गोंडा में घाघरा का जलस्तर बढ़ा:खतरे के निशान से 50 सेंटीमीटर ऊपर पहुंचा पानी, डूबने लगे आसपास के गांव

गोंडाएक महीने पहले
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घाघरा के कैचमेंट वाले इलाकों में हो रही बरसात के चलते घाघरा से जुड़े गिरिजा, शारदा व सरयू बैराज उफान पर है। - Dainik Bhaskar
घाघरा के कैचमेंट वाले इलाकों में हो रही बरसात के चलते घाघरा से जुड़े गिरिजा, शारदा व सरयू बैराज उफान पर है।

गोंडा में घाघरा का जलस्तर एक बार फिर खतरे के निशान से 50 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। बेमौसम हुई बरसात ने आसपास के गांव के लोगों की चिंता बढ़ा दी है। पानी इनके घरों में घुसने लगा है। बाढ़ आने का खतरा भी मंडराने लगा है।

पलायन की स्थिति
लगातार घाघरा का जलस्तर बढ़ने से बांध पर बसे लोगों व बांध के किनारे वाले गांवों में पलायन की स्थिति बन गई है। नेपाल की पहाड़ियों व उत्तराखण्ड में हुई भारी बरसात सहित घाघरा के कैचमेंट वाले इलाकों में हो रही बरसात के चलते घाघरा से जुड़े गिरिजा, शारदा व सरयू बैराज उफान पर है। जिससे इन बैराजों से घाघरा में पानी छोड़े जाने का क्रम लगातार जारी है।

घाघराघाट एल्गिन ब्रिज स्थित केन्द्रीय जल आयोग संस्थान से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, सुबह 6 बजे जहां घाघरा खतरे के निशान से 25 सेंटीमीटर नीचे थी तो वहीं आठ बजते बजते जल स्तर बढ़कर खतरे के निशान से मात्र एक सेंटीमीटर नीचे रह गया। धीरे-धीरे बढ़ता ही चला गया। इसी दौरान गिरजा, शारदा व सरयू बैराजों का कुल डिस्चार्ज 6 लाख 83 हजार 922 क्यूसेक दर्ज किया गया। जिसमें अकेले गिरजा बैराज से ही 4 लाख 70 हजार 800 क्यूसेक का डिस्चार्ज हो रहा है। वहीं, शारदा बैराज से 2 लाख 5 हजार 177 क्यूसेक का डिस्चार्ज जारी है।

बाढ़ की निगरानी में टीमें
अभियंताओं की टीमें बांध की निगरानी में लगाई गई हैं। जो खतरे का आंकलन करके उच्चाधिकारियों को अवगत करा रही हैं। बांध और नदी के बीच में बसे नकहरा, मांझारायपुर, नैपुरा व परसावल जैसे गांवों के लोग एक बार फिर बांध पर पलायन को मजबूर हो गए हैं। जानकारों का कहना है कि अभी आने वाले कुछ दिन यह समस्या बनी रहेगी। अभी घाघरा का जलस्तर खतरे के निशान से करीब एक मीटर ऊपर जाने की आशंका जताई जा रही है।

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