जमानियां में ढाई माह से पाइपलाइन क्षतिग्रस्त:दो गांवों की 6 हजार आबादी की पेयजल आपूर्ति ठप्प, आर्सेनिक युक्त दूषित पानी पीने को मजबूर

जमानियां (गाजीपुर)एक महीने पहले
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जमानियां क्षेत्र के दो गांवों रमवल और मिर्जापुर की पेयजल आपूर्ति पिछले ढाई माह से ठप्प है। गांव के विभिन्न जगहों पर क्षतिग्रस्त भूमिगत पाइपलाइन की मरम्मत नहीं की गई, जिससे लोग परेशान हैं। ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल के लिए इधर उधर भटकना पड़ रहा है। साथ ही हैंडपम्पों से निकल रहे आर्सेनिक युक्त पानी का सेवन करने को ग्रामीण मजबूर हैं।

दोनों गांवों की 6 हजार की आबादी प्रभावित
गांव के जलालुद्दीन, भीम, विजय, बालेश्वर, अनीश, मोती आदि ने बताया कि जिम्मेदारों की इस घोर लापरवाही के चलते सरकार की हर घर नल योजना बेमतलब साबित हो रही है। पाइपलाइन की मरम्मत न होने से हर रोज हजारों लीटर पानी बर्बादी की भेंट चढ़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि दोनों गांवों में करीब दो हजार घर हैं, जिसकी आबादी छह हजार के आसपास है। एक दर्जन जगहों पर क्षतिग्रस्त इस भूमिगत पाइपलाइन की जल्द मरम्मत कराकर आपूर्ति सुचारु तरीके से बहाल किया जाए।

टूटी हुई पाइपलाइन की वजह से पानी बर्बाद हो रहा है।
टूटी हुई पाइपलाइन की वजह से पानी बर्बाद हो रहा है।

लोगों को पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा
ग्रामीणों ने कहा कि पाइपलाइन शुरू हो जाने से लोगों को शुद्ध पेयजल के लिए इधर उधर भटकना नहीं पड़ेगा। ग्रामीणों ने चेताया कि अगर आपूर्ति जल्द चालू नहीं हुई तो ग्रामीण सड़क पर उतरने को बाध्य होगें। जिसकी जिम्मेदारी संबंधित महकमे व प्रशासन की होगी। कहा कि दो वर्ष पहले क्षेत्र के आठ गांवों मेदिनीपुर, ताड़ीघाट, सुजानपुर, बवाड़ा, गंगबरार बवाड़ा, भिख्खिचौरा, रमवल, मिर्जापुर गांवों में आर्सेनिक मुक्त पानी की घर घर आपूर्ति के लिए शासन के निर्देश दिए गए।

इस पर मेदिनीपुर गांव में नीर निर्मल परियोजना के तहत 6 करोड़ 62 लाख 75 हजार की लागत से 1200 किलोलीटर क्षमता वाली पानी टंकी का निर्माण कराया गया। आपूर्ति के लिए 46 हजार 686 मीटर पाइपलाइन इस सभी गांवों में बिछाई गई हैं।

आर्सेनिक पानी पीने से बीमार हो रहे लोग
बता दें कि आर्सेनिक पानी व उसके सेवन से लोगों को विभिन्न शारीरिक कमजोरी, थकान, तपेदिक, (टीबी), वॉस संबंधी रोग, पेट दर्द, जिगर एवं प्लीहा में वृद्धि, खून की कमी, बदहजमी,वजन में गिरावट, आंखों में जलन, त्वचा संबंधी रोग तथा कैंसर जैसी बीमारियां हो रही हैं। इस संबंध में जल निगम तृतीय के एई एसएफ कौशिक ने बताया कि क्षतिग्रस्त पाइपलाइन को जल्द दुरुस्त कराया जाएगा। पानी की आपूर्ति सुचारु तरीके से चालू कर दी जाएगी। ग्रामीणों को लाभ दिया जाएगा।

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