पाले से फसलों को कैसे बचाएं:गुनगुने पानी से करें फसल पर छिड़काव, वैज्ञानिक डॉ अजित कुमार श्रीवास्तव, डॉ राहुल ने बताए कई उपाय

कैम्पियरगंज, गोरखपुर7 महीने पहले
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पाला से रबी फ़सलों को बचाने के लिए करे उपाय जनवरी माह में पाला की प्रबल सम्भावना को देखते हुए महायोगी गोरखनाथ कृषि विज्ञान केंद्र के प्रसार वैज्ञानिक डॉक्टर राहुल कुमार सिंह एवं उद्यान वैज्ञानिक डॉ अजित कुमार श्रीवास्तव ने बढ़ती ठंड एवं पाले के दुष्प्रभाव से बचाने के लिए किसानों को उपाय बताए।

डॉ राहुल कुमार सिंह के मुताबिक पाला से पौधों की कोशिकाओं में रिक्त स्थानों में जलीय घोल ठोस बर्फ़ में परिवर्तित हो जाता है जिसका घनत्व अधिक होने के कारण पौधों की कोशिकाएं क्षतिग्रस्त हो जाती हैं तथा रंधरावकाश फट कर नष्ट हो जाते हैं।

पाला से फ़सलों के बचाव हेतु फ़सलों में सिंचाई के साथ ही खेत की मेड पर घास फूस इकट्ठा कर धूवां करने से इससे फ़सलों के आसपास का वातावरण गर्म हो जाए।

फ़सलों पर गुनगुने पानी का छिड़काव कर के भी पाले से बचाया जा सकता है। दो व्यक्ति सुबह सुबह रस्सी के दोनो सिरों को पकड़कर फ़सल के एक कोने से दूसरे कोने को हिलाते रहें, जिससे फ़सल पर पड़ी ओस गिर जाती है तथा फ़सल पाले से बच जाती है।

डॉ0 अजित कुमार श्रीवास्तव के मुताबिक पाला के दिनो में यूरीया की 20 ग्राम मात्रा प्रति लीटर पानी के साथ घोल बनाकर छिड़काव करना चाहिए अथवा थायो यूरिया की 500 ग्राम मात्रा एक हज़ार लीटर पानी में घोल बनाकर 15-15 दीनो के अंतराल पर छिड़काव करें। ऐसा करने से पौधे की कोशिकाओं में उपस्थित जिवद्रव्य का तापमान बढ़ जाता है जिससे वह जमने नहि पाता तथा फ़सल पाले से बच जाती है।