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मनीष गुप्ता हत्याकांड...गोरखपुर में SIT के 48 घंटे:5 सीन रिक्रीएशन और 9 लोगों के बयान से सुलझने लगी मौत की गुत्थी; SIT का इशारा मिलते ही गिरफ्तारी के लिए पड़ने लगी दबिश

गोरखपुर7 महीने पहले
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टीम का इशारा मिलते ही अब तक आरोपितों को बचाने वाली पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए ताबड़तोड़ दबिश भी देने लगी। - Dainik Bhaskar
टीम का इशारा मिलते ही अब तक आरोपितों को बचाने वाली पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए ताबड़तोड़ दबिश भी देने लगी।

कानपुर के प्रापर्टी डीलर मनीष गुप्ता हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने शनिवार की दोपहर में कानपुर से गोरखपुर आई SIT ने बीते 48 घंटों में इस वारदात से जुड़ी लगभग मौत की गुत्थी सुलझा ली है। गोरखपुर में 48 घंटों के दौरान SIT ने 5 जगहों पर सीन रिक्रीएशन और 9 लोगों के बयान दर्ज कर आरोपित पुलिस वालों की गिरफ्तारी का भी इशारा कर दिया है। उधर, टीम का इशारा मिलते ही अब तक आरोपितों को बचाने वाली पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए ताबड़तोड़ दबिश भी देने लगी। ऐसे में उम्मीद है कि जल्द ही इस वारदात से जुड़ा बड़ा राजफाश हो सकता है।

सोमवार को मनीष गुप्ता के स्थानीय दोस्त चंदन सैनी, राणा प्रताप चंद्र और धनंजय त्रिपाठी सहित कुल 9 लोगों का यहां बयान दर्ज हुआ।
सोमवार को मनीष गुप्ता के स्थानीय दोस्त चंदन सैनी, राणा प्रताप चंद्र और धनंजय त्रिपाठी सहित कुल 9 लोगों का यहां बयान दर्ज हुआ।

पहले दिन पड़ताल, दूसरे दिन दर्ज हुआ बयान
रविवार की रात एक बजे तक SIT ने मौका-ए वारदात से लेकर रामगढ़ताल थाना, मानसी हास्पिटल और मेडिकल कालेज और होटल से अस्पताल तक का सीन रिक्रीएट करने के साथ ही दस्तावेजों के आधार पर पड़ताल किया। इसके साथ ही सोमवार से घटना से संबंधित लोगों का टीम ने बयान दर्ज करना शुरू किया। सोमवार को मनीष गुप्ता के स्थानीय दोस्त चंदन सैनी, राणा प्रताप चंद्र और धनंजय त्रिपाठी सहित कुल 9 लोगों का यहां बयान दर्ज हुआ।

घटना के वक्त मनीष के गुड़गांव से आए दोस्तों को भी बयान दर्ज करने के लिए बुलाया गया है।
घटना के वक्त मनीष के गुड़गांव से आए दोस्तों को भी बयान दर्ज करने के लिए बुलाया गया है।

हरबीर और प्रदीप को भी SIT ने बुलाया
मंगलवार को भी यह सिलसिला फिलहाल जारी रहेगा। जबकि घटना के वक्त मनीष के गुड़गांव से आए दोस्तों को भी बयान दर्ज करने के लिए बुलाया गया है। हालांकि टीम ने मनीष के दोस्तों को कहा है कि पहले वे कुछ दिन आराम कर इस वारदात से लगे सदमे से खुद को बाहर कर लें, फिर आराम से कभी भी आकर अपना बयान दर्ज करा सकते हैं। उनके आने पर अगर टीम गोरखपुर होगी तो यहां अन्यथा कानपुर में उनके बयान दर्ज किए जाएंगे।

इंस्पेक्टर जेएन सिंह सहित अन्य आरोपितों की तलाश भी अब तेज हो गई है।
इंस्पेक्टर जेएन सिंह सहित अन्य आरोपितों की तलाश भी अब तेज हो गई है।

