजमगढ़ में 33 मौतों के बाद जागे थे अफसर

12 मई 2021 को आजमगढ़ जिले में जहरीली शराब पीकर 33 लोग मौत की नींद सो गए थे। शराब पीने के बाद इन लोगों की आंख की रोशनी कम होती गई और फिर ये लोग हमेशा के लिए सो गए। इस मामले में भी बड़ी संख्या में आबकारी और सिविल पुलिस के अधिकारी-कर्मचारी सस्पेंड किए गए थे।

बुलंदशहर में हुई छह मौतें

नौ जनवरी 2021 को बुलंदशहर जिले के सिकंदराबाद क्षेत्र स्थित जीतगढ़ी गांव में जहरीली शराब पीने से छह लोगों की मौत हो गई। 20 से ज्यादा लोग बीमार पड़ गए। इस मामले में आबकारी विभाग के तीन बड़े अधिकारी चार्ज से हटा दिए गए। चार इंस्पेक्टर-सिपाहियों को सस्पेंड किया गया। जबकि सिविल पुलिस के कुछ लोगों पर भी कार्रवाई की गाज गिरी थी।

प्रयागराज शराब कांड

प्रयागराज में 17 मार्च 2021 को जहरीली शराब पीकर 14 लोगों की मौत हो गई। इससे एक महीने पहले भी एक-एक करके 16 लोगों की मौत हुई थी। हालांकि पोस्टमार्टम न कराने और रिपोर्ट में शराब से मौत की पुष्टि नहीं होने से प्रशासन ने इन्हें अपने रिकॉर्ड में नहीं लिया था।

अलीगढ़ में जहरीली शराब से मौतों के बाद पोस्टमार्टम हाउस पर रखे शव।
अलीगढ़ में जहरीली शराब से मौतों के बाद पोस्टमार्टम हाउस पर रखे शव।

आजमगढ़ के बाद अंबेडकरनगर में मचाई थी तबाही

10 मई 2021 को यूपी के अंबेडकरनगर में जहरीली शराब से 5 लोगों की मौत हुई। पहले आजमगढ़ में शराब से मौत होनी शुरू हुईं, उसके बाद जहरीली शराब का कहर अंबेडकर नगर तक पहुंचा। जहां एक दिन में ही पांच लोगों की मौत हुई थी। पुलिस की जांच में सामने आया था मिलावटी शराब देहात क्षेत्र में लाई गई, जिसे पीने से मौतें हुई थीं।

बदायूं का शराब कांड

एक अप्रैल 2021 को यूपी के बदायूं में शराब ने तीन लोगों की जान ले ली। पहले तो जिला प्रशासन शराब से मौत होने से इंकार करता रहा। लेकिन जब मरने वाले लोगों के परिजनों ने हंगामा किया तब जिला प्रशासन ने जांच के आदेश दिए। लापरवाही में आबकारी इंस्पेक्टर विनायक मिश्र और मूसाझाग थाना प्रभारी अमित कुमार को निलंबित किया गया।

चित्रकूट में नपे थे 11 अफसर

मार्च 2021 में यूपी के चित्रकूट में जहरीली शराब ने 7 लोगों की जान ली। 15 से ज्यादा लोगों की जब हालत बिगड़ी तो अस्पताल में इलाज चला। जब चित्रकूट में जहरीली शराब कांड का मामला शासन तक गूंजा तो शासन ने राजापुर के एसडीएम राहुल कश्यप, सीओ रामप्रकाश और इंस्पेक्टर अनिल कुमार समेत 11 को निलंबित किया था।

आजमगमढ़ में भी जहीरीली शराब ने कहर बरपाया था, कई लोगों की मौत हुई थी।
आजमगमढ़ में भी जहीरीली शराब ने कहर बरपाया था, कई लोगों की मौत हुई थी।

हाथरस में शराब कांड दबाने की हुई थी कोशिश

अप्रैल 2021 में यूपी के हाथरस में जहरीली शराब ने 5 लोगों की जान ली। पहले तो पुलिस पूरे मामले को दबाने में लगी रही। लेकिन जब शासन तक यह मामला शुरू हुआ तो थाना पुलिस पर गाज गिरी। यह मामला हाथरस के सिंघी गांव था। जहां शराब पीने से एक ही दिन में पांच लोगों की मौत हुई और 12 से अधिक लोगों की हालत बिगड़ी थी। शासन की फटकार लगी तो खुद डीएम जांच के लिए मौके पर पहुंचे थे।

प्रतापगढ़ में पुलिस पर लगे थे शराब बिकवाने के आरोप

प्रतापगढ़ में अप्रैल 2021 में जहरीली शराब कांड में 7 लोगो की मौत हुई। जहां लगातार पुलिस व प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठे। बाद में शासन ने अपर पुलिस अधीक्षक दिनेश द्विवेदी और सीओ कूंडा जितेंद्र सिंह परिहार को निलंबित कर दिया था। जिसमें आरोप लगे थे की पुलिस की मिलीभगत से देहात इलाके में जहरीली शराब सप्लाई की जाती थी।

लखनऊ कांड में नपे थे पुलिस कमिश्नर

प्रदेश की राजधानी लखनऊ में नवंबर 2020 में जहरीली शराब से 6 लोगों की मौत हुई थी। जिसमें शासन ने लखनऊ के पुलिस कमिश्नर सुजीत पांडे को भी हटा दिया था। पुलिस की खूब किरकिरी हुई। की पुलिस कमिश्नर सिस्टम लागू किया गया और पुलिस कमिश्नर शराब कांड में कुर्सी गवां बैठे। यह घटना 13 नवंबर 2020 की थी।

सहारनपुर में शराब से मौतों के बाद अस्पताल में शवों की लाइन लग गई थी।
सहारनपुर में शराब से मौतों के बाद अस्पताल में शवों की लाइन लग गई थी।

सहारनपुर में ढाई साल पहले हुई थी 55 मौतें

नौ फरवरी 2019 को यूपी में सहारनपुर और उत्तराखंड में रुड़की खादर के कई गांवों में तमाम लोगों ने जहरीली शराब का सेवन किया। प्रशासन ने अपने रिकॉर्ड में सहारनपुर में 55 मौत होना बताया था। कुछ मौतें रुड़की में भी हुई थीं। इस मामले में 25 लोग जेल गए थे। उस वक्त अवैध शराब बनाने का धंधा बंद हुआ, लेकिन कुछ दिनों बाद यह शुरू हो गया।

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