खतरे से 48 सेंटीमीटर ऊपर बह रही घाघरा नदी:चार घर नदी में समाए, कई बीघा फसल डूबी; नेपाल से छोड़ा गया 4 लाख क्यूसेक पानी

गोंडा3 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

नेपाल द्वारा छोड़े गए चार लाख 57 हजार 85 क्यूसेक पानी से तरबगंज तहसील के दर्जनों गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। खतरे के निशान से आज 48 सेंटीमीटर ऊपर घाघरा नदी बह रही है। वहीं ऐली परसोली में बिशुन पुरवा के सामने भिखारीपुर सकरौर तटबंध को बचाने के लिए बनाई गई सुरक्षा दीवार का दूसरा हिस्सा भी नदी में समा गया।

बिहारी पुरवा में चार और घर कटान की भेंट चढ़ गए। घाघरा नदी खतरे के निशान से ऊपर पहुंच चुकी है जो माझा वासियों की बेचैनी बढ़ा रही है। ऐली परसोली में घाघरा ने अपना तांडव शुरू कर दिया है। भिखारीपुर सकरौर तटबंध पर संकट के बादल तो मंडरा ही रहे हैं। वहीं बिहारी पुरवा में चार लोगों राकेश, राम मलन,रामभवन व किशन का आशियाना कटान की भेंट चढ़ गया।

चार लाख 57 हजार 85 क्यूसेक पानी छोड़ा गया
आज रविवार को सुबह 8 बजे नेपाल द्वारा चार लाख 57 हजार 85 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद प्रशासन ने सभी बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया है। तेजी से बढ़ते जलस्तर के बीच ऐली परसोली के बिहारी पुरवा में कटान जारी है और माझा वासियों में दहशत का माहौल है। भीषण बाढ़ की आशंका के मद्देनजर लोग सशंकित दिख रहे हैं।

अचानक पानी बढ़ने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
अचानक पानी बढ़ने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया गया
परिवार के जीविकोपार्जन के साथ ही मवेशियों के चारे की समस्या को लेकर चितिंत भी हैं। लेखपाल अंकित कुमार बाढ़ चौकी पर मौजूद मिले। उन्होंने बताया कि उच्चाधिकारियों को सूचना दी गई है। इस बाबत तहसीलदार तरबगंज डॉ पुष्कर मिश्रा ने बताया कि बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया गया है। कटान पीड़ितों को सहायत पहुंचाई जा रही है।

खबरें और भी हैं...