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गोंडा...जांच में वीडीओ समेत 2 दोषी मिले:मेढ़बंदी के कार्य में गलत कराया था भुगतान, डीएम ने मुकदमा चलाने के आदेश दिए; गोशाला में घोटाले की जांच के लिए बनाई 7 सदस्यीय कमेटी

गोंडा21 दिन पहले
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बीडीओ ने उमरीबेगमगंज में मुकदमा दर्ज कराया गया था - Dainik Bhaskar
बीडीओ ने उमरीबेगमगंज में मुकदमा दर्ज कराया गया था

गोण्डा में वित्तीय अनियमितता कर सरकारी धन का गबन करने के आरोपी ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ) राजेन्द्र कुमार एवं तकनीकी सहायक राम उबारन तिवारी विकासखण्ड बेलसर के खिलाफ मुकदमा चलाने की जिलाधिकारी ने अनुमति प्रदान कर दी है। मेड़बंदी कार्य में अनियमितता की शिकायत पर खण्ड विकास अधिकारी (बीडीओ) ने दोनों के खिलाफ थाना उमरीबेगमगंज में मुकदमा दर्ज कराया गया था जिसमें विवेचक की जांच में दोनों कर्मी दोषी पाए गए हैं।

जिलाधिकारी मारर्कण्डेय शाही ने बताया कि चन्द्रभूषण पाण्डेय कि जांच में वीडीओ राजेन्द्र कुमार और और तकनीकि सहायक राम उबारन तिवारी दोषी पाए गए हैं। दोनों ने मेढबंदी कार्य के लिए राम अचल पुत्र अलखराम से 39396 एवं सुरेश कुमार पुत्र साहेबराम 39396 रुपयों का गलत भुगतान कराया।

दोषी अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए डीएम से अनुमति मांगी गई, जिस पर डीएम मार्कण्डेय शाही ने राजेन्द्र कुमार पुत्र जियालाल, ग्राम विकास अधिकारी विकासखण्ड-कटरा बाजार गोण्डा निवासी-फैजाबाद रोड, पूरे शिवा बख्तावर, बुधई पुरवा, थाना-कोतवाली नगर गोण्डा के खिलाफ मुकदाम चलाने की अनुमति दे दी है।

डीएम ने गोशाला में हुए घोटाले की जांच के आदेश दिए हैं।
डीएम ने गोशाला में हुए घोटाले की जांच के आदेश दिए हैं।

घोटाले की जांच रिपोर्ट एक हफ्ते में देने के आदेश

जिलाधिकारी मार्कण्डेय शाही ने गौ-आश्रय स्थलों की जांच के लिए तहसीलवार 07 सदस्यीय कमेटी का गठन कर जांच समिति से एक सप्ताह में रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं। निर्माणाधीन एंव संचालित समस्त गौ-आश्रय स्थलों की जांच हेतु तहसीलवार एसडीएम की अध्यक्षता में 07 सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। जिसमें मुख्य पशु चिकित्साधिकारी सदस्य, सम्बन्धित खण्ड विकास अधिकारी सदस्य, सम्बन्धित पशु चिकित्साधिकारी सदस्य, सहायक विकास अधिकारी पंचायत सदस्य, सहायक कार्यक्रम अधिकारी मनरेगा सदस्य तथा क्षेत्रीय राजस्व निरीक्षक, लेखपाल एवं पंचायत सचिव सदस्य होंगे।

जिलाधिकारी ने समिति को निर्देशित किया है कि सभी गौ आश्रय स्थलों अस्थाई और स्थाई, निर्माणाधीन का गहनता पूर्वक निरीक्षण संपादित कराकर प्रत्येक केंद्र के बारे में विस्तृत निरीक्षण आख्या 1 सप्ताह में उपलब्ध कराएंगे। जिन आश्रय स्थलों पर पशुओं के रहने, उनके चारा पानी, वैक्सीनेशन आदि के संबंध में समस्या पाई जाती है तो उनका तत्काल समाधान भी कराया जाएगा। इस कार्य में किसी भी दशा में शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी।

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