सैदपुर में दिखी प्रशासन के तालमेल की कमी:फायर विभाग ने रामलीला मैदान बताया सुरक्षित, दुकानदारों को नहीं मिल रही अनुमति

सैदपुरएक महीने पहले
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सैदपुर प्रशासन के तालमेल की कमी के कारण नगर के पटाखा व्यवसायियों का लाखों रुपए मूल्य का माल अधर में अटक गया है। पटाखा की दुकान कहां लगेगी इसको लेकर प्रशासन और पटाखा व्यवसायियों में ऊहापोह की स्थिति बनी हुई है।

पटाखा दुकान को लेकर प्रशासन द्वारा जारी किए गए मानक अनुसार व्यवसाई नगर के रामलीला मैदान में पटाखा दुकान लगाना चाहते हैं। जिसे निरीक्षण कर अग्निशमन विभाग ने भी सुरक्षित बता दिया है। बावजूद इसके उप जिलाधिकारी सैदपुर अभी पटाखा दुकान लगाए जाने के स्थान पर अपनी मुहर नहीं लगा पाए। जिसके कारण दुकानदारों में माल के फंसने का डर गहराता जा रहा है।

प्रशासन के आपसी तालमेल की कमी आई सामने

गौरतलब है कि 2 दिन पूर्व स्थानीय पुलिस और अग्निशमन विभाग ने सैदपुर नगर स्थित रामलीला मैदान का निरीक्षण कर, इसमें पटाखा दुकान लगाए जाने को उपयुक्त बताया था। जिसके आधार पर पटाखा व्यवसायियों ने दुकान लगाने की अनुमति के लिए उप जिलाधिकारी के यहां आवेदन भी दे दिया है। इसके बाद से वह लगातार चक्कर लगा रहे हैं। लेकिन फायर डिपार्टमेंट द्वारा तालमेल की कमी के कारण, अभी तक उप जिला अधिकारी पटाखे की दुकानें लगाए जाने को लेकर असमंजस की स्थिति में है।

रामलीला मैदान में 9 सालों से लगती आ रहीं हैं दुकानें

एसडीएम से मिलने के लिए शुक्रवार की शाम सैदपुर तहसील में मौजूद पटाखा व्यवसायियों ने बताया कि नगर की घनी आबादी से हटाए जाने के बाद, बीते 9 वर्षों से हम 8 से 9 दुकानदार 2 बीघे के विशाल रामलीला मैदान में अपनी दुकान लगाते आ रहे हैं। जिसके अगल बगल रिहायशी इलाका भी नहीं है। पर्याप्त जगह होने के कारण यहां दुकानें भी एक दूसरे से काफी दूरी पर लगती हैं। इसके साथ ही हम अग्निशमन विभाग द्वारा जारी निर्देश अनुसार अग्निशामक यंत्र, पानी और बालू का इंतजाम भी करके रखते हैं।

दुकानदारों को सता रहा माल के फंसने का डर

इस बार की तरह हमें कभी परेशान नहीं होना पड़ा। कोरोना काल के दौरान आर्थिक नुकसान के बाद, इस वर्ष हम लोगों ने सोचा था कि कुछ दुकानदारी कर अच्छा व्यवसाय कर पाएंगे। लेकिन अभी तक अनुमति नहीं मिलने के कारण, हमें दुकान में माल बेचने के बजाय सरकारी कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ रहा है। उप जिलाधिकारी ओम प्रकाश गुप्ता ने बताया कि स्थानी पुलिस और फायर विभाग ने निरीक्षण पर रामलीला मैदान में दुकान लगाए जाने के संबंध में कोई रिपोर्ट नहीं दी है जिससे देरी हो रही है। व्यापारियों के हित और आमजन की सुरक्षा अनुसार उचित निर्णय लिया जाएगा।​​​​​​​

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