किसान नेत्री पूनम पंडित की फोटो-वीडियो वायरल:BJP दफ्तर में बैठी नजर आ रहीं पूनम, लोगों ने बताया एजेंट; भाकियू ने कहा- गतिविधियां संदिग्ध

गाजियाबाद/मेरठएक महीने पहले
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तीन कृषि कानूनों के खिलाफ आवाज मुखर करने वाली पूनम पंडित की यह फोटो वायरल हो रही है, जिसमें उन्हें भाजपा कार्यालय में बैठे होना बताया है। - Dainik Bhaskar
तीन कृषि कानूनों के खिलाफ आवाज मुखर करने वाली पूनम पंडित की यह फोटो वायरल हो रही है, जिसमें उन्हें भाजपा कार्यालय में बैठे होना बताया है।

गाजीपुर बॉर्डर पर 26 नवंबर 2020 से तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन शुरू हुआ। इसके बाद से एक महिला का चेहरा किसान नेता के रूप में उभरा। यह नाम है पूनम पंडित। पूनम की कुछ फोटो-वीडियो सोमवार को सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई हैं। इसमें कहा जा रहा है कि पूनम मेरठ के भाजपा कार्यालय में आयोजित बैठक में मौजूद रही हैं।

वायरल फोटो भाजपा कार्यालय की और सोफे पर बैठने वाली पूनम बताई जा रही है।
वायरल फोटो भाजपा कार्यालय की और सोफे पर बैठने वाली पूनम बताई जा रही है।

वायरल वीडियो में क्या है?
वायरल वीडियो में पूनम पंडित एक अन्य महिला संग सोफे पर बैठी हुई हैं। दूसरे सोफे पर भगवा गमछा बिछा हुआ है और उसके पीछे कमल फूल के स्टीकर छपे हुए हैं। इन स्टीकर पर जिला मेरठ लिखा हुआ है। इसके बाद से पूनम पंडित सोशल मीडिया पर खूब ट्रोल हो रही हैं। कहा जा रहा है कि पूनम भाजपा की एजेंट हैं जो किसान आंदोलन को बदनाम करने के लिए साजिश रच रही हैं। मुजफ्फरनगर में पांच सितंबर को किसान महापंचायत के दौरान भी पूनम पंडित से कथित तौर पर अभद्रता का मामला तूल पकड़ा था। इसके बारे में भी अब यह कहा जा रहा है कि पूनम ने जान बूझकर महापंचायत को बदनाम करने के लिए अभद्रता जैसे झूठे आरोप किसानों पर लगाए थे।
पूनम ने दी सफाई- वीडियो एडिट की गई
एकाएक ट्रोल होने के बाद पूनम पंडित ने सोमवार शाम को फेसबुक पर लाइव आकर सफाई दी है। इसमें पूनम का दावा है कि वह उसी कमरे से एफबी लाइव कर रही हैं, जहां की वीडियो वायरल हुई है। सोफे और दीवारें वही हैं। सिर्फ एडिट करके भाजपा का पोस्टर अलग से लगाया गया है। पूनम ने कहा कि सोमवार को मेरठ के मोदीपुरम में खिलाड़ी विनोद के ऑफिस में संयुक्त खेल मोर्चा की बैठक आयोजित की गई थी। उसी बैठक की फोटो-वीडियो को एडिट करके वायरल किया गया है।

भाकियू मीडिया प्रभारी ने पूनम पंडित की गतिविधियां संदिग्ध बताई हैं। (दाएं बैठे हुए)
भाकियू मीडिया प्रभारी ने पूनम पंडित की गतिविधियां संदिग्ध बताई हैं। (दाएं बैठे हुए)

भाकियू ने कहा- पूनम की गतिविधियां संदिग्ध
भारतीय किसान यूनियन के मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र मलिक का कहना है कि पूनम पंडित हमारे संगठन से जुड़ी हुई नहीं है। हालांकि वह समय-समय पर गाजीपुर बॉर्डर समेत किसानों की बैठक में आती रही हैं। धर्मेंद्र मलिक ने कहा कि तस्वीरें झूठ नहीं बोलतीं। इस बैठक में भाजपा के विधायक भी मौजूद रहे। बैठक में क्या-क्या हुआ, यह बात हमें पता है। उन्होंने सीधे तौर पर कहा कि पूनम पंडित की गतिविधियां शुरू से संदिग्ध रही हैं। आरोप लगाया कि पूनम हर जगह बैठक में पहुंचकर हंगामा करती हैं, ताकि किसान आंदोलन को बदनाम किया जा सके।

पूनम पंडित अनेक बार किसान आंदोलनों के मंच पर दिखाई दी हैं।
पूनम पंडित अनेक बार किसान आंदोलनों के मंच पर दिखाई दी हैं।

कौन है पूनम पंडित?
पूनम पंडित बुलंदशहर जिले में सिकंदराबाद क्षेत्र के गांव इस्माइलपुर की रहने वाली हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर की निशानेबाज पूनम कई प्रतियोगिताएं जीत चुकी हैं। वह किसान परिवार से ताल्लुक रखती हैं। गाजीपुर बॉर्डर पर किसान आंदोलन शुरू होते ही उन्होंने समर्थन में वहां जाना शुरू कर दिया। इसके बाद वह एकाएक उभरती चली गईं। किसानों के समर्थन में उनकी कई स्पीच खूब ट्रोल हुईं। फेसबुक और यू-ट्यूब पर उनके लाखों फॉलोअर्स हैं।

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