गोरखपुर में फिर टूटा कोरोना का रिकार्ड:थर्ड वेव में पहली बार मिले 106 संक्रमित, SDM सदर और 4 डॉक्टर मिले पॉजिटिव; 253 हुई एक्टिव मरीजों की संख्या

गोरखपुर11 दिन पहले
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संक्रमितों में एसडीएम सदर, एम्स के एक, बीआरडी मेडिकल कॉलेज के तीनडॉक्टर समेत, सात किशोर शामिल हैं। - Dainik Bhaskar
संक्रमितों में एसडीएम सदर, एम्स के एक, बीआरडी मेडिकल कॉलेज के तीनडॉक्टर समेत, सात किशोर शामिल हैं।

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में भी कोरोना संक्रमण के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। एक सप्ताह के अंदर कोरोना मरीजों की संख्या 100 के पार पहुंच गई है। शुक्रवार को कोरोना के 106 नए मरीज मिले हैं। संक्रमितों में एसडीएम सदर, एम्स के एक, बीआरडी मेडिकल कॉलेज के तीनडॉक्टर समेत, सात किशोर शामिल हैं।

इसके बाद से एक्टिव केस का आंकड़ा 147 से बढ़कर 253 पहुंच गया है। चिंता की बात यह है कि इसमें 90 प्रतिशत लोग कांटेक्ट ट्रेसिंग की वजह से कोरोना संक्रमण का शिकार हुए हैं। जबकि कई मरीजों की ट्रेवेल हिस्ट्री है। सभी का होम आइसोलेशन में इलाज चल रहा है।

7 बच्चे भी मिले संक्रमित
वहीं, संक्रमितों में एम्स के डॉक्टर समेत उनके घर के दो सदस्य, 15 से 17 साल के सात किशोर, बीआरडी मेडिकल कॉलेज के दो डॉक्टर समेत उनके परिवार के चार लोग शामिल हैं। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के चार कर्मी, जिला कारागार का एक कर्मी, गोला सीएचसी का एक कर्मी, 93 साल का एक बुजुर्ग, बशारतपुर की एक महिला अपने सात साल के बेटे के साथ संक्रमित मिली हैं।

शहर में मिले 91 पॉजिटिव
इनके अलावा तारामंडल में एक ही परिवार के दो लोग, आवास विकास कॉलोनी में एक ही परिवार के तीन लोग संक्रमित मिले हैं। सीएमओ डॉ आशुतोष कुमार दूबे ने बताया कि संक्रमितों में 91 गोरखपुर शहर के रहने वाले हैं। जबकि 15 संक्रमित ग्रामीण क्षेत्रों के रहने वाले हैं। इन संक्रमितों के मिलने के बाद से जिले में संक्रमित मरीजों की संख्या पहली और दूसरी लहर मिलाकर 59694 हो गई है। इसमें 58593 लोग स्वस्थ्य हो चुके हैं। 848 की मौत हो चुकी है। एक्टिव केस 253 पहुंच गया है। अपील की है कि लोग कोविड प्रोटोकॉल का पालन करें।

पिछले साल 27 मई को मिले थे 106 केस
इस बार कोरोना संक्रमण की रफ्तार काफी तेज है। दूसरी लहर में संक्रमितों की संख्या 106 पहुंचने में करीब दो माह से अधिक का माह का समय लग गया था। पिछले साल 27 मई को 106 कोरोना संक्रमित मिले थे। जबकि इस बार यह आंकड़ा पहुंचने में महज सात दिन लगा है। दूसरी लहर की शुरुआत पिछले साल 15 मार्च के बाद शुरू हुई थी, जो धीरे-धीरे बढ़ती चली गई। मई और जून में हालात बिगड़ गए थे।

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