SIT की रिपोर्ट के साथ हो सकती है गिरफ्तारी
उधर, इंस्पेक्टर जेएन सिंह सहित अन्य आरोपितों की तलाश भी अब तेज हो गई है। SIT की जांच और विवेचना की कार्रवाई के बीच कानपुर और गोरखपुर की कुछ टीमें आरोपितों की तलाश में लगी है। अधिकारियों की मंशा है कि एक तरफ जांच पूरी हो और दूसरी तरफ आरोपित भी दबोच लिए जाएं जिससे कि बाद में आरोपितों के फरार होने को लेकर फजीहत हो सके। खबर यह भी है कि वारदात से जुड़े कुछ अज्ञात पुलिसकर्मियों को हिरासत में भी लिया गया है। हालांकि फिलहाल इसकी पुष्टि नहीं हुई है।

एक-एक व्यक्ति के बयान में घंटो समय लगा है और शाम तक 9 लोगों के बयान दर्ज किए गए।
एक-एक व्यक्ति के बयान में घंटो समय लगा है और शाम तक 9 लोगों के बयान दर्ज किए गए।

4 घंटे में दर्ज हुआ मनीष के दोस्तों का बयान
SIT टीम के अफसर सर्किट हाउस में ही मौजूद रहे। जांच टीम अलग-अलग लोगों से पूरे दिन बयान दर्ज करती रही। एक-एक व्यक्ति के बयान में घंटो समय लगा है और शाम तक 9 लोगों के बयान दर्ज किए गए। चंदन सैनी, धनंजय और राणा चंद का दिन में 1.30 बजे से लेकर शाम 5.30 बजे तक एक साथ बयान दर्ज किया गया।

चंदन सैनी ने ही मनीष और उनके साथियों को होटल में ठहराया था। वहीं, धनंजय और राणा चंद भी 27 सितम्बर की दोपहर 12 बजे से रात में करीब 11 बजे तक उनके साथ थे। सभी ने मोहददीपुर में अदालत के ढाबा पर मटन खाया था और उससे पहले रामगढ़ झील के किनारे नौकायन केन्द्र सहित अन्य स्थानों पर घूमे थे।

चंदन व अन्य दोस्तों को किसी अनहोनी का आशंका हुई हरबीर और प्रदीप से बात होने पर पता चला कि मनीष को चोट लगी है।
चंदन व अन्य दोस्तों को किसी अनहोनी का आशंका हुई हरबीर और प्रदीप से बात होने पर पता चला कि मनीष को चोट लगी है।

चंदन को रास्ते में आया था दरोगा का फोन
रात में जब वे अपने गांव सिकरीगंज के पास पहुंचने वाले थे, तभी उनके पास दरोगा अक्षय मिश्र का फोन आया था और उसने यह जानने की कोशिश की थी कि होटल में ठहरे लोग उनके परिचित हैं या नहीं। उसके बाद चंदन व अन्य दोस्तों को किसी अनहोनी का आशंका हुई हरबीर और प्रदीप से बात होने पर पता चला कि मनीष को चोट लगी है और पुलिसवाले उन्हें लेकर कहीं गए हैं।

उनका पता नहीं चल रहा है। तीनों दोस्त रात में ही वापस आए और मेडिकल कालेज पहुंचे तो उन्हें उनके दोस्तों ने पुलिस की बर्बता बताई। अन्य दोस्तों घटना के बाद हरबीर और प्रदीप के साथ पूरे वक्त तक मौजूद रहे। इसके अलावा कुछ पुलिस कर्मियों और होटल के स्टाफ को भी बुलाया गया था।

टीम ने यह भी जानने की कोशिश की कि होटल से मानसी और मानसी हास्पिटल से बीआरडी तक आने में कितना समय लगता है।
टीम ने यह भी जानने की कोशिश की कि होटल से मानसी और मानसी हास्पिटल से बीआरडी तक आने में कितना समय लगता है।

होटल से अस्पताल पहुंचने की निकाली गई टाइमिंग
वहीं इससे पहले रविवार की रात में 12 बजे के बाद SIT बीआरडी मेडिकल कालेज गई थी। उससे पहले मानसी हास्पिटल भी आई थी। रात के वक्त की वीडियो ग्राफी कराने के साथ ही अन्य जानकारी जुटाने के लिए करीब पौने एक बजे तक टीम यहां मौजूद रही। इस दौरान टीम ने यह भी जानने की कोशिश की कि होटल से मानसी और मानसी हास्पिटल से बीआरडी तक आने में कितना समय लगता है। इसी के साथ होटल और मानसी हास्पिटल के सीसी कैमरे के डीवीआर की टाइमिंग की भी टीम ने जांच की है।

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