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कुशीनगर में नारायणी नदी उफान पर:नेपाल में बारिश के चलते बाल्मीकि नगर बैराज से नदी में छोड़ा 3.38 लाख क्यूसेक पानी, बाढ़ का खतरा मंडराया

कुशीनगर3 महीने पहले
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नेपाल देश की पहाड़ियों पर निरंतर हो रही बरसात से नारायणी नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। बाल्मीकि नगर बैराज ने कई बार पानी का डिस्चार्ज किया। - Dainik Bhaskar
नेपाल देश की पहाड़ियों पर निरंतर हो रही बरसात से नारायणी नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। बाल्मीकि नगर बैराज ने कई बार पानी का डिस्चार्ज किया।

बाल्मीकि नगर बैराज से मंगलवार की सुबह अत्याधिक मात्रा में पानी का डिस्चार्ज होने से कुशीनगर की नारायणी नदी उफान पर है। अब नदी के उफान पर होने से किनारे बसे गांवों के लोगों को बाढ़ का खतरा सता रहा है। चार विभागीय अभियंता की टीम पानी के बढ़े जल स्तर का आंकलन कर रही है।

लगातार हो रही बारिश से बढ़ा जल स्तर
नेपाल देश की पहाड़ियों पर निरंतर हो रही बरसात से नारायणी नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। बाल्मीकि नगर बैराज ने कई बार पानी का डिस्चार्ज किया। पहली बार 6 बजे 99 हजार 664 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज किया। वही दूसरी बार 12 बजे 1 लाख 83 हजार 400 क्यूसेक और शाम 6 बजे 2 लाख 10 हजार 900 क्यूसेक छोड़ा गया। जबकि, देर रात 9 बजे तक नारायणी में पानी डिस्चार्ज 3 लाख 38 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है जिससे, नारायणी नदी उफान पर आ गई।

इन गांव पर मंडरा रहा बाढ़ का खतरा
नारायणी नदी के के उफान पर होने से किनारे बसे गांवों पर अब बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। बाल्मीकि नगर बैराज से छितौनी वगहा रेलपुल तक पानी के पहुंचने में करीब 8 घंटे का समय लगता है जिससे, नारायणी नदी के किनारे बसे गांव सालिगपुर, महदेवा, नारायणपुर, शिवपुर, मरिचहवा सहित अन्य गांव में पानी के पहुंचने का डर है। तो वही, छितौनी बांध पर पानी का दबाव पड़ने की संभावना बन रही है।

अभियंता छितौनी बांध पर कर रहे आंकलन
सहायक अभियंता बाढ़खंड राजेंद्र पासवान का कहना है कि नदी के जल स्तर की जांच करने के लिए अभियंताओं की टीम भेजी गई है। छितौनी बांध पर 4 अभियंता लगे हुए हैं जो पानी की स्थिति का आंकलन कर रहे हैं। इतने डिस्चार्ज पर बांध को कोई खतरा नहीं है।

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