गाजियाबाद...ट्रक चोर गिरोह के तीन लोगों को पकड़ा:चोरी के ट्रकों पर असली ट्रक का नंबर लगाकर सरकारी माल की करते थे ढुलाई, गिरोह के सभी सदस्य ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुड़े

गाजियाबाद3 महीने पहले
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गाजियाबाद पुलिस की क्राइम ब्रांच ने चोरी के ट्रक चलवाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपियों को पकड़ा है। - Dainik Bhaskar
गाजियाबाद पुलिस की क्राइम ब्रांच ने चोरी के ट्रक चलवाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपियों को पकड़ा है।
  • पुलिस को 10 करोड़ रुपए की कीमत के मिले 32 ट्रक
  • आरोपी मिस्त्रियों से साठगांठ कर इंजन और चेसिस नंबर बदलवाते थे

गाजियाबाद में पुलिस ने रविवार को ट्रक चोर गिरोह के तीन आरोपियों को पकड़ा है। ये लोग चोरी के ट्रकों पर एक्सीडेंटल और पुराने ट्रकों का नंबर चढ़ाकर सरकारी माल की ढुलाई में इस्तेमाल करते थे। गिरोह यूपी, पंजाब, नागालैंड, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा में फैला हुआ था। जिनके पास से चोरी के 32 ट्रक बरामद किए हैं, जिनकी कीमत करीब 10 करोड़ रुपये बताई जा रही है।

RTO के कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध
इंस्पेक्टर ने बताया कि गिरोह के सभी लोग ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुड़े हुए हैं। जो ट्रक ज्यादा पुराने हो जाते हैं और परिवहन लायक नहीं बचते, उनके कागजात चोरी हुए ट्रकों पर चढ़वा दिए जाते थे। मिस्त्रियों की साठगांठ से इंजन और चेसिस नंबर बदलवाते थे। इसके बाद चोरी का ट्रक एक नंबर में बन जाता है। इसी तरह एक्सीडेंटल ट्रकों के कागजात भी चोरी के ट्रकों पर चढ़ा दिए जाते हैं। इसमें परिवहन विभाग (RTO ) कार्यालय के कुछ कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध होती है, जो इन ट्रकों की फिटनेस बिना देखे पास कर देते हैं।

ऐसे चलता है यह पूरा रैकेट
पुलिस ने बताया कि ये लोग ट्रकों को रेलवे, सीमेंट लादने समेत अन्य सरकारी माल ढुलाई में इस्तेमाल करते थे। क्योंकि सरकारी माल की ढुलाई करने से पुलिस ज्यादा चेकिंग नहीं करती और न ही अन्य जांच के दायरे में आना पड़ता। मुख्य अभियुक्त अमित नामदेव मेरठ में ट्रांसपोर्टर है। उसने रेलवे डिविजन मुरादाबाद में नामदेव इंटरप्राइजेज नाम से दो करोड़ रुपए का परिवहन ठेका ले रखा है। फरार आरोपी तरनजीत निवासी लुधियाना (पंजाब) जिन ट्रकों का समय पूरा हो चुका है, उनकी नागालैंड और हिमाचल प्रदेश से फर्जी एनओसी तैयार कराता है। इसके बाद इन ट्रकों को पटियाला, लुधियाना, संगरूर, शामली, बिजनौर, नागालैंड, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा के आरटीओ कार्यालयों में साठगांठ करके नए मॉडल के रूप में रजिस्टर्ड कराया जाता है। इस गिरोह के कई ट्रक मेरठ में मोहिद्दीनपुर की रेलवे यार्ड से सीमेंट कंपनियों तक भी चलते हैं।

इनको पकड़ा गया
क्राइम ब्रांच (स्वाट) के प्रभारी आनंद प्रकाश मिश्र ने प्रेसवार्ता कर बताया कि परवेंद्र तोमर निवासी पंजाबीपुरा टीपीनगर, लीलू उर्फ आदेश शर्मा निवासी लोहड़ा जानी और अमित नामदेव निवासी पटेलपुरी कंकरखेड़ा, जिला मेरठ को पकड़ा गया है। पांच आरोपी फरार हैं जो नागालैंड, हिमाचल प्रदेश, मेरठ के रहने वाले हैं।

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