विधायक अमनमणि त्रिपाठी की पत्नी के हत्याकांड में गवाही पूरी:CBI अदालत ने अब सारा सिंह की बहन नीति को तलब किया, लखनऊ से दिल्ली आते वक्त फिरोजाबाद में दुर्घटनाग्रस्त हुई थी कार, अमनमणि को खरोंच तक नहीं आई

गाजियाबादएक महीने पहले
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जुलाई 2015 में हुए एक कथित हादसे में सारा सिंह की मौत हो गई थी, जबकि उनके पति अमनमणि त्रिपाठी बच गए थे, जो अब विधायक हैं। - Dainik Bhaskar
जुलाई 2015 में हुए एक कथित हादसे में सारा सिंह की मौत हो गई थी, जबकि उनके पति अमनमणि त्रिपाठी बच गए थे, जो अब विधायक हैं।

सारा सिंह हत्याकांड में तत्कालीन सीओ राजेश चौधरी की गाजियाबाद की CBI अदालत में सोमवार को गवाही पूरी हो गई है। अब अदालत ने गवाही के लिए सारा सिंह की बहन नीति मिश्रा को तलब किया है। इस मामले में अगली सुनवाई 20 सितंबर को होनी है। सारा सिंह महराजगंज जिले के नौतनवां विधानसभा सीट से निर्दलीय विधायक अमनमणि त्रिपाठी की पत्नी थी।

सारा सिंह महराजगंज जिले के नौतनवां विधानसभा सीट से निर्दलीय विधायक अमनमणि त्रिपाठी की पत्नी थी।
सारा सिंह महराजगंज जिले के नौतनवां विधानसभा सीट से निर्दलीय विधायक अमनमणि त्रिपाठी की पत्नी थी।

9 जुलाई 2015 को सारा का हुआ था एक्सीडेंट

विधायक अमनमणि त्रिपाठी 9 जुलाई 2015 को पत्नी सारा सिंह के साथ कार से लखनऊ से दिल्ली जा रहे थे। फिरोजाबाद में हाईवे पर उनकी कार कथित तौर पर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस हादसे में सारा सिंह की मौत हो गई, जबकि अमनमणि त्रिपाठी को खरोंच तक नहीं आई।

सारा की मां सीमा सिंह ने इसे साजिश बताकर अमनमणि त्रिपाठी पर 18 जुलाई को हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। सीमा सिंह की मांग पर सीबीआई ने 14 अक्तूबर 2015 से इस मामले में जांच शुरू कर दी।

विधायक अमनमणि त्रिपाठी 9 जुलाई 2015 को पत्नी सारा सिंह के साथ कार से लखनऊ से दिल्ली जा रहे थे।
विधायक अमनमणि त्रिपाठी 9 जुलाई 2015 को पत्नी सारा सिंह के साथ कार से लखनऊ से दिल्ली जा रहे थे।

झूठी पोस्टमार्टम रिपोर्ट बनाने में डॉक्टर भी आरोपी

जांच के बाद सीबीआई ने अमनमणि के खिलाफ हत्या के षड़यंत्र के आरोप में चार्जशीट दाखिल कर दी। अपनी जांच में सीबीआई ने यह भी पाया कि डॉक्टर ने स्वीपर की मदद से शव का पोस्टमार्टम किया और बिसरा भी सुरक्षित नहीं किया। अमनमणि को बचाने के लिए शरीर की चोटें छिपाई गईं और झूठी पोस्टमार्टम रिपोर्ट बना दी गई। पोस्टमार्टम प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग नहीं कराई गई।

मौत का स्पष्ट कारण भी नहीं बताया गया। सीबीआई ने इस मामले में फिरोजाबाद के डॉक्टर पंकज राकेश को भी आरोपी बनाया था। बाद में एम्स के डॉक्टरों ने बॉडी के फोटोग्राफ देखकर रिपोर्ट दी थी कि सारा सिंह को गला दबाकर मारा गया है।

सीबीआई ने फिरोजाबाद के डॉक्टर पंकज राकेश को भी आरोपी बनाया था।
सीबीआई ने फिरोजाबाद के डॉक्टर पंकज राकेश को भी आरोपी बनाया था।

अब मृतका की बहन की होगी गवाही

इस केस की सुनवाई गाजियाबाद की अदालत में चल रही है। सोमवार को फिरोजाबाद के तत्कालीन सीओ राजेश चौधरी अदालत में पेश हुए। उन्होंने पूरा घटनाक्रम अदालत को बताया। उनकी गवाही पूरी हो गई है। अब मृतका सारा सिंह की बहन नीति मिश्रा की गवाही 20 सितंबर को होनी है।

माना जा रहा है कि इस केस में जल्द फैसला आ सकता है। अमनमणि त्रिपाठी पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी के पुत्र हैं। अमरमणि त्रिपाठी को कवियत्री मधुमिता हत्याकांड में सजा हो चुकी है।

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