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गाजियाबाद की सोसाइटीज में जलभराव से नरक जैसे हालात:सोसाइटीज के पार्क से बेसमेंट तक पानी-पानी, फ्लैट से कार तक पहुंचना भी मुश्किल, मच्छरों के पनपने की आशंका से रेजीडेंट्स भयभीत

गाजियाबाद3 महीने पहले
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यह दृश्य गाजियाबाद के कस्बा लोनी की इंद्रापुरी कॉलोनी का है। जहां तक आपकी नजर जाएगी, वहां तक सड़कों पर सिर्फ पानी दिखेगा। - Dainik Bhaskar
यह दृश्य गाजियाबाद के कस्बा लोनी की इंद्रापुरी कॉलोनी का है। जहां तक आपकी नजर जाएगी, वहां तक सड़कों पर सिर्फ पानी दिखेगा।

गाजियाबाद में लगातार दो दिन हुई बारिश के बाद ज्यादातर सोसाइटी में हालात नरक जैसे हो गए हैं। सोसाइटी कैंपस और बेसमेंट में पानी भर गया है। ड्रेनेज सिस्टम चोक पड़े हैं। ऐसे में पानी निकासी नहीं हो रही। डेंगू-मलेरिया के प्रकोप से लोगों में इस पानी में मच्छर पनपने का खतरा है। आरडब्लूए लगातार अफसरों को फोन कर रहा है, लेकिन सुनवाई कहीं नहीं है।

ऑरा रेजीडेंट्स में इस तरह पानी भरा है, जहां लोग विरोध स्वरूप बैठे हैं।
ऑरा रेजीडेंट्स में इस तरह पानी भरा है, जहां लोग विरोध स्वरूप बैठे हैं।

ऑरा रेजीडेंट्स में पानी में बैठकर प्रदर्शन
ऑरा रेजीडेंट्स कैंपस में हर जगह पानी भरा है। रेजीडेंट्स राहुल त्यागी के अनुसार, सोसाइटी में कई जगह तार भी खुले पड़े हैं। इससे करंट फैलने का खतरा है। गुरुवार शाम रेजीडेंट्स ने इस पानी में बैठकर प्रदर्शन किया। नगर निगम और बिल्डर से पानी निकलवाने की गुहार लगाई, लेकिन समस्या जस की तस बनी है। ज्ञानखंड-3 के पार्क में भी करीब एक फुट तक पानी भरा है। साहिबाबाद में भोपुरा स्थित तुलसी निकेतन के लोगों ने जलभराव को लेकर प्रदर्शन किया है। उन्होंने समस्या का समाधान न होने पर चुनावों के बहिष्कार का ऐलान भी किया है।

फॉरच्यून रेजीडेंसी में पानी निकासी की ठोस व्यवस्था नहीं है। कर्मचारियों के द्वारा वाइपर से पानी निकाला जा रहा है।
फॉरच्यून रेजीडेंसी में पानी निकासी की ठोस व्यवस्था नहीं है। कर्मचारियों के द्वारा वाइपर से पानी निकाला जा रहा है।

फॉरच्यून रेजीडेंसी में वाइपर से पानी निकाल रहे कर्मचारी
लोनी की इंद्रापुरी कॉलोनी में जलभराव संकट बरकरार है। इसे लेकर लोग नगर पालिका ईओ से मिले। ईओ ने भरोसा दिया कि आरडब्लूए संग मिलकर हल निकाला जाएगा। फॉरच्यून रेजीडेंसी के बेसमेंट में पानी भर गया है। कर्मचारी वाइपर से पानी निकाल रहे हैं, लेकिन मुकम्मल इंतजाम कुछ नहीं हैं। यहां के नितिन चौधरी ने ट्वीट करके कहा कि बरसाल का इकट्ठा हुआ पानी निकालने की कोई व्यवस्था न होने के कारण जगह-जगह पानी भरा है, जो इस मौसम में मच्छरों को पनपने के लिए माहौल तैयार करेगा।

सबसे पॉश इलाके इंदिरापुरम का हाल देख लीजिए, हर तरफ स्वीमिंग पूल बना है।
सबसे पॉश इलाके इंदिरापुरम का हाल देख लीजिए, हर तरफ स्वीमिंग पूल बना है।

इंदिरापुरम की हर सड़क, हर सोसाइटी में पानी
पंचशील कॉलोनी के बेसमेंट और पार्क दोनों जगह बारिश का पानी शुक्रवार दोपहर तक भी नहीं निकल सका है। गाजियाबाद के सबसे पॉश इलाके इंदिरापुरम की हालत सबसे बुरी है। यहां सड़कों से लेकर सभी सोसाइटी में पानी भरा है। पैदल लोग तो निकल ही नहीं सकते, ऐसी स्थिति है। ये हालात तब हैं, जब यहां तमाम वीवीआईपी लोग रहते हैं।
नगरायुक्त बोले- लगातार पानी निकाला जा रहा
नगरायुक्त महेंद्र सिंह तंवर ने कहा कि सभी सीवर और सेप्टिक टैंक की लगातार सफाई करवाई जा रही है। सफाई मित्रों को सुरक्षा देने के लिए सेफ्टी किट व मशीनें दी गई हैं। जहां जलभराव है, वहां सक्शन मशीन के जरिये पानी निकलवाया जा रहा है।

गाजियाबाद की ज्यादातर सोसाइटी के पार्कों में इस तरह बारिश का पानी भरा है।
गाजियाबाद की ज्यादातर सोसाइटी के पार्कों में इस तरह बारिश का पानी भरा है।

अस्पतालों में बुखार के मरीज ज्यादा
लोगों को जलभराव से इतनी दिक्कत नहीं है, जितना उन्हें इस पानी में मच्छर पनपने का खतरा है। हर जगह बुखार का प्रकोप है। ऐसे में उन्हें सोसाइटी में बीमारी फैलने का डर बना है। गाजियाबाद के एमएमजी अस्पताल और संयुक्त अस्पताल में रोजाना दो हजार मरीजों की ओपीडी है। इसमें बुखार के मरीजों की संख्या 1200 से 1400 है। यही स्थिति निजी अस्पतालों की है।

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