दिल्ली के बॉर्डरों से किसान नेता तिकोनिया पहुंचे:आज अंतिम अरदास में संयुक्त किसान मोर्चा के मंच पर नहीं मिलेगी राजनेताओं को जगह, हो सकता है बड़ा ऐलान

गाजियाबाद2 महीने पहले
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भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत रात में ही पहुंच चुके हैं। - Dainik Bhaskar
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत रात में ही पहुंच चुके हैं।

उप्र में लखीमपुर खीरी जिले के तिकोनिया में 12 अक्टूबर को होने वाली अंतिम अरदास के लिए दिल्ली के बॉर्डरों पर बैठे प्रमुख किसान नेता रवाना हो गए हैं। इन किसानों के साथ लंबा-चौड़ा काफिला भी है। संयुक्त किसान मोर्चा ने स्पष्ट कर दिया है कि अंतिम अरदास में मंच पर राजनेताओं को कोई जगह नहीं मिलेगी। एसकेएम के नेता इस मंच से आज कुछ प्रमुख ऐलान करने वाले हैं। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत सोमवार सुबह साढ़े आठ बजे ही गाजीपुर बॉर्डर से लखीमपुर खीरी के लिए निकल गए थे। वह शाम सात बजे तिकोनिया पहुंच गए। यहां पहुंचकर राकेश टिकैत ने ट्वीट किया। इससे पहले पीलीभीत में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने यह भी आशंका जताई थी कि काफिले को पुलिस द्वारा रोका जा सकता है, हालांकि ऐसा नहीं हुआ। राकेश टिकैत के अलावा संयुक्त किसान मोर्चा के वरिष्ठ नेता डॉ.दर्शनपाल, जोगिंदर उग्रहान, सुरेश कौथ, हरमीत कंडियान भी देर रात तक तिकोनिया पहुंच गए हैं। मोर्चे की तरफ से बलवीर सिंह राजेवाल, गुरनाम सिंह चढूनी, हन्नान मोल्ला, रनजीत सिंह राजू, जगजीत सिंह डल्लेवाल आदि प्रमुख किसान नेता भी मंगलवार सुबह 10-11 बजे तक तिकोनिया पहुंच जाएंगे। राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष जयंत चौधरी भी तिकोनिया पहुंचेंगे। अन्य विपक्षी दलों के नेता भी तिकोनिया पहुंच रहे हैं।

लखीमपुर खीरी के तिकोनिया में सोमवार से ही किसानों का अंतिम अरदास के स्थल पर पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था।
लखीमपुर खीरी के तिकोनिया में सोमवार से ही किसानों का अंतिम अरदास के स्थल पर पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था।

राजनेता आए तो पब्लिक में बैठेंगे
भारतीय किसान यूनियन की लखीमपुर खीरी जिला इकाई के उपाध्यक्ष बलकार सिंह ने कहा कि अंतिम अरदास स्थल पर एक मंच बनाया है। इस मंच पर सिर्फ संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं को जगह दी जाएगी। अगर राजनेता आते हैं तो उन्हें पब्लिक के बीच ही बैठाया जाएगा। एसकेएम के मंच को राजनीति का मंच नहीं बनने दिया जाएगा।
एसकेएम ने की है किसानों से आने की अपील
किसानों के खीरी कूच करने को लेकर पुलिस-प्रशासन चौकस है। निगरानी रखी जा रही है कि कहां से कितने किसान खीरी जा रहे हैं। दरअसल, संयुक्त किसान मोर्चा ने देशभर के किसानों से अंतिम अरदास एवं भोग में खीरी पहुंचने की अपील की है। साथ ही यह भी कहा है कि जो किसान वहां नहीं जा सकता, वह अपने नजदीकि मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारे, चर्च में जाकर मृतक किसानों की आत्मशांति के लिए प्रार्थना करें। ऐसा भी नहीं कर सकता तो वह अपने घर के बाहर रात आठ बजे पांच मोमबत्ती जलाए।

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