गोरखपुर STF ने दबोचा इंटरनेशनल तस्कर:नेपाल से मंगाकर कानपुर भेजी जानी थी चरस की खेप, 70 लाख की चरस भी बरामद

गोरखपुर8 महीने पहले
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टीम ने उसके पास से 72 किलोग्राम चरस बरामद किया है। जिसकी कीमत अंतराष्ट्रीय मार्केट में 70 लाख रुपए बताई जा रही है। - Dainik Bhaskar
टीम ने उसके पास से 72 किलोग्राम चरस बरामद किया है। जिसकी कीमत अंतराष्ट्रीय मार्केट में 70 लाख रुपए बताई जा रही है।

STF गोरखपुर यूनिट ने मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले इंटरनेशनल रैकेट के एक कैरियर को गिरफ्तार किया है। उसकी पहचान पश्चिमी चंपारण बिहार के गवनहा बसवरिया निवासी हुसैन अंसारी के रूप में हुई। वह बिहार से शनिवार की शाम गोरखपुर आया था। मुखबिर की सूचना पर टीम ने उसे रेलवे बस स्टैंड के पास से पकड़ लिया। टीम ने उसके पास से 72 किलोग्राम चरस बरामद किया है। जिसकी कीमत अंतराष्ट्रीय मार्केट में 70 लाख रुपए बताई जा रही है। इसके साथ ही टीम ने उसके पास से मोबाइल फोन, पैन कार्ड, आधार कार्ड, निर्वाचन कार्ड, एटीएम कार्ड आदि सामान बरामद किया है।

नेपाल से आती है चरस की खेंप
STF इंस्पेक्टर सत्यप्रकाश सिंह ने बताया कि चरस की खेप नेपाल व बिहार से आती है। इसे कैरियर के जरिए दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद, चेन्नई, कानपुर जैसे बड़े राज्यों व शहरों में पहुंचाया जाता है। आज बरामद हुआ चरस नेपाल से बिहार आई थी, जहां से हुसैन अंसारी उसे गोरखपुर के रास्ते कानपुर ले जा रहा था।

नेपाल में रहने वाले फैयाज ने भेजी थी चरस
STF के मुताबिक मूल रूप से बेतिया बिहार के इनरवा निवासी फैयाज वर्तमान में नेपाल में रहता है। उसी ने अपने गांव के ही मन्नू के जरिए चरस को बनियान के पैकेट में पैक करके बिहार के मरजदवा रेलवे स्टेशन पर भिजवाया था। चरस लेकर पकड़ा गया कैरियर हुसैन अंसारी नरकटियागंज स्टेशन गया और वहां से सुबह करीब 7 बजे सुपर वीवीआईपी बस से गोरखपुर पहुंचा। यहां वह बस बदलने के लिए उतरा और रैन बसेरे के पास से उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

जेल में बंद भाई ने फैयाज से कराया था संपर्क
पकड़े गए हुसैन ने बताया कि उसका भाई हसन अंसारी चरस की तस्करी के आरोप में ही जेल में बंद है। उसी ने उसका परिचय नेपाल में रहने वाले फैयाज से कराया था। हुसैन ने बताया कि इस काम के लिए उसे प्रति खेप 15 हजार रूपये व आने, जाने, खाने का खर्च मिलता था।

कानपुर के पीर मोहम्मद को देनी थी सप्लाई
कैरियर हुसैन असांरी ने STF को बताया कि चरस की खेप उसे कानपुर के झकरकट्टी बस स्टेशन पर पीर मोहम्मद व उसके बेटे महमूद को देना था। पीर मोहम्मद बस स्टेशन के पास ही रहता है। हुसैन इससे पहले भी पीर मोहम्मद के पास चरस की खेप कई बार पहुंचा चुका है। पीर मोहम्मद का एक बेटा अहमदाबाद में रहता है। उक्त चरस को पीर मोहम्मद व उसका बेटा महमूद उसी के पास भिजवाते हैं। मामले में एसटीएफ इंस्पेक्टर सत्यप्रकाश सिंह ने कैंट थाने में तहरीर देकर केस दर्ज कराया है और पकड़े गए चरस के कैरियर को कैंट पुलिस को सौंप दिया है।

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