लखीमपुर खीरी हिंसा...गाजीपुर बॉर्डर से ग्राउंड रिपोर्ट:राकेश टिकैत सैकड़ों किसानों संग खीरी के लिए रवाना, संयुक्त किसान मोर्चा ने देशभर के किसानों से अलर्ट रहने को कहा

गाजियाबाद4 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
लखीमपुर खीरी हिंसा के बाद गाजीपुर बॉर्डर पर किसान इकट्ठा हो गए। इसके बाद वे राकेश टिकैत के नेतृत्व में खीरी के लिए निकल गए हैं। - Dainik Bhaskar
लखीमपुर खीरी हिंसा के बाद गाजीपुर बॉर्डर पर किसान इकट्ठा हो गए। इसके बाद वे राकेश टिकैत के नेतृत्व में खीरी के लिए निकल गए हैं।

लखीमपुर खीरी में किसानों के आंदोलन में हुई हिंसा व कई किसानों की मौत की खबर से दिल्ली के गाजीपुर बॉर्डर पर माहौल गरमा गया है। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत सैकड़ों समर्थकों के साथ रविवार शाम सवा 5 बजे गाजीपुर बॉर्डर से खीरी के लिए निकल गए हैं। संयुक्त किसान मोर्चा ने देशभर के किसानों से अलर्ट मोड पर रहने का निर्देश दिया है।

टिकैत बोले- हम पीड़ित किसानों के बीच जाएंगे
खीरी रवाना होने से पहले पत्रकारों से बातचीत में भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि वहां किसान वापस लौट रहे थे। उन पर गाड़ियों से हमला किया। फायरिंग की गई। इसमें कई किसानों की मौत की खबर है। हम यहां से लखीमपुर खीरी के लिए निकल रहे हैं। रात 12-1 बजे तक हम खीरी पहुंच सकते हैं। वहां पीड़ित किसानों के बीच जाएंगे और उनकी बात को सबके सामने रखेंगे।

हैदराबाद से सीधे गाजीपुर और तंबू में बैठक करके किया कूच
इससे पहले हैदराबाद में एक कार्यक्रम करने के बाद राकेश टिकैत रविवार दोपहर में गाजीपुर बॉर्डर पहुंचे। इसी दौरान उन्हें खीरी में आंदोलन हिंसक होने की खबरें मिली। तुरंत उन्होंने आपात बैठक बुलाई। अपने तंबू में राकेश टिकैत ने वरिष्ठ किसान नेता युद्धवीर सिंह, राजवीर सिंह जादौन आदि से वार्ता की। इसके बाद फैसला लिया गया कि खीरी के किसानों के समर्थन में राकेश टिकैत तुरंत वहां के लिए कूच करेंगे। आनन-फानन में गाड़ियों का काफिला तैयार कराया गया। किसानों को गाजीपुर बॉर्डर पहुंचने के लिए कहा गया। गाजीपुर बॉर्डर पर माहौल गरमाया तो कई थानों की पुलिस भी पहुंच गई।

किसानों को अलर्ट रहने के लिए कहा गया
हैदराबाद से राकेश टिकैत संग लौटे भाकियू के वरिष्ठ नेता गुड्डू प्रधान ने 'दैनिक भास्कर' को बताया कि लखीमपुर खीरी में किसानों की मौत की खबर से देशभर के किसानों में गुस्सा है। जल्द बड़े आंदोलन का ऐलान हो सकता है। भाकियू के NCR महासचिव मांगेराम त्यागी ने बताया कि संयुक्त किसान मोर्चा ने देशभर के किसानों को अलर्ट मोड पर रहने के लिए कहा है। कभी भी एसडीएम की कॉल आ सकती है।

संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा- मंत्री व उनके बेटे पर हत्या का मुकदमा चले
संयुक्त किसान मोर्चा के वरिष्ठ नेता दर्शनपाल ने जारी बयान में कहा कि हमारे किसान साथियों ने आज यूपी के डिप्टी सीएम को हेलीकॉप्टर से उतरने के लिए वहां घेराव किया था। यह घेराव खत्म होने वाला था। उसी वक्त तीन गाड़ियां तेज स्पीड में आईं। एक गाड़ी में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री का बेटा समेत कई लोग थे।

उन्होंने किसानों के ऊपर गाड़ियां चढ़ा दी। इसमें दो किसानों की मौत हो गई। साथ ही हमारे नेता तेजिंदर विर्क को गंभीर चोटें लगी हैं। इसे लेकर किसानों में गुस्सा है। इस गुस्से में किसानों ने उनकी गाड़ियों को नुकसान पहुंचाया है। संयुक्त किसान मोर्चा मांग करता है कि गृह राज्यमंत्री, उनके बेटे, भाई पर कत्ल का मुकदमा दर्ज हो। मंत्री पद से निष्कासित किया जाए। ऐसे ही अन्य दोषियों पर मुकदमे दर्ज किए जाएं। यह दुख की घटना है। हम इस पर जल्द फैसला लेंगे।

जगतार बाजवा बोले- किसान अलर्ट रहें, संयम बनाए रखें
गाजीपुर बॉर्डर से किसान प्रवक्ता जगतार सिंह बाजवा ने कहा कि मंत्री के बेटे ने किसानों को रौंदा। इसमें कुछ किसान शहीद हुए हैं। यह भारत के इतिहास में इस तानाशाह सरकार का सबसे बड़ा प्रमाण है। लोकतांत्रिक तरीके से किसी को आंदोलन करने का भी अधिकार इस सरकार में नहीं है। सभी किसान अपने-अपने क्षेत्र में अलर्ट रहें। संयम बनाए रखें। एसडीएम की जो कॉल आएगी, उसका पालन करें।