ऑटोमोबाइल इंडस्‍ट्री की लॉकडाउन में मनी दीवाली:गोरखपुर में कोरोना कर्फ्यू में 13500 लोगों ने खरीदी गाड़ियां, फाइनेंस कंपनियों से लिया 67 करोड़ रुपए का कर्ज

गोरखपुर7 महीने पहले
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उत्तर प्रदेश के गोरखपुर मंडल में कोरोना कर्फ्यू में जहां सैलून से लेकर पाचूर्न तक बाजार दुकानें बंद रहीं, वहीं ऑटोमोबाइल इंडस्‍ट्री में के लिए यह आपदा अवसर में साबित हुआ। इनका कारोबार लॉकडाउन में भी अच्‍छा-खासा चलता रहा। यह जानकर हैरानी होगी कि इस दौरान गोरखपुर मंडल के चारों जिलों में 13,500 लोगों ने भले ही सरकारी कोटे की लाइन में लगकर राशन मुफ्त लिया हो, लेकिन हाथ तंग होने के बाद भी 67.50 करोड़ का कर्ज लेकर उन्होंने गाड़ियां खरीद डाली। यह कर्ज ग्राहकों को फाइनेंस कंपनियों ने उपलब्‍ध कराए। संकट काल में जोखिम, मांग व कारोबार के बारे में स्‍थापित धारणा के उलट यह एक चौंकाने वाला तथ्‍य है कि इस महीने जब शहर से लेकर गांवों तक गाड़ियों के सभी शोरूम पर ताला लटक रहा था। तब बैक डोर से लोगों ने नई गाड़ियों की खरीदारी इतनी बड़ी संख्‍या में कर डाली।

शटर रहा डाउन, घर आती रही चमचमाती बाइक्स
दरअसल तीन मई को कोरोना कर्फ्यू में शोरूम का शटर डाउन व कैश काउंटर बंद हो गया। बावजूद इसके लोगों के घर में चमचमाती नई बाइक्‍स पहुंचती रहीं वो भी लोन पर। सरकारी-गैर सरकारी बैंकों ने उतनी रुचि नहीं दिखाई तब प्राइवेट फाइनेंसर आगे आए। उनके लिए यह आपदा अवसर में तब्‍दील हो गई और धंधा चल पड़ा। मंडल में चार निजी फाइनेंस कंपनियों ने लॉकडाउन में दिवाली मनाने के साथ ही बेहतर कारोबार इस महिने किया है।

कर्मचारियों को दिया गया था टार्गेट
एक निजी फाइनेंस कंपनी के अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि सभी कर्मचारियों को हर महीने टार्गेट दिया जाता है। टार्गेट एचीव होने पर ही उन्हें इन्सेटिव वे वेतन मिलता है। ऐसे में लॉकडाउन में उन्होंने घर बैठे ही फाइनेंस की सुविधा जरुरतमंदों को मुहैया कराई। सभी जनपदों में शो-रुम मालिकों ने भी फाइनेंस कंपनियों का साथ दिया। शोरुम का शटर आगे से भले ही बंद रहा। लेकिन बैकडोर से गाड़िया निकलती रही।

13500 ने जमा किया 27 करोड़ डाउनपेमेंट
गोरखपुर मण्डल के 13500 लोगों ने बाइक्स खरीदने के लिए सिर्फ 67.50 करोड़ का कर्ज ही नहीं लिया है। इन सभी ने करीब 27 करोड़ रुपये भी खर्च किए है। यह रकम शो-रुम में डाउनपेमेंट के तौर पर जमा की है। इतना पैसा आखिर लोगों के घर में ही रखा था। जिसे लोगों ने तंगहाली में खर्च कर अपनी जरुरत पूरा की है।

इंश्योरेस कंपनियों ने भी किया 6.75 करोड़ का कारोबार
गोरखपुर मण्डल के चारों जिलो में बाइक इंश्योरेंस के सेक्टर में काम करने वाली इंश्योरेस कंपनियों ने भी कोरोना कर्फ्यू काल में बेहतर कारोबार की है। फाइंनेस के माध्यम से 13500 बाइक्स इंश्योरेस के साथ ही बिकी है। फाइनेंस कंपनियों ने इंश्योरेस की रकम भी फाइनेंस की है। ऐसे में इंश्योरेस कंपनियों ने भी करीब 6.75 करोड़ का कारोबार की है। यह आकड़ा भी चौकाने वाला है। एक इंश्योरेस कंपनी के कर्मचारी ने बताया कि फाइनेंस कंपनी के लड़के हमारे टच में रहते है। वे बाइक्स फाइनेंस होते ही हमारे पास डाक्यूमेंट भेज देते है। हम औपचारिकता पूरी कर उसी दिन बाइक्स का इंश्योरेंस कर देते है। अब 5 साल के लिए इंश्योरेंस होता है। इसमें एक साल फूल इंश्योरेस व अगले चार साल तक थर्ड पार्टी इंश्योरेस होता है। औसतन प्रति बाइक्स 5 हजार रुपये खर्च आता है।

इन जिलों में फाइनेंस पर बिकी इतनी गाड़ियां

जिलागाड़ियां
गोरखपुर6250
देवरिया2585
महराजगंज2155
कुशीनगर2510
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