गोरखपुर में शराब माफिया पर लगेगा रासुका:चुनाव में तस्करों पर नकेल कसने की तैयारी, 5652 शराब कारोबारियों पर एक्शन

गोरखपुर7 महीने पहले
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गोरखपुर जोन के गोरखपुर, देवीपाटन और बस्ती रेंज की तो इस वर्ष 2021 में 13077 लोगों पर कार्रवाई हुई है। - Dainik Bhaskar
गोरखपुर जोन के गोरखपुर, देवीपाटन और बस्ती रेंज की तो इस वर्ष 2021 में 13077 लोगों पर कार्रवाई हुई है।

उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए तमाम तरह के कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में अब कच्ची शराब के धंधेबाजों और शराब माफियाओं, शराब तस्करों पर रासुका राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए डीएम गोरखपुर विजय किरन आनंद ने मातहतों को आदेश दिया है।

डीएम के आदेश पर कुछ धंधेबाजों, माफियाओं व शराब तस्करों को आबकारी व पुलिस विभाग की ओर से चिन्हित भी किया गया है और अभी चिन्हित करने का काम जारी है। करीब 273 शराब माफिया चिन्हित भी हो चुके हैं। इनमें से अधिकांश वे हैं जो गैंग बनाकर बाहर से शराब की तस्करी करते हैं और नकली शराब बनाते हैं। उनके खिलाफ कई मुकदमे हैं।

चुनाव को लेकर हुई सख्ती
यह इस लिए किया जा रहा है कि विधान सभा चुनाव में कोई खलल न पड़े। अक्सर चुनाव में खुलेआम कच्ची शराब पिलाई जाती है जिससे मारपीट आदि की घटनाएं बढ़ जाती हैं। साथ ही कई बार चुनाव के दौरान जहरीली शराब से कई लोगों की मौत की घटनाएं हो चुकी हैं। इसे रोकने के लिए अभी हाल ही में एसीएस गृह ने निर्देश जारी किया था। इसके बाद गोरखपुर में कड़ाई की जाएगी।

अब तक लगता था गैंगस्टर
हालांकि पहले कच्ची शराब के कारोबारियों पर कार्रवाई के लिए कोई गंभीर धारा नहीं थी। जिससे उनकी खड़े खड़े जमानत हो जाती थी। पुलिस 10 लीटर शराब के साथ पकड़ती थी और 60 आबकारी अधिनियम में चालान कर देती थी। जिससे उनकी जल्दी से जमानत हो जाती थी। लेकिन सीएम योगी आदित्यनाथ ने सरकार बनने के बाद गैंगस्टर लगाने का निर्देश दिया था। जिसके बाद कई कच्ची शराब माफियाओं के खिलाफ गैंगस्टर के तहत भी कार्रवाई हुई। इसमें पेशेवर शराब तस्कर, कच्ची शराब माफिया, नकली शराब बनाने वालों पर कार्रवाई हुई। उनकी संपत्ति भी जब्त हुई। लेकिन अभी भी अधिकांश थानों की पुलिस 60 आबकारी अधिनियम में ही कार्रवाई करती है।

रासुका लगने के बाद टूटेगी कमर
अब रासुका लगने के बाद कच्ची शराब व नकली शराब के माफियाओं की कमर टूटेगी। क्योंकि अधिकांश धंधेबाज गैंगस्टर लगने और उनकी संपत्ति जब्त होने के बाद से परेशान हैं। अब रासुका जैसी कार्रवाई के डर से वे इस धंधे को छोड़ेंगे ऐसा प्रशासन को उम्मीद है।

चुनाव में शराब से कई की हो चुकी है मौत
गोरखपुर में जहरीली कच्ची शराब से पूर्व में कई लोगों की मौत की घटनाएं हो चुकी है। 2015 के पंचायत चुनाव में जहरीली कच्ची शराब पीने से 4 लोगों की मौत हुई थी। वहीं 2019 में कुशीनगर में जहरीली शराब से 5 लोगों की मौत हुई थी। इस पर लगाम लगाने के लिए अब रासुका लगाने की तैयारी की जा रही है।

10 वर्षों का खंगाला जा रहा रिकार्ड
डीएम के निर्देश पर बीते 10 वर्षों का रिकार्ड खंगाला जाएगा। इन 10 सालों में जो भी शराब तस्करी व कच्ची शराब के पेशेवर धंधेबाजों पर जो मुकदमें दर्ज हुए हैं उनके आरोपितों की निगरानी कर उन्हें चिन्हित किया जा रहा है। अगर अब भी वे इस धंधे में लिप्त हैं तो उनपर रासुका की कार्रवाई की जाएगी।

रेंज में 5652 पर हुई है आबकारी अधिनियम की कार्रवाई
गोरखपुर रेंज यानी गोरखपुर, महराजगंज, कुशीनगर व देवरिया पुलिस ने वर्ष 2021 में 15 दिसंबर तक 5652 धंधेबाजों पर आबकारी अधिनियम की कार्रवाई की है। वहीं 2020 में 6581 तो 2019 में 5281 लोगों पर कार्रवाई हुई थी। अकेले गोरखपुर जिले में इस वर्ष 1248 पर आबकारी अधिनियम की कार्रवाई हुई है। वहीं गोरखपुर जिले में 2020 में 1907 व 2019 में 1300 पर कार्रवाई हुई थी। बात करें गोरखपुर जोन के गोरखपुर, देवीपाटन व बस्ती रेंज की तो इस वर्ष 2021 में 13077 लोगों पर कार्रवाई हुई है।

चिन्हित कर लगाया जाएगा रासुका
डीएम विजय किरण आनंद ने बताया कि ​कच्ची शराब एक बड़ी समस्या है। इससे चुनाव में भी खलल पड़ता है। वहीं राजस्व को भी क्षति पहुंचती है। इस पर लगाम लगाने के लिए अब रासुका लगाने का निर्देश दिया गया है। ​पेशेवर कच्ची शराब के धंधेबाजों व नकली शराब माफियाओं को चिन्हित किया जा रहा है। इसके बाद उन पर कार्रवाई की जाएगी।

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