जमानियां में स्वास्थ्य महकमा खुद है बीमार:52 में 30 एएनएम सेंटरों पर लटक रहे ताले, 7 सेंटर्स पर नहीं हैं महिला करमचारी

जमानियां2 महीने पहले
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सरकार के द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली महिलाओं को समय से बेहतर चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराने का दावा पूरी तरह से बेअसर साबित हो रहा है। विवश होकर महिलाओं को सुदूर अन्य केन्द्रों पर जाना पड़ रहा है।

जमानियां क्षेत्र जिसकी आबादी करीब साढे तीन लाख है। यहां दशकों पहले करीब साढे पांच करोड़ लागत से 52 ए एन एम सेंटर का निर्माण कराया गया। ताकि महिलाओं को समय से बेहतर चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराई जा सकें। मगर विभागीय उदासीनता के चलते इनमें से 30 सेंटर पूरी तरह से जर्जर हो चुके है।

सात सेंटर्स पर महीनों से लापता हैं महिला कर्मचारी

यही नहीं सात ऐसे सेंटर है जहाँ महीनों पहले महिला कर्मचारियों के रिटायर होने के बाद से ही ताला लटक रहा है, बावजूद आज तक यहाँ किसी कि तैनाती नहीं की जा सकी है। गुडिया, अनीता, शीला, मनोरमा, देवंती, ममता आदि महिलाओं ने बताया कि यह केन्द्र पूरी तरह शोपीस बनकर रह गये है, जो भवन जर्जर हैं। वहां मवेशी घूमते हैं। वहीं कई जगहों में ग्रामीणों ने उपले और पुआल आदि लगा रख अतिक्रमण कर रखा है।

परिसर में जलजमाव व है गंदगी की स्थिति

भगीरथपुर, गौरा, सुहवल, बेटावर आदि जगहों की स्थितियां तो पूरी तरह से भवन खस्ता हाल होने विभाग व शासन की मंशा पर सवालिया निशान उठ रहे हैं। दरवाजे तथा खिड़की गायब हैं।परिसर गंदगी से व जलजमाव की जद में है, भवन कि दिवाले आदि पूरी तरह से जीर्णशीर्ण हो चुके है, जो कब धराशायी हो जाए कहा नहीं जा सकता है।

बताया कि इसके कारण गर्भवती महिलाओं को किसी भी सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। जच्चा बच्चा केन्द्र भी अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। महिलाओं, युवतियों, नौनिहालों को टीकाकरण के लिए भी उन्हें दूसरे केंद्रों की शरण लेनी पड़ती है। यहां आने वाली महिलाओं को मायूस होकर लौटना पड़ता है। सीएमओ डॉ. हरगोविंद सिंह ने बताया कि जर्जर भवनों का सर्वे कराया जा रहा है। जल्द ही इन भवनों का जीर्णोद्धार कराया जाएगा।

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