गाजीपुर में उपभोक्ता नहीं जमा कर रहे बिल:बिजली विभाग का सेकेंड डिविजन सबसे फिसड्डी, अबतक महज 10 फीसदी हो पाया पंजीकरण

गाजीपुरएक महीने पहले
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गाजीपुर में विद्युत विभाग में संचालित एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) की रफ्तार उम्मीद से कम है। ऐसे में अभियंताओं की चिंता बढ़ गई है। 30 जून तक संचालित ओटीएस की प्रगति रिपोर्ट काफी कम है। लक्ष्य के सापेक्ष पंजीकरण में अभियंता पीछे हैं। जानकारी के मुताबिक पूरे पूर्वांचल में गाजीपुर जनपद का विद्युत वितरण खंड द्वितीय ओटीएस को लेकर सबसे फिसड्डी चल रहा है।

मालूम हो कि एक मुश्त समाधान योजना (ओटीएस) के तहत विद्युत विभाग बकायेदारों को सरचार्ज माफी के साथ बकाया रकम किस्तों में जमा करने का मौका दे रहा है। इसके बावजूद उपभोक्ता बिल जमा करना ही नहीं चाहते हैं। योजना को शुरू हुए कई हफ्ते बीत चुके हैं। लेकिन विभाग अभी लक्ष्य से काफी दूर है।

बकायेदारों की बिजली काट दी जा रही
दूसरी ओर बिजली विभाग बकायेदारों से बिल वसूली के लिए मार्निंग रेड का अभियान चलाए हुए हैं। बकायेदारों की बिजली काट दी जा रही है ताकि उनसे बकाया बिल की वसूली की जा सके। वहीं लोगों में एकमुश्त समाधान योजना का प्रचार-प्रसार भी किया जा रहा है। बावजूद इसके इस योजना में पंजीकरण होने की संख्या बेहद कम होने से विभागीय अफसर काफी चिंतित भी हैं।

लक्ष्य के सापेक्ष महज 10% ही पंजीकरण हुआ
शहर एसडीओ शिवम राय ने बताया कि इस योजना में पूरे पूर्वांचल में गाजीपुर का सेकेंड डिवीजन सबसे फिसड्डी चल रहा है। यहां पर अभी लक्ष्य के सापेक्ष महज 10% ही पंजीकरण हो पाया है। उन्होंने बताया कि हमारे डिवीजन का ओटीएस लक्ष्य 13000 है। उन्होंने यह भी बताया कि एकमुश्त समाधान योजना के तहत अभी तक साढ़े तीन करोड़ रुपए बिजली बकाया की वसूली हो पाई है।

उपभोक्ता ओटीएस स्कीम का इंतजार कर रहे थे
यह योजना 1 जून से 30 जून 2022 तक लागू की गई है। इसमें घरेलू उपभोक्ताओं, किसानों का विशेष ध्यान रखा गया है। लंबे समय से उपभोक्ता ओटीएस स्कीम का इंतजार कर रहे थे। इस योजना के तहत घरेलू विद्युत पंखा, वाणिज्यिक उपभोक्ता के उपभोक्ताओं को सरचार्ज राशि पर 100 प्रतिशत की छूट दी गयी है। इसके साथ ही उपभोक्ताओं को एक लाख तक के बकाये पर अधिकतम छह किश्तों तथा एक लाख से अधिक बकाये पर अधिकतम 12किश्तों में भुगतान की सुविधा का विकल्प भी दिया गया है।

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