मनीष गुप्ता हत्याकांड:आरोपित पुलिस वालों की नहीं हुई पेशी, वकील संग CBI कोर्ट पहुंची मीनाक्षी ने दी कोर्ट को दी दिल्ली ट्रायल होने की जानकारी

गोरखपुर7 दिन पहले
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इस मामले के विवेचक CBI इंस्पेक्टर विवेक श्रीवास्तव अपनी टीम के साथ लखनऊ के CBI कोर्ट पहुंचे और कोर्ट को मामले से अवगत भी कराया। - Dainik Bhaskar
इस मामले के विवेचक CBI इंस्पेक्टर विवेक श्रीवास्तव अपनी टीम के साथ लखनऊ के CBI कोर्ट पहुंचे और कोर्ट को मामले से अवगत भी कराया।

कानपुर के प्रापर्टी डीलर मनीष गुप्ता की हत्या में आरोपित 6 पुलिसवालों की गुरुवार को किसी भी कोर्ट में पेशी नहीं हुई। माना जा रहा है कि अब लखनऊ CBI कोर्ट में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए पेशी होगी मगर जेल प्रशासन से इसके लिए संपर्क ही नहीं किया गया। उधर, पेशी की समय सीमा समाप्त होने के बाद गोरखपुर जेल प्रशासन ने गोरखपुर न्यायालय को पत्र लिखकर इसकी जानकरी दी और अपने लिए आगे की गाइड लाइन मांगी है।

वकील के साथ लखनऊ CBI कोर्ट पहुंचीं मीनाक्षी
जबकि इस दौरान इस मामले के विवेचक CBI इंस्पेक्टर विवेक श्रीवास्तव अपनी टीम के साथ लखनऊ के CBI कोर्ट पहुंचे और कोर्ट को मामले से अवगत भी कराया। उधर, मृतक की पत्नी मीनाक्षी गुप्ता भी अपने सुप्रीम कोर्ट के वकील केके शुक्ला के साथ लखनऊ के CBI कोर्ट पहुंची थीं और उन्होंने वकील के माध्यम से कोर्ट को बताया कि इस मामले का ट्रायल सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर दिल्ली में होगा। ऐसे में जल्द ही अब CBI कोर्ट मामले में नई तारीख देगी। नई डेट मिलने के बाद ही आरोपित पुलिस वालों की कोर्ट में पेशी होगी।

पुलिस की पिटाई से हुई थी मनीष की मौत
दरअसल, कानपुर के कारोबारी मनीष गुप्ता की 27 सितंबर 2020 की रात रामगढ़ताल इलाके के होटल कृष्णा पैलेस में पुलिस वालों की पिटाई से मौत हो गई थी। इस केस की जांच पहले SIT कानपुर और बाद में CBI को मिली। CBI ने इंस्पेक्टर जेएन सिंह, सब इंस्पेक्टर अक्षय मिश्रा, विजय यादव, राहुल दुबे और हेड कांस्टेबल कमलेश और कांस्टेबल प्रशांत को हत्या के लिए दोषी मनाते हुए उनके खिलाफ हत्या सहित अन्य धाराओं में आरोपपत्र दाखिल किया। CBI ने अपना आरोपपत्र लखनऊ CBI कोर्ट में 7 जनवरी को दाखिल किया है।

जेल ने कोर्ट से मांगी गा​इडलाइन
वहीं, गोरखपुर सीजेएम कोर्ट ने चार्जशीट दाखिल होने के बाद 13 जनवरी को पेशी के लिए अगली तारीख दी गई थी। गोरखपुर जेल प्रशासन को बताया गया था कि अब अगली पेशी CBI कोर्ट लखनऊ में होगी। लेकिन, बुधवार की शाम तक जेल प्रशासन के पास इन आरोपियों के जेल ट्रांसफर या फिर CBI के रिमांड पर लेकर जाने की कोई चिट्ठी नहीं आई थी। गुरुवार की दोपहर बाद भी जब पुलिसवालों की किसी भी कोर्ट में पेशी नहीं हुई तब जेल प्रशासन ने गोरखपुर न्यायालय को पत्र लिखकर आरोपी पुलिसवालों की पेशी न होने की जानकारी देने के साथ ही आगे के लिए गाइड लाइन मांगी है।

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